जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: लगातार हो रही बारिश के चलते उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नदियां उफान पर हैं। मध्य प्रदेश और पहाड़ी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने शनिवार को विकराल रूप धारण कर लिया। नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण शहर की रफ्तार थम गई। यूपी और एमपी के बीच संपर्क प्रभावित होने के साथ रेलवे ट्रैक धंसने से ट्रेनों का संचालन भी बाधित हुआ है।
चित्रकूट में हाईवे पर आवागमन बंद
मंदाकिनी नदी का पानी शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर कर्वी को जोड़ने वाले पुल के पास पहुंच गया। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पुल पर आवागमन बंद कर दिया। हाईवे बंद होने से कानपुर, प्रयागराज, बांदा और हमीरपुर समेत कई जिलों की ओर जाने वाले तथा मुख्यालय आने वाले करीब 10 से 15 हजार राहगीर रास्ते में फंस गए।
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रामघाट और आरोग्य धाम क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। दोनों इलाके पानी से पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। रामघाट के आसपास करीब 800 दुकानें पानी में डूब गई हैं। कई लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। वहीं, कुछ लोग जरूरी सामान लेकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जा रहे हैं।
चित्रकूट-बांदा मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जलस्तर बढ़ने के कारण सतना जाने वाले मार्ग पर भी आवाजाही रोक दी गई है। सीतापुर शंख चौराहे से वाहनों को आगे नहीं जाने दिया जा रहा। वहीं, मानिकपुर-सतना मार्ग पर कारी बराह पुल टूट गया है।
होटलों में फंसे श्रद्धालु, 50 लोगों का रेस्क्यू
बाढ़ के कारण चित्रकूट के कई होटलों में सैकड़ों श्रद्धालु फंस गए हैं। कुछ लोगों ने खिड़कियों और छतों से वीडियो बनाकर प्रशासन से मदद की अपील की है। प्रशासन और राहत दल लगातार बचाव कार्य में जुटे हैं। गोबरिया क्षेत्र में फंसे करीब 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
प्रयागराज में भी बढ़ा बाढ़ का खतरा
उधर, प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। संगम क्षेत्र स्थित हनुमान जी मंदिर के मुख्य द्वार और कॉरिडोर की दीवारों तक पानी पहुंच गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाते हुए राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
यूपी के 26 जिले बाढ़ की चपेट में
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलिया के बांसडीह विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ और कटान प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने बाढ़ राहत शिविर पहुंचकर प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 1.71 लाख लोग इसकी चपेट में हैं। बाढ़ से 251 गांव प्रभावित हुए हैं, जबकि एक हजार से अधिक लोगों को बाढ़ शरणालयों में रखा गया है। राहत और बचाव कार्यों के लिए प्रदेश में 447 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं।
सीएम योगी ने कहा कि बिजली गिरने या बाढ़ की चपेट में आने से मौत होने पर कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ में गरीब का मकान गिरने पर उसे तत्काल भूमि का पट्टा और आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

