जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: खालिस्तान कमांडो फोर्स को हथियार मुहैया कराने के मामले में एनआईए के द्वारा हस्तिनापुर के दूधली खादर निवासी जिस मंगल को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी उसने बीती रात घर में जहर खाकर जान दे दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बाद में परिजनों ने गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों का आरोप है कि एनआईए की पूछताछ के बाद मंगल डिप्रेशन में हो गया था। एनआईए द्वारा बहसूमा से गिरफ्तार आरोपी गगनदीप से पूछताछ में सामने आया था कि खालिस्तानी आतंकियों ने वेस्ट यूपी के हथियार सप्लायर को अपने गिरोह में शामिल किया है।
इससे पहले भी वेस्ट यूपी का खालिस्तान कनेक्शन गिरफ्तार गगनदीप के रूप में सामने आ चुका है। इसी नेटवर्क की जड़ें एनआईए खंगालने में जुटी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हथियार सप्लायर एनआईए के रडार पर हैं।

बीते शनिवार एनआईए की टीम हस्तिनापुर इलाके के दूधली गांव पहुंची और मंगल नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया। टीम को इसके घर से नौ लाख रुपये भी बरामद हुए। एनआईए ने मंगल से पूछताछ की और उसे छोड़ दिया था।
इसके बाद उसे चंडीगढ़ आने को कहा गया था। वो शनिवार को वहां गया और बरामद रुपयों की जानकारी देने के बाद वापस आ गया था। मंगल के पिता ने बताया कि वो दुखी और परेशान दिख रहा था।
चंडीगढ़ से लौटने के बाद बेचैन था मंगल
हस्तिनापुर के दूधली खादर में रहने वाले मंगल सिंह को एनआईए ने हथियारों की सप्लाई के संबंध में पूछताछ के लिये उठाया था। उसके पास से आतंकी गगनदीप सिंह के साथ कुछ फोटोग्राफ और नौ लाख रुपये की नगदी मिली थी।
एनआईए ने इससे कई चरणों में पूछताछ की। जब वो चंडीगढ़ से लौटकर आया तो उसने यह कहना शुरु कर दिया कि ऐसी जिंदगी से क्या फायदा जहां सिर्फ अपमान ही हो।
35 वर्षीय मंगल सिंह बारह जुलाई से परेशान चल रहा था। एनआईए ने उसके यहां छापा मारकर उसे हिरासत में लिया था और उसके घर से नौ लाख रुपये बरामद किये थे। एनआईए उसे सिविल लाइन थाने लेकर आई और बाद में यह कह कर छोड़ दिया था कि उसे चंडीगढ़ बयान देने के लिये आना होगा।

मंगल सिंह के पिता तोता सिंह ने बताया कि वो खुद बेटे के साथ चंडीगढ़ गए थे। जब वहां से लौटकर आये तो उन्होंने अपने बेटे से पूछा कि एनआईए ने क्या पूछताछ की। इस पर मंगल ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। पिता ने बताया कि, उन्हें 19 जुलाई को चंडीगढ़ पूछताछ के लिए बुलाया गया था |
दोपहर से लेकर शाम सात बजे तक पूछताछ होती रही और फिर जांच टीम ने उन्हें जाने दिया। रास्ते में वह मंगल से जांच के बाबत सवाल करते रहे, लेकिन वह चुप रहा। उसने बस इतना कहा कि अधिकारियों ने कुछ भी बताने से मना किया है। वह रात एक बजे घर पहुंचे थे।
हालांकि एनआईए ने मंगल के पिता से कहा था कि बेटा सबकुछ बता देगा। तोता सिंह ने बताया कि शनिवार से मंगलवार तक बेटा गुमसुम सा रहने लगा था और बस आंखों से आंसू ही निकल रहे थे। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि मंगल सिंह ने यह जरुर कहा कि ऐसे अपमानजनक जीवन से क्या फायदा है।
पिता ने बताया कि मंगलवार को वो कहीं गया हुआ था। रात में मंगल सिंह ने जहर खा लिया। जब उसकी हालत गंभीर हुई तो उसे मवाना के कमल नर्सिंगहोम लाया गया जहां उसकी मौत हो गई। मंगल की मौत के बाद नर्सिंगहोम वालों ने तोता सिंह को खबर की।
परिवार के लोग शव लेकर हस्तिनापुर आए और शव के अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे तभी पुलिस को थाने की तरफ से मीमो मिल गया। पुलिस सीधे दूधली खादर गई और शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया।
नौ लाख का हिसाब दिया
मृतक मंगल सिंह के पिता तोता सिंह ने पोस्टमार्टम हाउस में बताया कि एनआईए ने जब नौ लाख रुपये के बारे में पूछा तो बताया गया कि परवल की खेती में उसे तीन लाख रुपये मिले थे। बाकी रुपये उसने किसी से लिये थे।
पिछले साल हुई थी शादी
पिता के अनुसार, मंगल सिंह पास के एक डेरी फॉर्म में चौकीदार की नौकरी करता था। उसने वहीं कुछ खा लिया। जब मंगल के बारे में रात पौने दो बजे उन्हें सूचना मिली तो वह खुद खेत पर थे और मंगल को मवाना के निजी अस्पताल ले जाया गया था।
अस्पताल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नही है। मंगल की पिछले साल शादी हुई थी और उसकी पत्नी छह माह के गर्भ से है।
क्या था मामला
खालिस्तानी आतंकी गगनदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया था। वह पंजाब से काफी समय से फरार चल रहा था। एनआईए की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे बारह जुलाई को गिरफ्तार कर लिया था। बताया जा रहा है कि वह देशभर में हथियारों की तस्करी कर रहा था।

इसके लिए उसने शूटरों का एक गैंग भी बनाया हुआ था। मई महीने में मोगा में उस पर रंगदारी, नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई थीं। खालिस्तानी आतंकी गगनदीप और उसके साथी मोगा के रहने वाले अर्शदीप सिंह, चरणजीत सिंह और रमनदीप सिंह की तलाश में एनआईए वेस्ट यूपी के मेरठ और मुजफ्फरनगर में कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी।
एनआईए को खबर मिली थी कि फरार आरोपियों ने पश्चिमी यूपी के शूटरों के साथ मिलकर एक गैंग बनाया है। ये सभी मिलकर काम कर रहे हैं। गगनदीप के कारण हस्तिनापुर के दूधली गांव में छापा मारकर मंगल सिंह को हिरासत में लिया गया था।
पहले सीओ ने कहा जानकारी नहीं
मंगल सिंह की जहर खाने से मौत हो गई और शव को पोस्टमार्टम के लिये भी भेज दिया गया, लेकिन सीओ ने इस पूरे मामले में अनभिज्ञता जताई है। बाद में इस मामले में सीओ मवाना उदय प्रताप का कहना है कि मंगल सिंह की मौत की सूचना पुलिस को मिली है।
इस संबंध में परिजन अभी कुछ भी नहीं बता रहे हैं। पुलिस शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कर रही है। पता चला है कि युवक ने जहरीला पदार्थ खाया है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
वहीं, थाना प्रभारी अशोक कुमार का कहना है कि मामला संदिग्ध है। युवक ने जहर खाकर आत्महत्या की है जानकारी मिलने पर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

