- एसडीएम के आदेश पर जांच में हुआ खुलासा
जनवाणी संवाददाता |
ऊन: क्षेत्र के गांव सांपला के ग्रामीणों की शिकायत पर जांच में 60 फर्जी वोट पाए गए। ये वोट उत्तराखंड के भगवानपुर में रहने वाले लोगों की बताई जा रही हैं जिन्हें उप जिलाधिकारी द्वारा कटवा दिया गया लेकिन गांव का एक प्रधान पद प्रत्याशी अब दोबारा जांच करा रहा है। ग्रामीणों ने जांच अधिकारी पर सांठगांठ का आरोप लगाते हुए फर्जी वोट न बनाने की मांग उप जिलाधिकारी से की है।
तहसील ऊन के गांव सापला निवासी पंकज कुमार ने वोटर लिस्ट में फर्जी वोट बनाने का आरोप बीएलओ राकेश व परविंदर पर लगाया था जिस पर उप जिलाधिकारी मनी अरोरा ने जांच के आदेश दिए थे। जांच में करीब 60 वोट फर्जी पाए गए जिन लोगों की ये फर्जी वोट बनाई गई थी, वे उत्तराखंड के भगवानपुर में रहते हैं, वहां की वोटर लिस्ट में भी इनकी वोट बनी हुई हैं।
जिसके आधार पर उप जिलाधिकारी ने फर्जी वोटरों को मतदाता सूची से हटा दिया। आरोप है कि गांव में प्रधान पद का प्रत्याशी शिवदत्त पुत्र बृजपाल जो कि 20 वर्षों से उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के भगवानपुर गांव में निवास करता है, ने शिकायत कर दोबारा जांच की मांग करते हुए वोट मतदाता सूची में शामिल करने की मांग की जिस पर जांच के लिए लेखपाल मुकेश कुमार को आदेश दिए गए।
जांच अधिकारी मुकेश कुमार पर आरोप है कि उसने शिवदत्त शर्मा के साथ सांठ-गांठ कर फर्जी रिपोर्ट तैयार की है। इसकी शिकायत पंकज कुमार पुत्र उदयवीर ने उप जिलाधिकारी को कर किसी सक्षम अधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए फर्जी वोट मतदाता सूची में शामिल न करने की मांग की है।
उप जिलाधिकारी मणि अरोड़ा ने बताया कि शिकायत मिली है जिसकी निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा फर्जी शिकायत करने वाले के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

