- शामली के पदाधिकारियों ने गाजीपुर बार्डर पर दी आहुति
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: किसान आंदोलन के 42 वें दिन गाजीपुर बॉर्डर पर राष्ट्रीय लोकदल शामली परिवार ने किसानों के इस आंदोलन के समर्थन में और ‘भाजपा सरकार की बुद्धि शुद्धि’ को हवन यज्ञ का आयोजन किया। कांधला ब्लॉक व शामली ब्लॉक से अलग-अलग किसानों ने भारी संख्या में गाजीपुर बॉर्डर के लिए कूच किया ।
जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन ने कहा सरकार को काला कानून वापस लेना होगा अन्यथा किसान सरकार को उखाड़ देंगे। रालोद शामली के वरिष्ठ नेता डॉक्टर विक्रांत जावला ने कहा कि आठ दौर की बातचीत के बाद भी भाजपा सरकार निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है, सरकार की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है।
जलालाबाद के पूर्व चेयरमैन अशरफ अली खान ने कहा इस बिल को सदन के पटल पर रखे बिना कोरोना काल में पास किया गया जो कि बेहद गलत है। पूर्व जिला अध्यक्ष सतवीर पंवार ने कहा 50 से ज्यादा किसान शहीद हो चुके हैं लेकिन सरकार को किसानों की कोई चिंता नहीं। सरकार को किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना चाहिए।
इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष ऋषि राज राझड़, अरविंद पवार, मनोज, योगेश भबीसा, सर्वेस संभालका, एलम के नगर अध्यक्ष सतवीर भोंदा, नीरज भबीसा, सुधीर डांग रोड, रालोद के कांधला ब्लॉक अध्यक्ष विनोद कुमार, कंवरपाल मालेंडी, बिजेंद्र प्रधान, विनोद नाला आदि उपस्थित रहे।

| देशी घी और खाद्य सामग्री लेकर पहंचे किसान भैंसवाल के सभी किसानो की ओर से प्रतिनिधिमंडल देशी घी के कनस्तर, सरसों तेल एवं अन्य खाने-पीने का सामान लेकर गाजीपुर किसान आन्दोलन स्थल पर पहुंचा एवं धरने मे सम्मिलित हुआ। |
तीनों कृषि कानून किसानों की मौत का पैगाम: चौहान
कांधला क्षेत्र के गांव रसूलपुर गुजरान के गोचर कल्याणकारी इंटर कॉलेज में गुरूवार को भाकियू के द्वारा एक पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मैनपाल चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा पास किए गए तीनों कृषि कानून किसानों के लिए मौत का पैगाम है।
जब तक केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी, तब तक किसान आंदोलन करते रहेंगे। भाकियू दिल्ली के चारों और बर्डरों पर आंदोलन कर रहे किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि शीघ्र हीं किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल आंदोलन कर रहे किसानों के लिए सामग्री और अन्य सामान लेकर बर्डरों के लिए रवाना होगा।
पंचायत की अध्यक्षता बाबू ईसम सिंह व संचालन अक्षय चौहान ने किया। पंचायत में राजपाल सिंह, विश्वास, रामपाल, इमरान पूर्व प्रधान, चौनपाल चौहान, रामपाल, मदनपाल, मांगेराम, तेजपाल सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों के किसान मौजूद रहे।
कांधला: ट्रैक्टर परेड को लेकर पुलिस रही अलर्ट
तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर किसानों ने छह जनवरी को कुंडली-मानेसर और पलवल में ट्रैक्टर परेड करने की चेतावनी दी थी, लेकिन मौसम खराब होने के कारण किसानों ने सात जनवरी को परेड करने का ऐलान किया था।
गुरूवार को एसपी सुकीर्ति माधव के आदेश पर थाना प्रभारी निरीक्षक रोजन्त त्यागी भारी पुलिस और पीएसी बल के साथ सुबह सवेरे हीं कस्बे के दिल्ली बस स्टैंड पर पहुंच गए थे। पुलिस ने कस्बे के दिल्ली बस स्टैंड पर वाहनों की सघन चेकिंग की, किसी भी ट्रैक्टर को पुलिस ने दिल्ली की और नहीं जाने दिया। पुलिस ने दिल्ली की और जा रहे भारी वाहनों को कैराना की और निकाला गया।
कांधला: हक की लडाई को सड़कों पर अन्नदाता
गुरूवार को रालोद के दर्जनों कार्यकर्ता कस्बे के भारसी मोड स्थित एक ढाबे में पर एकत्रित हुए। जहां से सभी रालोद कार्यकर्ता प्रदेश महासचिव सतवीर पंवार के नेतृत्व में अपने-अपने वाहनों से गाजीपुर बार्डर के लिए रवाना हुए। रालोद के प्रदेश महासचिव सतवीर पंवार ने कहा कि रालोद का पूर्ण समर्थन आंदोलन कर रहे किसानों के साथ है। उन्होंने कहा कि रालोद के द्वारा किसानों के राहत सामग्री भी भेजी जा रहीं है।
केंद्र सरकार किसानों को परेशानी नहीं समझ रहीं है। सरकार के प्रतिनिधि वातानुकूलित कमरों में बैठे है, जबकि अन्नदाता अपने हकों की लड़ाई को कड़ाके की ठंड में सड़कों पर आकर लड़ रहा है। इस दौरान रालोद के जिला महासचिव अरविंद पंवार, रालोद के वरिष्ठ नेता डाक्टर विक्रांत जावला, पूर्व प्रधान पप्पू, योगेश भभीसा, रविंद्र पंवार, पूर्व प्रधान विनोद सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

ऊन में किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च
केंद्र सरकार द्वारा पारित तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ कस्बा ऊन में ट्रैक्टर मार्च निकाला गया। ट्रैक्टर मार्च जूनियर हाई स्कूल से शुरू होकर कस्बे के मुख्य मार्गो से होता हुआ बाईपास मार्ग से गुजर कर जूनियर हाई स्कूल पर ही समाप्त हुआ।
ट्रैक्टरों पर तिरंगा झंडा लगाकर सैकड़ों किसानों ने दर्जनों ट्रैक्टरों के साथ मार्च निकाला। इससे पूर्व किसानों ने केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए एमएसपी पर कानून बनाने की मांग की तथा चेतावनी दी कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते आंदोलन जारी रहेगा। ट्रैक्टर मार्च में जयदेव, रामपाल, देवेंद्र, राजवीर, पप्पू, जगदीश, रण पाल आदि शामिल रहे।

