- मुरादनगर हादसे के बाद उल्टे पांव गांव को दौड़े अफसर
जनवाणी संवाददाता |
रोहटा: गाजियाबाद के मुरादनगर में हुए श्मशान घाट हादसे के बाद जिले भर के श्मशान घाटों को लेकर अब सर सतर्क हो गए हैं। इसे लेकर सोमवार को सरूरपुर व रोहटा ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारियों ने हाल ही में निर्मित हुए श्मशान घाटों का जाकर मौके पर निरीक्षण किया और उनके निर्माण में लगाई गई सामग्री की गुणवत्ता परखी। जिसके बाद अपनी रिपोर्ट प्रशासन को भेजी गई।
गाजियाबाद के मुरादनगर में शनिवार को श्मशान घाट हादसे को लेकर जिले भर के अफसर चौकन्ना हो गए हैं।इस बड़े हादसे को लेकर जहां शासन से लेकर प्रशासन तक हिल गया है, वहीं अब ऐसे अन्य हादसों को रोकने के लिए अफसर सचेत भी हो गए हैं। सतर्क हुए अफसरों ने अपने मातहतों को गांवों व कस्बों में बने श्मशान घाटों की व्यवस्था देखकर उनकी हालत मौके पर जाकर देखने के बाद उनके निर्माण कार्य में लगाई गई सामग्री की गुणवत्ता परखने की निर्देश दिए।
जिसके बाद सोमवार को रोहटा व सरूरपुर ब्लॉक के खंड विकास अधिकारियों व ग्राम पंचायत अधिकारी ने सभी गांव में मौके पर जाकर श्मशान घाटों की व्यवस्था देखी तथा उनके निर्माण में लगाई गई गुणवत्ता सामग्री को रखते हुए अपनी रिपोर्ट जिले स्तर पर प्रशासन को प्रेषित कर दी।
इस संबंध में बीडीओ अमित कुमार ने बताया कि शमशान घाट घाटों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया तथा उनके निर्माण की व्यवस्था देखें। इस दौरान यह खास बात रही कि कहीं पुराना श्मशान घाट फिलहाल जांच में इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसको लेकर उन्होंने बताया कि कुछ घाटों पर गंदगी जरूर है। फिलहाल कोई जर्जर नहीं नजर आ रहा है। रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही।
गोटका के श्मशाम में हो सकता है मुरादनगर से बड़ा हादसा !
सरूरपुर ब्लॉक के गोटका गांव में बने श्मशान घाट में गाजियाबाद के मुरादनगर से भी बड़ा हादसा होने का पूरा अंदेशा बना हुआ है। श्मशान घाट के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन किसी बड़े हादसे को न्यौता दे सकती है। गोटका गांव के बने श्मशान घाट के मुख्य द्वार पर जहां तैतीस हजार जैसी विद्युत लाइन गुजर रही है तो वहीं श्मशान घाट के अंदर 11000 की खतरनाक टेंशन लाइन गुजर रही है।
जिससे एक चिंगारी यहां मौजूद भीड़ को पल भर में खाक बना सकती है यहा किसी वक्त भी बड़ा हादसा हो सकता है। श्मशान घाट के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन अंतिम संस्कार के वक्त किसी बड़े हादसे को दावत दे सकती हैं। लेकिन, इसे लेकर ने तो ग्राम पंचायत गंभीर है और ना ही अफसरों का ध्यान इस ओर जा रहा है। गाजियाबाद के मुरादनगर से भी बड़े हादसे का अंदेशा बना हुआ है।

