Wednesday, May 6, 2026
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कोरोना की फिर खतरनाक स्थिति

  • जनवरी के पहले तीन में ही कोरोना ने खेली शतकीय पारी, दो डॉक्टर, एक विदेशी समेत 48 नए केस
  • मेरठ में संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा, 173 पहुंचा आंकड़ा जनवाणी संवाददाता  |

मेरठ: अफसर, नेता और पब्लिक सभी ने कोविड गाइडलाइन का पालन करना लगभग छोड़ दिया है। परिणाम यह है कि पांच दिन का आंकड़ा ले ले तो कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 173 तक पहुंच गई है। संक्रमण से बचाव के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जो इंतजाम किये है, वे अभी पूरे नहीं हैं। बच्चों के लिए जितने बेड की जरुरत हैं, उसके आधे का इंतजाम भी नहीं किया गया है।

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ग्रामीण क्षेत्रों में जो आॅक्सीजन प्लांट लगे हैं, वो अभी चालू हालत में नहीं हैं। सरकारी दावों पर प्रश्न चिह्न खड़े हो रहे हैं। अगर संभावित तीसरी लहर से अचानक आई तो स्थितियां संभालना मुश्किल होगा। कोरोना ने शहर में फिर से खतरनाक स्थिति कर दी है। कोरोना ने जनवरी के पहले तीन दिन में ही 109 की शतकीय पारी खेल दी है। नए साल से लगातार संक्रमित मरीजों के मिलने का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। सोमवार को जिले में 48 नए केस मिले हैं। इनमें दो डॉक्टर और एक विदेशी शामिल है। अब मेरठ में सक्रिय मामले 173 हो गए हैं।

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जनपद में नए वर्ष के तीसरे दिन भी कोरोना बम फूटा है। जहां रविवार को एक विदेशी और पांच डॉक्टर समेत 37 नए केस मिले थे। वहीं, सोमवार को यह संख्या 48 पर पहुंच गई। कोरोना के मामलों में इजाफा होने से वायरस का खतरा बढ़ने लगा है। अब होम आइसोलेशन के 158 मामले हैं। सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान ने बताया है कि सोमवार को 3918 सैंपल की जांच में एक विदेशी और दो डॉक्टर भी संक्रमित पाए गए हैं। 5302 नए सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है।

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विदेश से लौटा मवाना का युवक कोरोना संक्रमित

जनपद में कोरोना के रोगी बढ़ने लगे हैं। गत दिवस विदेश से लौटा मवाना के मुबारिकपुर निवासी एक युवक जांच में कोरोना संक्रमित निकला। सोमवार को सीएचसी पर सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। वहीं, परिजनों की भी सैंपलिग कर उन्हें होम क्वारंटाइन के लिए कहा गया है। कोरोना के बढ़ते प्रभाव के चलते मवाना में भी विदेश से लोगों का लौटने का क्रम जारी है।

अब तक 75 से अधिक लोग वापस लौट चुके हैं और जांच में निगेटिव मिले हैं। उधर, दो दिन पूर्व विदेश से लौटे मवाना के गांव मुबारिकपुर निवासी युवक की सीएचसी पर नमूना जांच के लिए लैब भेजा गया था। सोमवार को आई जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित निकला। सीएचसी प्रभारी डा. सतीश भास्कर ने बताया कि उक्त सैंपल को जीनोम सिक्वेंसिग के लिए भेज दिया।

वहीं, सीएचसी पर संक्रमित युवक के परिजनों की भी जांच कराकर होम क्वारंटाइन के साथ गाइड लाइन के पालन को कहा गया है। उधर, सरूरपुर क्षेत्र के गांव पांचली बुजुर्ग निवासी युवक की रिपोर्ट सोमवार को कोरोना पॉजिटिव आई है। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और उसके संपर्क में आने वाले लोगों के सैंपल लेकर जांच को भेज दिए हैं।

खौफ: लापरवाही से कोरोना हो रहा बेकाबू

जिले में कोरोना के मामले रोज बढ़ रहे है बावजूद इसके लोगो की लापरवाही जारी है। बाजारों में भीड़ उमड़ रही है तो कहीं राजनीतिक दल के लोग कोविड नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। सोमवार को गंगानगर में लगनी वाली पैंठ में भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी, इस दौरान न तो किसी के चेहरे पर मास्क था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा था।

लापरवाही का आलम इस हद तक था कि लोग बेखौफ होकर बाजार में खरीदारी करते नजर आए। गौर करने वाली बात ये है कि बीते कुछ दिनों में मेरठ में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रशासन द्वारा लोगो से अपील की जा रही है कि कोविड नियमों का पालन किया जाए।

इसके चलते रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू भी लगाया गया है, लेकिन जनता की लापरवाही रुकने का नाम नहीं ले रही है। इसी तरह के हालात कलक्ट्रेट पर भी देखने को मिले। सोमवार को राष्ट्रीय लोगदल व सपा कार्यकर्ताओं ने बेरोजगारी को लेकर प्रदर्शन किया।

धरनास्थल पर जमा हुए रालोद-सपा के कार्यकर्ताओं के लिए प्रदेश मंत्री संजय चौधरी द्वारा खाने का इंतजाम किया गया था, लेकिन इसी बीच बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भीड़ खाने के लिए उमड़ पड़ी। भीड़ में किसी ने भी मास्क नहीं लगा रखा था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग तो जैसे किसी को याद ही नहीं रही। कुल मिलाकर कोरोना के बढ़ते मामले चिंता का विषय है, लेकिन आम लोग इसको लेकर लापरवाही करने से बाज नहीं आ रहे हैं।

छात्र बीमार तो प्रधानाचार्य भेजेंगे घर

कोरोना संक्रमण के खतरे की आशंका के चलते शासन से विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए नई व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके तहत अगर विद्यालय में पढ़ाई कर रहे किसी भी छात्र-छात्रा की तबीयत खराब होती है तो तत्काल चिकित्सकीय परामर्श के साथ विद्यार्थी को उसके घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संस्थान की होगी। सभी प्रधानाचार्यों को इस संबंध में डीआईओएस स्तर से निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

यह निर्देश माध्यमिक, सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों पर लागू होगा। वहीं, विद्यालयों के गेट की थर्मल स्क्रिीनिंग की जाएगी उस दौरान यदि किसी छात्र को बुखर की पुष्टि होती है तो उस विद्यार्थी को घर भेजा जाएगा। वहीं, अगर कक्षा संचालन के दौरान किसी विद्यार्थी की तबीयत चाहे वायरल इंफेक्शन से ही बिगड़ी हो उसको प्रारंभिक उपचार देकर भिजवाने की जिम्मेदारी प्रधानाचार्य की होगी।

जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश कुमार चौधरी का कहना है कि स्कूलों को यह सूचना भिजवाने का काम किया जा रहा है। अभिभावक भी इस बात पर ध्यान दे कि अगर बच्चे की तबीयत खराब है तो उसको स्कूल न भेजे।

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