वरिष्ठ संवाददाता |
सहारनपुर: चैत्र नवरात्र आज से शुरू है। मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भक्तगण व्रत रखने और पूजा-अर्चना के लिए सामग्री आदि की खरीदारी कर रहे हैं। नौ दिन व्रत रखना धार्मिक दृष्टि से तो शुभ माना ही गया है। साथ ही ये स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होता है। उपवास रखने से शरीर की सफाई होती है।
मां दुर्गा की उपासना के ये नौ दिन काफी खास माने जाते हैं। लोगों का ऐसा विश्वास है कि मां इन दिनों भक्ति से प्रसन्न होकर सभी की इच्छाएं पूर्ण करती हैं। नवरात्रि पर्व 21 अप्रैल तक चलेगा। इस पर्व का पहला दिन काफी खास होता है। इस दिन शुभ मुहूर्त में विधि विधान कलश स्थापित कर माता की पूजा की जाती है।
बता दें कि नवरात्रि पूजन सामग्री की विशेष महत्ता है। इसके लिए श्री दुर्गा की प्रतिमा, सिंदूर, दर्पण, कंघी, केसर, कपूर, धूप, वस्त्र, बंदनवार आम के पत्तों का, पुष्प, सुपारी साबुत, दूर्वा, मेंहदी, बिंदी, हल्दी की गांठ, पिसी हुई हल्दी, पटरा, आसन, पुष्पहार, बेलपत्र, चौकी, रोली, मौली, कमलगट्टा, दीपक, दीपबत्ती, जायफल, जावित्री, नारियल, नैवेद्य, मधु, शक्कर, पंचमेवा, मिट्टी, पान, लौंग, इलायची, हवन सामग्री, कलश मिट्टी या पीतल का, पूजन के लिए थाली, सरसों सफेद और पीली, श्वेत वस्त्र, दूध, दही, ऋतुफल और गंगाजल का विशेष महत्व है।
नवरात्रि के नौ दिन क्या करें
नवरात्रि के सभी दिन मां दुर्गा की सच्चे मन से अराधना करें। संभव हो तो नवरात्रि में प्रतिदिन मंदिर में जाकर माता की अराधना करें। नवरात्रि में नौ दिन व्रत रखना धार्मिक दृष्टि से तो शुभ माना ही गया है साथ ही ये स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होता है। उपवास रखने से शरीर की सफाई होती है। इन नौ दिनों में देवी मां का श्रृंगार करना चाहिए। नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ काफी फलदायी बताया जाता है।
सबसे पहले जानिए घटस्थापना मुहूर्त:
-चैत्र घटस्थापना मंगलवार 13 अप्रैल 2021 को।
-घटस्थापना मुहूर्त- सुबह 05:58 से 10:14 तक।
-अवधि- 04 घण्टे 16 मिनट।
-घटस्थापना अभिजित मुहूर्त- सुबह 11:56 से 12:47 दोपहर
अवधि- 51 मिनट।
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ- 12 अप्रैल 2021 को 08:00 बजे
प्रतिपदा तिथि समाप्त- 13 अप्रैल 2021 को 10:16 बजे
चैत्र नवरात्रि में क्या करते हैं?
नवरात्रि में बहुत-से लोग पूरे नौ दिन तक उपवास भी रखते हैं। नवमी के दिन नौ कन्याओं को जिन्हें माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों के समान माना जाता है, श्रद्धा से भोजन कराया जाता है और दक्षिणा आदि दी जाती है। चैत्र नवरात्रि में लोग लगातार नौ दिनों तक देवी की पूजा और उपवास करते हैं और दसवें दिन कन्या पूजन करने के पश्चात् उपवास खोलते हैं।

