Friday, April 24, 2026
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कोहरे व ठंड से धीमी पड़ी जिदंगी की रफ्तार

  • घने कोहरे में लाइट जलाकर रेंगते रहे वाहन, थोड़ी देर के लिए निकले सूर्यदेव ने दिलाई ठंड से राहत
  • ठिठुरन बढ़ा सकती है लोगों की दिक्कत, ठंड से बचाव के लिए लोगों ने लिया अलाव का सहारा

जनवाणी संवाददाता |

बागपत: कोहरे व ठंड से जिदंगी की रफ्तार भी धीमी पड़ती जा रही है, क्योंकि पिछले कई दिन से कोहरे व ठंड का कहर जारी है। घने कोहरे में वाहन लाइट जलाकर रेंगते नजर आ रहे है, क्योंकि यदि लाइट बंद कर देते है तो उनकी आंखों के सामने अंधेरा छा जाता था।

शनिवार की सुबह को थोड़ी देर के लिए भगवान सूर्यदेव ने अपने दर्शन दिए, जिससे ठंड से थोड़ी राहत मिली, लेकिन दोपहर होते-होते भगवान सूर्यदेव बादलों के बीच में छिप गए, जिससे ठंड में एक बार फिर बढ़ोत्तरी होती चली गयी। ठंड के साथ-साथ कोहरा भी आना शुरू हो गया था, जिससे हर किसी में बैचेनी शुरू हो गयी थी।

ठिठुरन बढ़ने से लोगों को दिक्कत भी महसूस दे सकती है। वहीं लोगों ने ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया। दोपहर से पहले तो सभी घर से बाहर निकल रहे थे, लेकिन जैसे ही सूर्यदेव छिपे तो हर कोई घर में दुबक गया, क्योंकि ठंड अधिक थी, जिससे हर कोई ठंड से बचना चाहता था।

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी के चलते मैदानी क्षेत्रों में शीत लहर चल रही है। देर रात से कोहरा शुरू हो जाता है, जो सुबह दस बजे तक रहता है। कई दिन से कोहरे ने अपनी दस्तक दे रखी है, जो शनिवार को भी जारी रहा। भीषण कोहरे के चलते ट्रेनों व वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया।

कोहरे के चलते जिंदगी की रफ्तार धीमी हो गई। सुबह घूमने के लिए निकलने वाले लोगों की संख्या भी कम रही। सुबह नौ बजे के बाद भगवान सूर्यदेव के दर्शन हुए, तब जाकर कोहरे की मार से राहत मिली और मौसम में गर्माहट आ गयी थी, क्योंकि ठंड से सूर्यदेव ने पूरी तरह से राहत दिला दी थी।

जब तक धूप निकली रही तब तक लोग भी घरों से बाहर रहे, क्योेंकि हर कोई धूप लेने के लिए घर से बाहर आ गया था। जैसे ही सूर्यदेव बादलों के बीच में गए तो लोग घरों में छिप गए, क्योंकि हर कोई ठंड से बचना चाहता था। वहीं लोगों ने ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया।

हर जगह हर कोई अलाव के पास ही बैठा मिला। साथ ही कोहरे के कारण वाहन चालक लाइट जलाकर आगे बढ़े, क्योंकि यदि वह वाहन की लाइट बंद कर देते थे तो उनको आगे का कुछ नहीं दिखाई देता था और अंधेरा छा जाता था। इसके कारण वाहन चालकों के साथ-साथ लोगों को भी ठंड में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।

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