- वांछित अपराधियों के घरों पर भी मारी दबिशें
- उनके बारे में जानकारी की हासिल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रविवार को सीओ कोतवाली ने तीन थानों की पुलिस समेत बीएसएफ के जवानों के साथ संवदेनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में मार्च निकाला। यह मार्च लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में करीब तीन घंटे तक चला। इस दौरान पुलिस टीम ने राहगीरों को कोरोना गाइडलाइन का पालन करने और मतदान में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए जागरूक किया गया।
रविवार दोपहर में बीएसएफ के जवानों ने नौचंदी थाना क्षेत्र के एल ब्लाक शास्त्रीनगर से मार्च शुरू किया। मार्च के लिए कमांडिंग आफिसर सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया के नेतृत्व में निकाला गया। उनके सहयोग में इंस्पेक्टर लिसाडी गेट उत्तम सिंह व इंस्पेक्टर देहली गेट ऋषिपाल सिंह भी मार्च में रहे। मार्च एल-ब्लॉक से शुरू होकर हापुड़ रोड, फतेहउल्लापुर रोड, समर गार्डन, लिसाड़ी गेट, भूमिया का पुल, लिसाड़ी रोड पर निकाला गया।
अपराधियों को दी चेतावनी
बीएसएफ के रूट मार्च के दौरान इसमें शामिल तीन थानों की पुलिस उन अपरािधयों के घर पर भी पहुंची जो हिस्ट्रीशीटर हैं या जिन्हें जिलाबदर किया गया है। ऐसे अपराधियों के परिजनों को सख्त लहजे में चेतावनी दी गयी। साथ ही किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने पर सख्त कार्रवाई की बात कही। हालांकि उनके परिजनों ने शिकायत नहीं होने देने का आश्वासन दिया है।
पोलिंग बूथों का निरीक्षण
मार्च के दौरान तमाम अति संवेदनशील व संवेदनशील क्षेत्रों में बने पोलिंग बूथों का भी पुलिस ने निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा से जुड़ी तमाम तकनीकि बातों का निरीक्षण किया गया। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि मतदान के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी न होने पाए। साथ ही आसपास के लोगों को बगैर किसी खौफ के मतदान करने के लिए प्रेरित किया और बताया कि पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं।
वोटर लिस्ट से नाम गायब होने पर मतदाता परेशान
विधानसभा का प्रथम चरण का चुनाव जनपद में आगामी 10 फरवरी को होगा, लेकिन वोटर लिस्ट में लोगों का नाम न होने पर वोट डालने के लिए वंचित रह सकते हैं। जिससे सरकार के प्रति मतदाताओं में रोष व्याप्त है। नगर में बीएलओ वोटर लिस्ट लेकर घर-घर पहुंच रहे हैं और लोगों को मतदान का महत्व बताते हुए वोटर लिस्ट पर्ची दे रहे हैं। परिवार के लोगों के अधिकतर नाम वोटर लिस्ट से गायब है। मतदान को लेकर नाराजगी जाहिर की है।
जहां सरकार चुनाव से पहले वोट बनाने का अभियान चलाकर नई वोट व पुरानी वोटों का सुंदरीकरण करने का काम बूथ पर बीएलओ द्वारा कराया जाता है। सरकार मतदान करने के लिए जागरूक अभियान चलाकर लोगों को वोट बनवाने के लिए कहती है। जिससे मतदाता अपने मत का प्रयोग कर सके। विधानसभा चुनाव का प्रथम चरण 10 फरवरी को होना है। सरकार ने गांवों व कस्बों में बीएलओ के माध्यम से घर-घर मतदान की पर्ची देने का कार्य शुरू कर दिया है।
बीएलओ परिवार के सदस्यों को मतदान की पर्ची दे रहे हैं। उनमें से परिवार के अधिकतर लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब है। विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए युवा व लोगों में उत्साह बना हुआ था, लेकिन वोटर लिस्ट में नाम गायब होने पर उनके अरमानों पर पानी फिर गया है। नगर के सुशील त्यागी, चंद्र प्रकाश, सुनील कुमार, अनिल, अनुज त्यागी, मोनू, राम किशान, मुश्ताक, हनीफ आदि का कहना है कि बीएलओ की वोटर लिस्ट में हमारे परिवार के कई सदस्यों के नाम की वोट नहीं है।
जबकि हमारे परिवार के लोग पहले से ही मतदान करते आए हैं, लेकिन इस बार वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने पर मतदान करने से वंचित रहेंगे। उन्होंने बीएलओ की लापरवाही बताते हुए चुनाव आयोग से वोटर लिस्ट में नामदर्ज कराने की मांग की है। वहीं, देहात क्षेत्र में भी वोटर लिस्ट से लोगों के नाम गायब है। जिसको लेकर लोगोें में नाराजगी का आलम बना हुआ है।
सरकार के दावों की खुली पोल
चुनाव भी पर्व का माहौल बन गया है। चुनाव को लेकर युवा व लोगों में मतदान करने के लिए उत्साह नजर आने लगा है, लेकिन बीएलओ द्वारा दी जा रही परिवार के लोगों को मतदान पर्ची जिसमें अधिकतर परिवार के लोगों के नाम लिस्ट से कटे हुए हैं। ऐसे में मतदान करने से उन्हें वंचित रहना पड़ेगा।
उधर, सरकार के दावे है कि मतदान करने के लिए लोगों को जागरूक किया गया है। जबकि सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर बीएलओ के माध्यम से मतदाता सूची बनवाती है। वोटर लिस्ट से नामदर्ज न होना सरकार के दावों की पोल खुलती है।
मतगणना स्थल पर चारों विधानसभा के स्ट्रांग रूम बने
लोहिया नगर सब्जी मंडी में मतगणना को लेकर तैयारी अधिकतर पूरी की जा चुकी है। यहां मतगणना स्थल के चारों ओर पांच फीट तक ऊंची दीवार बनाने के साथ ही यहां चार विधानसभाओं के स्ट्रांग रूम भी बनाकर तैयार कर दिये गये हैं। यहां चल रही तैयारियों को लेकर रविवार को डीएम के. बालाजी ने भी मतगणना स्थल का निरीक्षण किया और तैयारियों को परखा। उन्होंने स्ट्रॉग रूम के सामने स्थित नालों के ऊपर पटरियां रख उसके ढ़कने के निर्देश दिये।

बता दें कि लोहियानगर सब्जी मंडी में किठौर, शहर, दक्षिण और कैंट विधानसभा सीटों के उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला होगा। यहां इन चार विधानसभाओं की ईवीएम को रखा जायेगा और 10 मार्च को उनकी वोटों की गिनती होगी। इसकी तैयारी के लिये प्रशासन की ओर से पहले से ही यहां आढ़तियों से दुकानें खाली करा ली गई थी और उन्हें मंडी स्थल के बाहर कर दिया गया था।
अब प्रशासन ने यहां से अंदर प्रवेश के सभी मुख्य मार्ग छोड़कर सभी रास्ते बंद कर दिये हैं। यहां कई फीट ऊंची दीवारें खड़ी कर दी गई हैं। मुख्य द्वारों को छोड़कर प्रवेश के सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है। इसके लिये पिछले कई दिनों से यहां कार्य चल रहा था।
सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी मतगणना
जिला प्रशासन की ओर से सभी स्ट्रॉग रूम के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगा दिये गये हैं। जहां दुकानों के बाहर कैमरे नहीं थे, वहां पर भी कैमरों की व्यवस्था कराई जा रही है। सुरक्षा की दृष्टि से सभी बातों को ध्यान में रखकर प्रशासन की ओर से कार्य किया जा रहा है। यहां मतगणना स्थल पर भी कैमरे लगाये जाएंगे साथ ही इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जायेगी।
स्ट्रांग रूम की तैयारियां पूरी
मतगणना स्थल पर चार विधानसभाओं के स्ट्रॉग रूम की तैयारियों यहां पूरी हो चुकी हैं। अब बस यहां स्ट्रॉग रूम के बाहर चैनर लगाये जाने का कार्य चल रहा है। जिससे कोई भी अनजान व्यक्ति यहां प्रवेश न कर सके। डीएम के. बालाजी ने भी रविवार को यहां निरीक्षण किया। उन्होंने यहां स्ट्रॉग रूम के बाहर चैनर सही प्रकार से लगाये जाने के निर्देश दिये। यहां चारों विधानसभा दक्षिण, किठौर, शहर और कैंट विधानसभा के स्ट्रॉग रूम बनाकर तैयार कर दिये गये हैं।
मतदाताओं को शराब खरीदने के लिए दिए जा रहे पैसे
चुनावों मे वोटरों को लुभाने के लिए शराब बांटे जाने की प्रथा कोई नई नहीं है, लेकिन इस बार पुलिस-प्रशासन की सख्ती के चलते यह तरीका बदल दिया गया है। इस बार देहात क्षेत्र में प्रत्याशियों के प्रतिनिधि अपने वोटरों को साधनें के लिए शराब पीनें के लिए पैसे बांट रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में पिछले विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान हुआ था जिसने शहरी क्षेत्र को भी पीछे छोड़ दिया था।
वहीं इस बात की अक्सर चर्चा रहती है कि देहात में शराब के जरिये मतदाताओं को लुभाया जाता है, लेकिन इस बार शराब तो नहीं दी जा रही, लेकिन उसे खरीदनें के लिए पैसे जरूर दिये जा रहे हैं। देहात के अंदरूनी गांवों में सभी प्रत्याशियों नें अपनी टीमे तैयार कर रखी है। यह टीमें दिन के समय अपने प्रत्याशी को वोट देने के लिए मतदाताओं को राजी करती है।
शाम ढलते ही इसी टीम के सदस्य गांव के वोटरों को शराब पीने के लिए पैसे देते हैं। दिन ढलते ही यह प्रक्रिया शुरू हो जाती है, क्योंकि इस समय पुलिस ने हर गांव में शराब परोसे जाने को रोकने के लिए काफी सख्ती कर रखी है। जिन गांवों में शराब की सरकारी दुकानें नहीं है। उन गांवों के मतदाता शहरी क्षेत्र या बाहरी क्षेत्रों से जाकर शराब खरीद रहे हैं। पूरी रात शराब पीने का दौर चल रहा है।

