- सांसद ने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से उल्टाखेड़ा की ली जानकारी
जनवाणी संवाददाता |
हस्तिनापुर: बुधवार को प्राचीन पांडव टीले पर सांसद ने उत्खनन कार्य का निरीक्षण किया और पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से पांडव टीले से संबंधित कई बिंदुओं पर बातचीत की। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने बुधवार को कस्बे के पांडव किला उल्टा खेड़ा पर उत्खनन कार्य का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर उनके साथ पुरातत्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे सबसे पहले उन्होंने पांडव टीले पर पहुंचकर उत्खनन कार्य के संबंध में पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां ली। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि अभी तक खुदाई के दौरान निकले प्राचीन अवशेषों में कई ऐसे प्राचीन अवशेष हैं, जो प्राचीन प्रमाणिकता को दर्शा रहे हैं।
साथ ही प्राचीन र्इंटों की दीवारों के अलग-अलग कालों का समय बताया। इस अवसर पर सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने पांडव टीले के उत्खनन कार्य की मांग दो बार संसद में भी उठाई। वहीं उन्होंने बताया कि पांडव टीला एक पौराणिक धरोहर है। जिस को संरक्षित करना सरकार का भी मुख्य उद्देश्य है। पांडव किले में दबे इतिहास को दुनिया के सामने लाने के लिए सरकार ने पांडव टीले पर उत्खनन करने की अनुमति दी है।
जिसके बाद पुरातत्व विभाग के अधिकारी पिछले कई दिनों से पांडव टीले के उत्खनन में लगे हैं। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पांडव किले में खुदाई के दौरान कई प्राचीन अवशेष मिले हैं। वहीं सांसद ने कहा कि अभी और अधिक खुदाई होने पर कई ऐतिहासिक बड़े तथ्य सामने आएंगे।
इसके बाद उन्होंने पांडव टीले पर मौजूद धार्मिक स्थलों और अन्य स्थानों का भ्रमण किया साथ ही पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से पांडव टीले को इको टूरिज्म स्थल बनाने पर भी बातचीत की और कहा कि वह भी सरकार से इसे विकसित कराने के संबंध में बातचीत करेंगे और पिछले लंबे समय से वह लगातार इस पर ध्यान केंद्रित कर संसद में भी मांग उठा रहे हैं। यह एक प्राचीन स्थल है।

