जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के छोटे भाई सुखदीप सिंह सिद्धू को लेकर एक नया मामला सामने आया है। ‘लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल’ नामक संस्था ने मानसा के डिप्टी कमिश्नर और जिला बाल संरक्षण इकाई के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। इसमें करीब ढाई साल के बच्चे की मानसिक स्थिति का आकलन कराने और उसके माता-पिता की काउंसलिंग कराने की मांग की गई है। संस्था ने बच्चे के सार्वजनिक व्यवहार से जुड़ी कुछ घटनाओं पर चिंता जताते हुए अधिकारियों से हस्तक्षेप करने की अपील की है।
17 अक्टूबर को दर्ज कराई गई शिकायत
संस्था की ओर से 17 अक्टूबर को महासचिव और वकील नवकिरण सिंह के माध्यम से शिकायत दी गई। इसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ सार्वजनिक मौकों पर बच्चे को कथित तौर पर हथियार से गोली चलाने जैसे इशारे करते देखा गया है।
शिकायतकर्ता ने किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत मामले की जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही बच्चे के माता-पिता की काउंसलिंग और उसके व्यवहार से जुड़े पहलुओं का आकलन करने का अनुरोध भी किया गया है।
टोरंटो के कार्यक्रम का दिया गया हवाला
शिकायत में 9 अक्टूबर को कनाडा के टोरंटो में आयोजित ‘साइंड टू गॉड वर्ल्ड टूर’ के शुरुआती शो का जिक्र किया गया है। शिकायत के मुताबिक, इस कार्यक्रम के दौरान बच्चे को मंच पर लाया गया था, जहां उसने कथित तौर पर पिस्तौल से गोली चलाने जैसे इशारे किए और गोली चलने की आवाजें निकालीं।
शिकायत में सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो का भी उल्लेख है। संस्था का आरोप है कि इन वीडियो में बच्चे के आसपास मौजूद कुछ लोग उसे इस तरह के इशारे करने के लिए प्रोत्साहित करते नजर आते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या मामले में अधिकारियों के किसी निष्कर्ष की जानकारी सामने नहीं आई है।
बच्चे के मानसिक विकास और सुरक्षा पर जताई चिंता
संस्था का कहना है कि कम उम्र में बार-बार हिंसा से जुड़े संकेतों और व्यवहार के संपर्क में आने से बच्चे के मानसिक एवं सामाजिक विकास पर असर पड़ सकता है। इससे हिंसक व्यवहार को सामान्य मानने की आशंका भी पैदा हो सकती है।
शिकायत में बच्चे की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। इस मामले को सिद्धू मूसेवाला की हत्या की पृष्ठभूमि में भी देखा जा रहा है। गौरतलब है कि गायक की 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले में जवाहरके गांव के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
संस्था ने आशंका जताई है कि बच्चे को गोली चलाने जैसे इशारे करने के लिए सिखाया, प्रोत्साहित या ऐसा करने की अनुमति दी जा रही हो सकती है। हालांकि, यह शिकायत में उठाई गई आशंका है, कोई स्थापित तथ्य नहीं।
संस्था ने की ये मांगें
‘लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल’ ने प्रशासन से कई कदम उठाने का अनुरोध किया है:
जिला बाल संरक्षण इकाई या किसी योग्य बाल परामर्शदाता के माध्यम से बच्चे के माता-पिता की काउंसलिंग कराई जाए।
- बच्चे को इस तरह की कथित गतिविधियों से दूर रखने के लिए उचित निर्देश जारी किए जाएं।
- संबंधित अधिकारियों को निर्देशों के पालन की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी जाए।
- सक्षम अधिकारी कानूनी प्रावधानों के तहत मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करें।
- जिला मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करें कि बाल कल्याण समिति मामले का तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाए।
सजा या कस्टडी बदलना नहीं, बच्चे का हित प्राथमिकता: संस्था
शिकायतकर्ता संस्था ने स्पष्ट किया है कि उसकी मुख्य चिंता बच्चे के कल्याण, मानसिक विकास और सुरक्षा को लेकर है। संस्था के मुताबिक, उसका उद्देश्य किसी को दंडित कराना या बच्चे की कस्टडी में बदलाव करवाना नहीं है।
फिलहाल, शिकायत पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की गई है, इसे लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि और बच्चे के हित में किसी हस्तक्षेप की आवश्यकता का निर्धारण संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही हो सकेगा।

