- मौके पर पहुंची पुलिस पर भी अंधाधुंध झोंके फायर, मचा हड़कंप
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: ब्रह्मपुरी के घनी आबादी वाले शास्त्री की कोठी कांति की चक्की के पास रहने वाले एक युवक ने नशे में धुत्त होकर पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या की वारदात से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। हालांकि कहा जा रहा है कि युवक ने अपनी पत्नी पर फायर किया था, लेकिन बचाव में पिता बीच में आ गए और गोली उन्हें जा लगी।
पिता को गोली मारने के बाद आरोपी मकान की छत पर जा चढ़ा और हवा में अंधाधुंध फायरिंग करने लगा। मौके पर पहुंची पुलिस पर भी हत्यारे ने कमरे के भीतर से कई फायर झोंक दिए। इसको काबू में लाने के लिए पुलिस को घंटों मशक्कत करनी पड़ी।

वाक्या शनिवार की रात करीब नौ बजे का है। शहर सराफा बाजार में गांधी ज्वेलर्स के नाम से दुकान चलाने वाले विनोद वर्मा अपने तीनों बेटों किशन, गोविंद व रामू के साथ बैठे थे। सबसे बड़ा बेटा किशन शराब के नशे में था। बताया गया है कि दो दिन से पिता पुत्र के बीच पैसों को लेकर कुछ तनातनी चल रही थी।
हत्या से पहले झगड़ा
घटना से पहले भी किशन की अपने पिता विनोद से कुछ कहासुनी हुई। दोनों तेज तेज आवाजों में बोलने लगे। उसी दौरान अचानक किशन ने लाइसेंसी हथियार निकाल लिया। विनोद वर्मा के चेहरे से सटाकर उसने फायर कर दिया। गोली चेहरे को चीरती हुई पीछे सिर की ओर से निकल गयी। गोली लगते ही विनोद लुढ़क गए। गोविंद व रामू ने उन्हें संभालने का प्रयास किया। परिवार में चींख पुकार मच गयी। आसपास के लोग भी आ गए।

छोटा बेटा लेकर पहुंचा अस्पताल
गोली लगने से घायल विनोद वर्मा को उनका छोटा बेटा अन्य लोगों की मदद से लेकर केएमसी दौड़ा, लेकिन रास्ते में ही संभवत उनकी सांसें थम गयीं। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वहीं, दूसरी ओर मौत की खबर घर पहुंची तो वहां रोना पीटना मच गया। मृतक की पत्नी माया बदहवास होकर पूरे मोहल्ले में इधर उधर दौड़ रही थी। उसको यकीन नहीं आ रहा था कि सुहाग उजड़ चुका है।
खुद को किया कमरे में बंद
पिता को गोली मारने के बाद किशन ने खुद को मकान के एक कमरे में बंद कर दिया। करीब तीन घंटे तक वह इस कमरे में बंद रहा। परिजनों ने तथा पुलिस ने उसको बाहर निकलाने के काफी प्रयास किए, लेकिन तमाम कोशिशें बेकार रहीं। करीब तीन घंटे बाद कड़ी मशक्कत के बाद हत्यारे को बाहर निकाला जा सका।
कमरे से की फायरिंग
शराब के नशे में धुत्त कमरे में बंद होने के बाद भी किशन भीतर से फायर करता रहा। दरअसल मौके पर पहुंची पुलिस ने जब उसको दरवाजा पीट पीटकर बाहर निकालने का प्रयास किया तो उसने कई बार फायर कर दी। इसके बाद पुलिस वाले पीछे हट गए। हालांकि पूरे मकान में चप्पे चप्पे पर पुलिस फैल गयी।
आंसू गैस के मंगाए गोले
तीन घंटे बीतने के बाद भी जब हत्यारे को बाहर निकालने के सारे प्रयासों पर पानी फिरता नजर आया तो पुलिस ने अंतिम प्रयास के लिए आंसू गैस के गोले निकाल लिए। पुलिस कर्मियों ने उसके लिए खास प्रकार की जैकेट पहनकर तैयारियां भी कर ली थीं। लेकिन उसकी नौबत नहीं आयी। पिता के हत्यारे को बाहर निकाल लिया गया।
रिश्तेदारों ने किया हमला
पुलिस जब किशन को लेकर जा रही थी उसी दौरान आसपास रहने वाले रिश्तेदारों ने अचानक उस पर हमला बोल दिया। मृतक की पत्नी माया भी चिल्लाने लगी कि हत्यारे को गोली मार दी जाए। गुस्साएं रिश्तेदारों ने उसको पुलिस से छिनने का प्रयास किया।
पुलिस ने बामुश्किल उसको बचाया। हालात इतने ज्यादा नाजुक थे कि पुलिस हमलावरों से बचाने के लिए दोबारा उसको घर में लायी और एक कमरे में बंद कर दिया। उसके बाद पुलिस ने पूरे मोहल्ले के तमाम मकानों को बंद कराया। सभी लोगों को घरों के भीतर बंद कराया। पुलिस जब पूरी तरह से संतुष्ट हो गयी तब उसको लेकर तेजी से थाना ब्रह्मपुरी की ओर निकल गयी। पुलिस के जाते ही लोग एक बार फिर घर से बाहर निकल आए।
नशा मुक्ति केंद्र में रहा था लंबे समय तक
पता चला है कि पिता का हत्यारोपी नशे का बुरी तरह से आदि था। उसकी नशे की लत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि परिजन पिछले दिसंबर माह में उसको नशा मुक्ति केंद्र से घर लाए थे। दिसंबर माह में रिश्तेदारों में शादी थी। इसके अलावा हत्यारोें की पहली पत्नी की डिलीवरी के दौरान मौत होने की वजह उसकी दूसरी शादी कोमल से की गयी। हत्यारे के एक बच्चा पहली पत्नी से है। दो बच्चे दूसरी पत्नी से हैं।
ये कहना है एसपी सिटी का
- मौके पर पहुंचे एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि वारदात कैसे अंजाम दी गयी इसको पक्की तौर पर गिरफ्तार किए
- गए शख्स से पूछताछ के बाद ही पक्की तौर पर कुछ कहा जा सकता है।
- बिगडैल बेटे ने पलभर में उजाड़ दी घर की खुशियां
- दो दिन से चल रहा था परिवार से झगड़ा, मां ने दोस्तों पर लगाया भड़काने का आरोप
एक बिगडैल बेटे ने दोस्तों की सीख मानकर पलभर में अपने घर की खुशियों को उजाड़ दिया। दोस्तों की गलत सलाह के कारण दो दिन से परिवार में झगड़ा कर रहे बेटे ने शनिवार रात में शराब के नशे में धुत होकर अपनी पत्नी पर लाइसेंसी हथियार तान दिया।
बहू पर हथियार तना देखा तो पिता बीच-बचाव कराने लगा, जिस पर बेटे ने अपने पिता को ही गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। बेटे के पिता की हत्या करने के बाद हंसते-खेलते परिवार में मातम मच गया। हालांकि बाद में परिवार के लोग पुलिस व मीडिया को कुछ भी बताने से बचते रहे।
ब्रह्मपुरी स्थित कांति की आटा चक्की के पास सर्राफ का काम करने वाले विनोद वर्मा अपने तीन बेटों व पत्नी के साथ रहता था। विनोद वर्मा का बड़ा बेटा किशन शहर सर्राफा बाजार में सत्यम ज्वैलर्स के नाम से दुकान करता है। जबकि विनोद वर्मा की जौहरी बाजार में गांधी ज्वैलर्स के नाम से दुकान है और उसके दोनों छोटे बेटे गोपाल व रामू उसी के साथ बैठते है।
विनोद वर्मा के घर में हर तरह की सुख-सुविधा के साधन है। इसके बावजूद उनके बड़े बेटे किशन को शराब की ऐसी लत लगी कि उसने शराब के नशे में धुत होकर अपने लाइसेंसी हथियार से पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। यही नहीं पिता को गोली मारने के बाद किशन ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया।
वहीं विनोद वर्मा की हत्या होने के बाद परिवार में कोहराम मच गया और मां ने भी रोते हुए कहा कि किशन के दोस्त दो दिन से उसके पीछे लगे हुए थे, जिनकी सीख मानकर किशन ने पलभर में ही परिवार की खुशियां उजाड़ दी।
शराब पीने का आदी है किशन
आसपास के लोगों का कहना था कि किशन को पार्टी में बैठकर शराब पीने की आदत है। जिस कारण शाम होते ही कुछ दोस्त उसके पीछे लग जाते थे। इसके बाद किशन की जमकर शराब पार्टी चलती थी। शनिवार को जब किशन ने अपने पिता की हत्या की तो वह शराब के नशे में पूरी तरह धुत था।
उसके दिमाग में शराब इस कदर चढ़ी हुई थी कि पिता की हत्या करने के बाद किशन ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया और अंदर ही कई राउंड फायरिंग तक कर डाली। जिस कारण परिजनों के अलावा पुलिस की भी कमरे के अंदर घुसने की हिम्मत नहीं हो सकी।

