- ट्रैफिक पुलिस के जवान बैठे रहते हैं कोने में, सेटिंग से लेकर पूरी व्यवस्था होमगार्ड के जिम्मे
- महिला ट्रैफिक कर्मी रहती हैं मोबाइल में व्यस्त, बेपटरी हो चुकी यातायात व्यवस्था
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए जहां ट्रैफिक पुलिस का बड़ा कुनबा है। वहीं, इस बेडे में 100 होमगार्ड भी शामिल है, लेकिन इन सभी होमगार्ड को यातायात नियमों की जानकारी दिए बिना ही शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने में लगाया हुआ है।
इसके बावजूद यह सभी होमगार्ड दूसरे राज्यों के नंबरों के वाहन चालकों से सेटिंग करने समेत यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगे रहते है। जबकि ट्रैफिक पुलिसकर्मी कोने में बैठकर ही अपनी ड्यूटी पूरी कर लेते है। वहीं, महिला ट्रैफिक कर्मी भी पूरा दिन मोबाइल में व्यस्त रहती है।
शहर में लगातार बढ़ रही वाहनों की संख्या के चलते मुख्य मार्गों समेत प्रत्येक चौराहों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं, फिलहाल शहर में रैपिड रेल के कार्य को लेकर जगह-जगह काम चल रहा है। जिस कारण इस वक्त यातायात व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है।

हालांकि यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास इस वक्त पर्याप्त संसाधन व पुलिसकर्मी है। वहीं, ट्रैफिक पुलिस के साथ 100 होमगार्ड भी तैनात रहते है जो शहर के विभिन्न चौराहों पर यातायात व्यवस्था को दुरस्त रखने का काम करते है।
इसके बावजूद शहर की यातायात व्यवस्था बेपटरी हो रही है। इसका मुख्य कारण होमगार्ड को माना जा रहा है, क्योंकि इन सभी होमगार्ड को यातायात के नियमों की ट्रेनिंग दिए बिना ही ड्यूटी पर लगा दिया है। हालात ऐसे बन चुके है कि ट्रैफिक पुलिस के जवान एक कोने में बैठकर अपनी ड्यूटी निभा रहे है और होमगार्ड दूसरे राज्यों के नंबरों की गाड़ियों से वसूली करने में व्यस्त रहते है। यह हाल शहर के सभी मुख्य चौराहों का है, जहां पर होमगार्ड के जवान ही खड़े दिखाई देते है।

वाहन चालकों से सेटिंग का जिम्मा भी होमगार्ड पर
शहर की पूरी यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने से लेकर दूसरे राज्यों के वाहन चालकों से सेटिंग करने का जिम्मा भी इस वक्त होमगार्ड पर ही है। ऐसा ही एक मामला सोमवार को एल-ब्लॉक चौकी के पास देखने को मिला था। जहां पर एक होमगार्डकर्मी दूसरे राज्यों के चार वाहन चालकों से सेटिंग करते हुए कैमरे में कैद हुआ था।
हालांकि इससे पहले भी कई बार वाहन चालकों से वसूली करने में होमगार्ड के जवानों का मामला सामने आ चुका है। इसके बावजूद पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
महिला ट्रैफिक कर्मी मोबाइल में मशगूल
यातायात व्यवस्था को दुुरुस्त करने में लगी महिला ट्रैफिक कर्मी का भी यही हाल है। महिला ट्रैफिक कर्मी भी चौराहे पर जाने के बाद सड़क किनारे स्कूटी पर बैठकर अपने मोबाइल में व्यस्त रहती है। इस वक्त ट्रैफिक पुलिस के बेडे में स्कूटी सवार 10 एंजेल्स तैनात है। जिनकी ड्यूटी ज्यादातर गर्ल्स कॉलेजों के आसपास लगाई जाती है।
ट्रैफिक पुलिस में बड़ा कुनबा, फिर भी व्यवस्था ध्वस्त
ट्रैफिक पुलिस में इस वक्त एसपी जितेंद्र श्रीवास्तव के अलावा एक सीओ, पांच टीआई, छह एसआई, 41 एचसीपी व 131 सिपाही तैनात है। इसके अलावा 100 होमगार्ड, 24 अपाचे बाइक, 10 एंजेल्स और चार क्रेन है। इसके बावजूद शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है।

