- शिकायतों के बाद भी नहीं रुके अवैध निर्माण
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अवैध निर्माण के मामले में पीएल शर्मा रोड सुर्खियों में हैं, लेकिन मेरठ विकास प्राधिकरण के इंजीनियर इतने बेशर्म हो गए हैं कि तमाम शिकायतों के बाद भी अवैध निर्माणों को नहीं रोक रहे हैं। किंग बेकरी समेत करीब सात व्यवसायिक बड़ी बिल्डिंग पीएल शर्मा रोड पर पिछले आठ माह के दौरान बनकर खड़ी हो गई है।
कई बिल्डिंग तो ऐसी है, जिनमें शोरूम चालू हो गए हैं। इनमें ज्यादातर में सेट बैक तक नहीं छोड़े गए। पार्किंग तो दूर की बात है। यह पीएल शर्मा उस रोड की बात है, जहां अवैध निर्माण से गली और सड़क संकरी हो गई है। पीएल शर्मा रोड से सटे पुराने मकानों को व्यापारी खरीद रहे हैं और उन्हें तोड़कर व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स बना रहे हैं।
एक-दो नहीं, बल्कि दर्जन भर से ज्यादा पुराने मकानों को तोड़ कर नए कॉन्प्लेक्स बना दिये गए हैं। इसमें सबसे पहले किंग बेकरी है। यहां भी कभी पुराना मकान हुआ करता था, लेकिन इसे तोड़कर व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स बना दिया गया। इसकी पार्किंग तक नहीं है, लेकिन दुकान इतनी बना दी गई है कि सड़कों पर ही गाड़ी और दुपहिया वाहनों को खड़ा करना होगा। मेरठ विकास प्राधिकरण में किंग बेकरी की फाइल नीचे दबा दी गई है। उस पर कोई निर्णय ध्वस्तीकरण का मेरठ विकास प्राधिकरण नहीं ले पाया है।
दूसरा मामला गोपाल वाटिका किंग बेकरी के ठीक पीछे एक बिल्डिंग निर्माणाधीन का है। इस बिल्डिंग की ग्राउंड फ्लोर का मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत है, लेकिन उसमें भी सेट बैक नहीं छोड़ी गई। दूसरी और तीसरी मंजिल का निर्माण कार्य चल रहा है, जिस का मानचित्र स्वीकृत नहीं है। इससे आगे ई-पार्क, जिसका मानचित्र ग्राउंड फ्लोर का स्वीकृत है, मगर उससे ऊपर बिल्डिंग अवैध बना दी गई है।
220 मीटर का मानचित्र स्वीकृत है, निर्माण 300 मीटर में कर दिया गया है। इस तरह से ही ई-पार्क की बिल्डिंग पर फाइलों में मेरठ विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई की, लेकिन कागजों में कार्रवाई होती रही और बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई। वर्तमान में बिल्डिंग का उद्घाटन भी कर दिया गया है। रिंगर मोबाइल के पास एक अवैध बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। इस पर भी मेरठ विकास प्राधिकरण ने कोई कार्रवाई नहीं की। कॉपरेटिव बैंक से जैसे ही पीएल शर्मा रोड पर एंट्री करते हैं तो बाएं हाथ पर व्यवसाई कॉम्प्लेक्स बना दिया गया है, जबकि इसका मानचित्र मेरठ विकास प्राधिकरण से आवासीय में स्वीकृत है।
नियमानुसार यहां पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण हो ही नहीं सकता, लेकिन मेरठ विकास प्राधिकरण के इंजीनियर पर अवैध निर्माण कर्ता पर इतने मेहरबान है कि पूरी बिल्डिंग तीन मंजिल तक तैयार करा दी। पार्किंग तक नहीं हैं। सड़कों पर वाहनों को लोग पार्क कर रहे हैं। दुकानों का संचालन भी आरंभ हो गया है। इस पर कोई कार्रवाई मेरठ विकास प्राधिकरण ने मौके पर नहीं की।
इसके पास में ही ज्ञान प्रोविजनल स्टोर है, उसके सामने अवैध निर्माण कर बिल्डिंग बना दी गई है। इस तरह से पीएल शर्मा रोड पर अवैध कॉन्प्लेक्स का निर्माण धड़ाधड़ किया जा रहा है, जिसके बाद पीएल शर्मा रोड सुर्खियों में है। अवैध निर्माणकर्तार्ओं में किसी तरह की दहशत भी नहीं है। क्योंकि उनके ऊपर मेरठ विकास प्राधिकरण इंजीनियरों का आशीर्वाद जो ठहरा।
कई बार कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह तक पीएल शर्मा रोड के अवैध निर्माण की शिकायत हुई। मेरठ विकास प्राधिकरण के जोनल अधिकारी विपिन मोरल की कमिश्नर ने क्लास भी लगाई, लेकिन इसके बावजूद जोनल अधिकारी ने अवैध निमार्णों के खिलाफ पीएल शर्मा रोड पर कोई कार्रवाई नहीं की। यही वजह है कि अवैध निर्माण एक के बाद एक होते चले गए। पीएल शर्मा रोड पर जूनियर इंजीनियर भी वही है और जोनल भी वही है, अवैध निर्माण भी मौके पर मौजूद हैं, मगर कार्रवाई नहीं हुई।

