जनवाणी सवांददाता |
छुटमलपुर: फतेहपुर थाना क्षेत्र के बुढ्ढाखेड़ा के जंगल में गायब हुआ गुलदार का शावक चौथे दिन भी वन कर्मियों के हत्थे नहीं चढ़ सका है। जबकि छह रेंजरों की अगुवाई में तीन पिंजरों को लगा कर चालीस से भी ज्यादा टीमें रात दिन शावक की तलाश में जुटी हैं।
ग्रामीणों द्वारा एक शावक को पीट पीट कर मार देने के बाद वन विभाग ने एक मादा शावक को पिंजरे में कैद कर लिया था। जिसके बाद डीएफओ रणविजय सिंह और एसडीओ शिवालिक श्वेता सैन भी लगातार मौके पर रह कर मानिटरिंग कर रहे हैं। फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव बुढ्ढाखेड़ा पुंडीर में सोमवार को मादा गुलदार और दो शावकों के देखे जाने के बाद ग्रामीणों ने एक शावक को लाठी डंडों से पीट कर मार डाला था।
इसके बाद हरकत में आए वन विभाग की टीमों ने पिंजरे लगा कर मंगलवार की रात मादा गुलदार को पकड़ने में सफलता पा ली थी। लेकिन अभी उसका एक शावक वन टीमों के हत्थे नहीं चढ़ सका है। पकड़ी गई मादा गुलदार को दो दिन से सामाजिक वानिकी की कैलाशपुर स्थित वन रेंज कार्यालय परिसर में पिंजरे में बंद करके रखा गया है। शावकों के बिछोह के कारण मादा गुलदार अभी भी हिंसक बनी है।
हालांकि उसका स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक है। खेतों में गुम हुए शावक की तलाश के लिए छह रेंजरों नकुड़ के हरिज्ञान सिंह, शिवालिक के मनोज बलूदी, मुजफ्फरनगर के कुलदीप सिंह, मोरना के सिंहराज सिंह, सहारनपुर के उमेश शर्मा की अगुवाई वाली टीमें लगातार खेतों में जाल लगा कर तलाश में जुटी हैं। मौके पर डीएफओ रणविजय सिंह और एसडीओ श्वेता सैन भी लगातार मानिटरिंग कर रही हैं। डीएफओ रणविजय सिंह ने बताया कि शावक की तलाश में रात दिन एक किया जा रहा है।

बताया कि जहां पिंजरे लगे हुए हैं उसके आसपास खेतों में शावक के पैरों के निशान देखे गए हैं हालांकि ऐसा भी हो सकता है कि वह यहां से दूर निकल गया हो। आस पास के गांवों के ग्रामीणों को लगातार जागरुक किया जा रहा है ताकि वे शावक के मिलने पर उसे कोई नुकसान न पहुंचाएं।
उधर इस मामले में दर्ज हुई रिपोर्ट के बाद अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। वन रक्षक की तरफ से एक नामजद सहित 20 अज्ञात के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। थानाध्यक्ष फतेहपुर मनोज चौधरी ने बताया कि जांच की जा रही है। देर शाम कंजरवेटर नरेश कुमार ने भी मौके पर पहुंच कर अधीनस्थों को दिए दिशा निर्देश और स्थिति का जायजा भी लिया गया।

