- अधिकारी बता रहे किसान ने अपने खेत से कटवाए हैं पेड़
जनवाणी संवाददाता |
ऊन: पर्यावरण को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए जहां सरकार पौधे लगाने का अभियान चला रही हैं वहीं वन विभाग सरकार की योजना पर पलीता लगा रहा हैं। सड़क किनारे खड़े विभागीय पेड़ों को कटवा कर पर्यावरण संतुलन बिगाड़ने के साथ राजस्व का भी नुकसान किया जा रहा है।
ऊन-झिंझाना मार्ग पर वन विभाग की मिलीभगत से सरेआम हरेभरे पेडों को काटा जा रहा हैं लेकिन विभाग मौन साधे बैठे हैं। ऊन-झिंझाना मार्ग पर सड़क किनारे वन विभाग ने करीब 9 वर्ष पूर्व यूकेलिप्टस के पेड़ लगाए थे।
इन पेड़ों में से रविवार को दर्जनों पेड़ काटे गए लेकिन मामला खुलने पर वन विभाग ने पेड़ कटान पर रोक लगा दी थी। लेकिन मिलीभगत करते हुए बुधवार को फिर पेड़ काटने शुरू कर दिए गए।
अब तक लाखों रुपए के सैकड़ों पेड़ काटे जा चुके हैं लेकिन विभाग मौन साधे बैठे हैं। इस संबंध में पूर्व में क्षेत्रीय वन अधिकारी धर्मव्रत व जिला वन अधिकारी नरेंद्र पाल से बात की गई थी जिन्होंने प्रकरण में कोई जानकारी न होना बताया था। लेकिन बुधवार को एक बार फिर पेड़ काटने शुरू कर दिए गए।
क्षेत्रीय वन अधिकारी धर्म व्रत ने बताया कि मैं मीटिंग में हूं गुरुवार को जांच करेंगे जबकि जिला वन अधिकारी नरेंद्र पाल ने बताया कि पेड़ किसान के खेत में है किसान द्वारा पेड़ काटे गए हैं।
वहीं मानक के अनुसार सड़क की चौड़ाई 100 फुट है और पेड़ वन विभाग द्वारा लगाए गए लेकिन फिर भी वन विभाग द्वारा लगाए गए पेड़ काटे जा रहे हैं। जिससे राजस्व के साथ पर्यावरण का भी नुकसान हो रहा है। इस संबंध में उप जिलाधिकारी मणि अरोड़ा ने बताया कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी।

