- सुबह से लेकर दोपहर तक रेंगते रहे वाहन, सात घंटे बाद भी नहीं मिली राहत
- पैदल निकलना भी हुआ मुश्किल, एंबुलेंस भी फंसी
जनवाणी संवाददाता |
मवाना: नगर में प्रतिदिन लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाना पाना मुश्किल हो गया है। गुरुवार को सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक करीब तक सात घंटे लगे भीषण जाम से पूरा नगर हांफ गया। जबकि पुलिस के भी जाम खुलवाने को पसीने छूटते नजर आए। भीषण जाम में फंसे वाहन रेंगते नजर आए तो वही पैदल निकलना मुश्किल हो गया।
पुलिस ने भारी मशक्कत के बीच जाम को खुलवाने बारंबार प्रयास किया, लेकिन सफलता हासिल नहीं हो सकी। धीरे-धीरे जाम खुला, लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही। भीषण जाम में फंसे वाहनों से निकलने वाले तेज होर्न से हार्ट एवं मानसिक रूप से ग्रस्त मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि नगर में बने फूटपाथ पर हो रही वाहनों की पार्किंग एवं अतिक्रमण से प्रतिदिन लगने वाले भीषण जाम से दो-चार होना पड़ रहा है।
पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ नगरपालिका प्रशासन की लापरवाही के चलते नगर में प्रतिदिन लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। जिसके चलते नगर में प्रतिदिन लगने वाले भीषण जाम से नगरवासियों के स. ाथ बाहरी लोगों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।
पैदल निकलना मुश्किल हो गया है तो वही डग्गामार वाहनों से लेकर ई-रिक्शा चालक की मनमानी भी थमने का नाम नहीं ले रही है। नगरपालिका प्रशासन द्वारा बनाया गया पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ पर भी अतिक्रमण की जद में लेते हुए वाहनों का पार्किंग स्थल बना दिया है।
जिसके चलते नगर में भीषण जाम के झाम से लोगों को आए दिन दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार सुबह आठ बजे से शुरू हुआ भीषण जाम दोपहर दो बजे तक लगा रहा। जिसके चलते नगर में दोनों तरफ के वाहन सडक पर रेंगते नजर आए तो वही पुलिस के भी जाम खुलवाने को पसीने छूट गए। थाना तिराहे से लेकर मवाना स्टैंड चौकी एवं परीक्षितगढ़ रोड पर पुलिस वाहनों को एक-एक कर निकलवाने में लगी रही।
इस दौरान जाम के झाम में फंसे वाहनों के साथ एंबुलेंस सेवाएं भी फंसी दिखाई दी। जाम में फंसी एंबुलेंस के चालक भी सायरन बजाते रहे तो वही पुलिस ने भारी मशक्कत के बाद वाहनों का आवागमन कराया, लेकिन चंद मिनटों बाद जाम की स्थिति भयावह होती देख पुलिस के पसीने छूटते नजर आए। नगर में करीब आठ घंटे जाम लगने से नगर पूरी तरह से हांफ गया।
बता दें कि बुधवार को भी उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के नगराध्यक्ष इमरान इलाही ने व्यापारियों के साथ मिलकर जाम से निजात दिलाने की मांग उठाई थी, लेकिन पुलिस ने व्यापारियों द्वारा ही अतिक्रमण करने की बात कही। इंस्पेक्टर विष्णु शर्मा ने बताया कि फिलहाल पुलिस चुनाव ड्यूटी पर है। मतगणना होने के बाद नगर में प्रतिदिन लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए अतिक्रमण हटाओं अभियान चलाया जाएगा।
सड़कों पर अतिक्रमण बना जाम की समस्या
सरधना: नगर के बाजारों में अतिक्रमण गंभीर समस्या बना हुआ है। अतिक्रमण के चलते लोगों को जाम की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। दुकानदारों और ठेले वालों ने सड़कों पर अतिक्रमण कर रखा है। गुरुवार को भी बाजारों में जाम के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सरधना में जाम की समस्या नासूर हो गई है। सड़कों पर अतिक्रमण जाम का सबसे मुख्य कारण है। बाजारों में सड़कों पर अतिक्रमण की समस्या ज्यादा गंभीर है। अशोक की लाट, गंज बाजार, कालंद चुंगी, देवी मंदिर, बिनौली अड्डा बाजारों में अतिक्रमण की सबसे अधिक समस्यास है। दुकानदारों ने सड़क पर आगे तक अतिक्रमण कर रखा है।
रही सही कसर ठेले वाले पूरी कर देते हैं। अशोक की लाट पर अतिक्रमण के चलते ठेले वालों और राहगीरों में आए दिन नोकझोक होती रहती है। गुरुवार को भी जाम के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने प्रशासन से सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।

