जनवाणी ब्यूरो ।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी सबका साथ सबका विकास का नारा देकर सरदार वल्लभ भाई पटेल के सपने को साकार होने की बात करती है। वहीं सूबे में समाजवादी पार्टी की सरकार ने भी सभी के विकास के वादे किए हैं। मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट से चुनावी ताल ठोंक रहे मुलायम सिंह यादव के सुपुत्र और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जब विजय रथ पर सवार होकर निकले तो सभी हैरत में रह गए।
इस बार उनके विजय रथ पर सरदार पटेल की तस्वीर थी। कई तरह के कयास इस तस्वीर को देखकर विशेषज्ञों ने लगाए हैं। यूपी में जहां एक ओर भाजपा हिंदुत्व और विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है। वहीं समाजवादी पार्टी सूबे में राष्ट्रीय लोक दल रालोद के साथ गठबंधन कर मैदान में उतरी है।
लोहिया की समाजवाादी विचार धारा रखने वाली पार्टी के विजय रथ पर इस बार देश के महात्मन की तस्वीरें शामिल हैं। जिनमें बाबा साहेब आंबेडकर से लेकर सरदार पटेल भी शामिल हैं। सरदार पटेल की विचारधारा को वैसे तो भाजपा धार दे रही है। लेकिन इस बार अखिलेश यादव के विजय रथ पर पटेल की तस्वीर कुछ अलग ही संकेत दे रही है। समाजवादी पार्टी सूबे में नौजवानों को रोजगार, समाजवादी पेंशन के साथ-साथ किसानों के गन्ना भुगतान और सिंचाई के बिल को माफ करने की बात कर रही है।
तीन सीटों पर मिली थी जीत
पूर्वांचल से चुनावी शंखनाद करने वाले अखिलेश यादव का विजय रथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहुंचा है। पिछले विधानसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने जबरदस्त जीत हासिल की थी। भारतीय जनता पार्टी को ब्रज की 67 सीटों में से 57 सीटें मिली थीं। समाजवादी पार्टी मैनपुरी में अपना गढ़ बचाने में सफल रही थी। चार में से तीन सीटों पर जीत हासिल हुई थी। इस बार चुनाव में खोई हुई प्रतिष्ठा पाने के लिए अखिलेश ने दांव लगाया है।

