जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के लेथपोरा में 2019 में आतंकी हमले में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवानों को श्रद्धांजलि दी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी स्मारक पर माल्यार्पण किया और 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी।
शाह ने सीआरपीएफ कैंप में बिताई रात, जवानों का बढ़ाया हौसला, साथ किया भोजन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलवामा के लेथपोरा में सीआरपीएफ कैंप में रात बिताई। जवानों के साथ भोजन किया और उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान कहा कि आतंकवाद से लोगों को बचाना हमारी प्राथमिकता है। यह मानवता के खिलाफ है। हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते।
आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। जम्मू-कश्मीर के हालात में बहुत सुधार हुआ है। हम तब तक संतुष्ट नहीं हो सकते हैं जब तक कि यहां पूरी तरह शांति न आ जाए।
पुलवामा हमले में शहीद हुए थे 40 जवान
ज्ञात हो कि लेथपोरा में ही 14 फरवरी 2016 को आतंकियों ने सीआरपीएफ काफिले पर हमला किया था जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। अमित शाह को सोमवार को दिल्ली लौट जाना था, लेकिन कार्यक्रम में बदलाव कर वह सीआरपीएफ जवानों से मिलने गए। डल झील में आयोजित हाउसबोट फेस्टिवल में शामिल हुए।
सीआरपीएफ 185 बटालियन मुख्यालय में आयोजित सैनिक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि तीन दिन के जम्मू-कश्मीर के दौरे का यह अंतिम कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि नि:संकोच यह सबसे महत्वपूर्ण और उपयोगी कार्यक्रम है। उन्होंने यहां रात बिताने का फैसला इसलिए किया ताकि उनकी समस्याओं को अच्छी तरह समझ सकें।
उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि आप लोग 24 घंटे देश की सुरक्षा के लिए अलग-अलग जगह मुस्तैद हैं। इसी से देश चैन की नींद सोता है। 2014 को नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश तेजी से विकास के रास्ते पर रहा है। भरोसा है कि कुछ ही समय में दुनिया के सभी अर्थतंत्र में भारत का स्थान मजबूत से मजबूत जगह पर होगा। मैं यहां तब आया हूं जब देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अलग प्रकार से आजादी का अमृत महोत्सव मनाने का फैसला किया है। भारत के सभी लक्ष्यों की पूर्ति तभी हो सकती है, जब हम देश को गलत दृष्टि से देखने वालों से सुरक्षित कर दें और वो कार्य आप लोगों को करना है। हम सभी को करना है। अनुच्छेद 370 और 35ए हटाया गया, तब ढेर सारी अटकलें हिंसा की लगाई जाती थीं। लेकिन आप सभी की मुस्तैदी के कारण कहीं पर किसी को एक गोली भी नहीं चलानी पड़ी।
यह हम सभी के लिए बहुत बड़ा विषय है। देशहित में कश्मीर के लिए इतना बड़ा फैसला लेने के बाद भी जिस मुस्तैदी के साथ आप लोगों ने यहां मोर्चा संभाला, बिना रक्तपात के कश्मीर के अंदर विकास के नए युग की शुरुआत हुई है।
मोदी सरकार की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है। आतंकवाद को हम सहन ही नहीं कर सकते हैं। आतंकवाद मानवता के खिलाफ है और जो लोग इस गतिविधि में लिप्त हैं, वो जघन्य अपराध कर रहे हैं।

