जनवाणी ब्यूरो |
मेरठ: पूरे विश्व के साथ-साथ हमारे देश में भी कोविड-19 की लहर फिर से पैर पसार रही है। गत एक सप्ताह की बात की जाएं तो दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में कोविड-19 के संक्रमण के मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है।
जिसको देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सभी राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कांफे्रंस में चर्चा करते हुए लहर को रोकने के लिए अभी से ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए है। ताकि गत वर्ष के भांति विपरीत परिस्थिति उत्पन्न न हो।
वहीं, यूपी के अन्य शहरों के साथ-साथ जनपद की बात की जाएं तो आम जनमानस कोविड-19 की लहर को देखकर भी बेखबर हैं। हालात ये है कि कोविड-19 से बचाव के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बताएं गए नियमों का पालन नहीं कर रही हैं।

बिना मास्क सफर कर रहे यात्री
स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जबसे कोरोना शुरु हुआ था। तबसे विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए थे। कोविड के संक्रमण की चपेट में ज्यादा लोग न आए। इतना हीं नहीं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी मास्क को अनिवार्य करते हुए मास्क न लगाने वालों पर फाइन लगाया है। उसके बावजूद सड़कों पर इसका कोई असर देखने को नहीं मिलता।
वाहन चालक बिना मास्क का उपयोग किए वाहन चलाते है। वहीं, दूसरी ओर रोडवेज बसों में तो कोविड-19 के निर्देशों का बिलकुल भी पालन नहीं होता। चालक, परिचालक सहित यात्री भी बिना मास्क के ही सफर कर रहे है। बाजारों में भीड़ द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ायी जा रही है।

ऐसे में जानकारों की माने तो अगर लहर को रोकने के लिए अभी से सावधानी व ठोस कदम नहीं उठाएं गए तो बाद में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता हैं।
दरअसल गत एक सप्ताह में मेरठ की बात की जाएं तो कोविड मरीजों की संख्या फिर से बढ़ने लगी हैं। 10 मार्च को 11, 11 मार्च को छह, 12 मार्च को भी छह, 13 मार्च को दो, 14 मार्च को 10, 15 मार्च को छह 16 मार्च को 17, 17 मार्च को छह मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि पायी गयी थी।
ऐसे में जिस तरह से आंकडे बढ़ रहे है, उसमें सभी को सावधानी बरतनी चाहिए। वर्ष 2020 में कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू लगाया था। जिसका जनता ने भरपूर समर्थन किया था।

