जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: लालगंज थाना क्षेत्र में भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन एनएच-139डब्ल्यू फोरलेन पर गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। निर्माण कार्य के दौरान एक पुल का भारी-भरकम लॉन्चर अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के समय मौके पर काम कर रहे कई कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए, जिससे छह कर्मचारी घायल हो गए। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
छह घायलों का अस्पताल में कराया गया इलाज
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने घायलों को लालगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में छह घायलों का इलाज किया गया। इनमें दो कर्मचारियों की स्थिति गंभीर बताई गई है। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने दोनों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद घायलों के परिजन और स्थानीय लोगों की भीड़ अस्पताल परिसर में जुट गई।
ग्रामीणों ने किया हंगामा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए और हंगामा करने लगे। ग्रामीणों और घायलों के परिजनों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में काम के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और जरूरी सावधानियां नहीं बरती जा रही थीं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद परियोजना से जुड़े कुछ वरिष्ठ अधिकारी और ठेकेदार मौके से चले गए। इससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया।
पुलिस-प्रशासन ने संभाली स्थिति
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की जानकारी जुटाई।
प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि लॉन्चर गिरने की वजह तकनीकी खराबी थी या निर्माण कार्य के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई।
निर्माण स्थलों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्माण स्थलों पर सुरक्षा ऑडिट, तकनीकी निगरानी और निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी। लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

