जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: सऊदी अरब में मध्य-पूर्व हरित सम्मेलन में पाक पीएम इमरान खान द्वारा सऊदी निवेशकों और कारोबारियों को देश में आमंत्रित करके अपनी अर्थव्यवस्था सुधारने में सहयोग की अपील करने के बाद पाकिस्तानी अफसर अब रूस पहुंचे हैं।
रणनीतिक परियोजनाओं के लिए शेयरहोल्डिंग समझौते को अंतिम रूप देने की तैयारी
यहां चार दिनी दौरे पर वे रणनीतिक परियोजनाओं के लिए शेयरहोल्डिंग समझौते को अंतिम रूप देंगे। अमेरिकी हाथ खिंचने के बाद अब पाक को रूस से कर्ज की आस है।
एक सरकारी दस्तावेज के मुताबिक ये परियोजना पाकिस्तान स्ट्रीम गैस पाइपलाइन से जुड़ी है। इसके तहत होने वाले अंतर-सरकारी समझौते में बदलाव किया जाएगा। इस परियोजना में 74 फीसद भागीदारी पाक की और 26 फीसद रूस की है। करीब 1040 किमी लंबी इस पाइपलाइन को लेकर होने वाली इस बातचीत के बाद इमरान सरकार का मकसद रूसी एग्जिम बैंक से कर्ज हासिल करना है।
इसके अलावा पाक दूसरी वित्तीय परियोजनाओं के लिए भी रूस से ऋण लेने की कोशिश कर रहा है। इस धन का इस्तेमाल पाइपलाइन और कंप्रेसर खरीदने के लिए किया जाएगा। पाक ने परियोजना में रूस की भागीदारी को 26 फीसद से बढ़ाकर 49 फीसद तक करने का प्रस्ताव भी दिया है। बता दें कि पिछले दिनों पाक को विश्व बैंक और अन्य अंतरराष्ट्रीय निकायों ने कर्ज देने में सकारात्मक संकेत नहीं दिए थे।

