जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकीलों के द्वारा विरोध को लेकर वकीलों ने कचहरी पुल पर जाम लगाकर हंगामा किया और प्रयागराज के वकीलों का पुतला फूंका। इस दौरान वकीलों और जाम में फंसे लोग आपस में भिड़ गए। जब कुछ युवकों ने विरोध किया तो वकीलों ने उनकी धुनाई कर दी। इस दौरान पुलिस तमाशबीन बनी रही।
केंद्रीय राज्य मंत्री एसपीएस बघेल द्वारा पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के संबंध में बयान दिया गया था। जिसके बाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन प्रयागराज के अधिवक्ताओं ने उनके बयान की निंदा की और विरोध प्रदर्शन करते हुए मंत्री का पुतला फूंका गया। जिसको लेकर मेरठ सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं में रोष है।
इसी के चलते मंगलवार को हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति की एक बैठक मेरठ बार एसोसिएशन के दाताराम सिंगल पुस्तकालय में आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता समिति के चेयरमैन महावीर सिंह त्यागी व संचालन संयोजक सचिन चौधरी ने किया।
सभा में सर्वप्रथम पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खंडपीठ की स्थापना के लिए मंत्री एसपीएस बघेल द्वारा आम जनता की पीड़ा को समझते हुए वक्तव्य देने पर केंद्रीय संघर्ष समिति द्वारा हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनको पत्र प्रेषित किया गया। वहीं, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन प्रयागराज के अधिवक्ताओं के कृत्य पर घोर निंदा की गई।
इसके बाद अधिवक्ताओं ने कचहरी के पश्चिमी कचहरी मार्ग पर पहुंचकर करीब 15 मिनट के लिए रास्ता जाम करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और हाई कोर्ट बार एसोसिएशन प्रयागराज के अधिवक्ताओं का पुतला फूंका। इस दौरान जाम में फंसे लोग जब परेशान होने लगे तो उनकी वकीलों से भिड़ंत हो गई।
लोगों के विरोध को देखते हुए वकीलों ने कुछ युवकों को पकड़ कर पीट दिया। इससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई। वहां मौजूद पुलिस तमाशबीन बनी रही। इसके बाद अधिवक्ता केंद्रीय संघर्ष समिति के नेतृत्व में जुलूस के रूप में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी मेरठ को सौंपा और अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।
बैठक में मुख्य रूप से वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी नरेंद्र पाल सिंह, अजय त्यागी, गजेंद्र पाल सिंह,गजेंद्र सिंह धामा, धीरेंद्र शर्मा, तरुण ढाका, अनिल जंगाला, सुधीर पवार, संदीप सिंह, आशीष चौरसिया, शिवम गुप्ता, देवकरण शर्मा, ध्रुव झा, आदि रहे।
जाम में फंसे लोगों ने जताया विरोध
जिस वक्त वकील प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी कर रहे थे उससे पुल से लेकर कमिश्नर चौपले तक भीषण जाम लग गया था। जाम में फंसे लोगों ने जाम के लिये वकीलों को दोषी ठहराते हुए कमेंटस करने शुरु कर दिये। इसको लेकर वकीलों ने नाराजगी जाहिर की। इसको लेकर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल रहा।
लोगों का कहना था कि व्यस्तम सड़क पर जाम लगाने का क्या मतलब है। बेंच को लेकर आंदोलन तो कचहरी के अंदर भी हो सकता है। एक समय ऐसा लगा कि माहौल तनावपूर्ण हो जाएगा लेकिन वहां मौजूद वरिष्ठ वकीलों ने मामले को शांत कराया। बीस मिनट बाद वकीलों ने जाम खोला तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
विरोध के बीच पिटाई भी

कचहरी के गेट पर वकीलों के द्वारा लगाए गए जाम को लेकर जब कुछ लोगों ने विरोध जताया तो मामला तनावपूर्ण हो गया। जब कुछ युवकों ने जाम से परेशान होकर कमेंट किया तो कुछ वकीलों ने उसकी पिटाई कर दी। वकीलों की इस प्रतिक्रया से लोगों में गुस्सा भी बढ़ा, लेकिन जाम खुल जाने के बाद माहौल सामान्य हो गया। दरअसल पुतला फूंकने के दौरान लगाए गए जाम का असर काफी देर तक रहा। पीएल शर्मा रोड और नेहरु रोड पर काफी देर तक वाहन जाम में फंसे रहे। हर किसी का कहना था कि बेंच का समर्थन वक्त की मांग है, लेकिन जाम तो नहीं लगाना चाहिये।

