- कक्षा नौवीं से इंटरमीडिएट तक के स्कूल और कालेज
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना वैश्विक महामारी की तीसरी लहर के कम होते प्रभाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश में आज से सभी स्कूल खुल जाएंगे। बता दें कि सात फरवरी से कोरोना गाइडलाइन के तहत सभी स्कूलों में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के शिक्षण का कार्य प्रारंभ होगा।
प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर के प्रभावी होने के कारण चार जनवरी से स्कूलों में शिक्षण कार्य बंद कर दिया गया था। अब सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण के कम होते प्रभाव को देखते हुए सात फरवरी से स्कूल खोलने का फैसला किया है। अब स्कूल में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को बुलाकर शिक्षण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। स्कूलों को शीतकालीन अवकाश के बाद कोविड-19 के बढ़ते प्रसार के कारण बंद कर दिया गया था।
अब स्कूल केन्द्र सरकार की कोरोना गाइडलाइन के तहत खोले जाएंगे। जिसमें स्कूल परिसर को साफ रखना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और मास्क पहनना, फेस कवर करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही स्टाफ व शिक्षकों को वैक्सीनेशन की दोनों डोज की भी अनिवार्यता भी रखी गई है। अभी तक यहां आनलाइन कक्षाएं चल रही थी, लेकिन अब कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए भौतिक रूप से कक्षाएं शुरू की जाएंगी।
अभी कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक के सभी प्राइमरी स्कूल बंद रहेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश कुमार चौधरी ने बताया कि स्कूल खोलने को लेकर शासन की ओर से विस्तृत आदेश जारी किए गए है। प्रदेश में सभी जगह पर चरणबद्ध तरीके से स्कूल खोले जाएंगे। केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक पूरे स्कूल परिसर को सैनिटाइज करके रखना होगा। फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। स्कूल में भीड़ जुटने वाले कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे। सभी का मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
स्कूलों के लिए गाइडलाइन
- स्कूल परिसर में सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य।
- स्कूल परिसर में सभी लोगों को आवश्यक रूप से मास्क पहनना होगा।
- स्कूलों को विकल्प के तौर पर आॅनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था करानी होगी।
- यदि स्कूल में किसी को भी जुकाम, बुखार आदि के लक्षण दिखते हैं तो उसे चिकित्सीय सलाह के साथ उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- कोई भी आयोजन तब ही किया जाए जब उसमें फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा सकता हो।
- सांस्कृतिक गतिविधियों में कोविड प्रोटोकाल होगा लागू
- स्कूलों को रोज सेनेटाइज करना होगा।
- प्रवेश करते समय शिक्षकों, कर्मचारियों व छात्र-छात्राओं की थर्मल स्कैनिंग की जाए।
- हाथों को सैनिटाइज कराने की व्यवस्था गेट पर ही की जाए।

