- पुलिस की हीला हवाली के चलते जल्द बेल पा रहे पेशेवर अपराधी
- एक बदमाश को भेज दिया, मुख्य आरोपी को अभी थाने में बैठाया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रस्सी का सांप बनाने वाली पुलिस के खेल निराले हैं। शहर के थाना लिसाड़ी गेट की पुलिस ने भी कुछ ऐसा ही अनोखा खेल खेला है। जिसमें रंगदारी मांगने वाले को तमंचे में जेल भेजा गया, ताकि उसे जल्दी ही बेल मिल जाए। यही नहीं पुलिस ने रंगदारी मांगने के मुख्य आरोपी को तो थाने में ही बैठाया हुआ है और उसके साथी का चालान कर दिया है। पुलिस का यह खेल कोई नया नहीं है, इससे पहले भी लिसाड़ी गेट पुलिस मोबाइल लूट के आरोपी का आबकारी एक्ट की धाराओं में भी चालान कर चुकी है। यह सब तब है जिले कप्तान की पैनी नजर इस तरह का खेल करने वाले पुलिसकर्मियों पर है, मगर इसके बावजूद भी लिसाड़ी गेट थाने की पुलिस के खेल खेलने पर लगाम नहीं लग पा रही है।
विदित है कि लिसाड़ी गेट और कोतवाली थाना क्षेत्र में सलमान व शारिक गैंग का आतंक मचा हुआ है। सलमान व शारिक गैंग में दर्जनभर सदस्य है। सलमान गैंग का सदस्य शाहरुख पुत्र नाटा अय्यूब निवासी लखीपुरा गली नंबर 18 कुछ दिनों पहले ही हत्या के मामले में जेल से जमानत पर आया है। शाहरुख ने जेल से बाहर आते ही दोबारा से सलमान के नाम पर रंगदारी मांगना शुरू कर दिया है। दो मार्च को मजीदनगर मेवगढ़ी के रहने वाले स्क्रैप कारोबारी व बसपा नेता सिराजुद्दीन पुत्र रमजान की बेटी का निकाह था।
जब सिराजुद्दीन की बेटी की विदाई हो रही थी तो शाहरुख वहां पहुंचा और पिस्टल लहराते हुए कई राउंड फायरिंग कर दी थी। शादी समारोह में मौजूद लोगों ने किसी तरह शाहरुख को समझाकर वापस भेज दिया था। रविवार रात को शाहरुख अपने साथी जुनैद के साथ फिर से सिराजुद्दीन के घर पहुंचा था और ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए उससे पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। सिराजुद्दीन ने शाहरुख के खिलाफ लिसाड़ी गेट थाने में तहरीर दे दी।
सोमवार को जब तहरीर के बारे में शाहरुख को पता चला तो वह अपने साथी जुनैद पुत्र वकील निवासी न्यू इस्लामनगर और भूरा के साथ सिराजुद्दीन के घर पहुंचा और कई राउंड फायरिंग कर दी। गोलियों ककी आवाज सुनने के बाद आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकले तो शाहरुख और भूरा बाइक छोड़कर फरार हो गए थे और जुनैद को लोगों ने वहीं दबोच लिया था।
इसके बाद लोगों ने जुनैद की जमकर पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने कुछ देर बाद शाहरुख को भी गिरफ्तार कर लिया था। सिराजुद्दीन ने थाने पहुंचकर उक्त तीनों के खिलाफ रंगदारी न देने पर फायरिंग का आरोप लगाया था। इसके बावजूद पुलिस ने जुनैद पर तमंचा बरामद दिखाकर उसे न्यायालय में पेश कर दिया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं, शाहरुख को अभी भी पुलिस ने थाने में ही बैठाया हुआ है।
दो बदमाशों की संपत्ति होगी जब्त, डीसीआरबी में गैंग हुआ पंजीकृत
थाना सिविल लाइन पुलिस ने चोरी और लूट करने वाले दो बदमाशों का गैंग डीसीआरबी में पंजीकृत कराया है। दोनों बदमाशों के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। जल्द ही आरोपियों की संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। बता दें दोनो आरोपी जनवरी में सिविल लाइन थाने से लूट के मामले में जेल गए थे और तब से जेल में ही है। पुलिस इनकी संपत्ति के बारे में भी जानकारी जुटाने में लग गई है।
इंस्पेक्टर रमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि हाशिम पुत्र जब्बार निवासी शालीमार गार्डन और कासिम पुत्र इस्लाम निवासी बिजली बंबा बाइपास हापुड़ रोड अबू बकर मस्जिद के पास खरखौदा को कुछ दिन पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन और भावनपुर थाने में छह-छह मुकदमे दर्ज है। आरोपियों के खिलाफ डिस्ट्रिट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो यानि डीसीआरबी में हाशिम को गैंग लीडर बनाते हुए कासिम को भी शामिल किया गया है।
इनका गैंग पंजीकृत डीसीआरबी में कराया गया है। इसके साथ ही दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले की विवेचना मेडिकल थाने को ट्रांसफर कर दी गई है। वहीं, जल्द ही हाशिम और कासिम की 14 ए के तहत अवैध रूपे से धन अर्जित करके बनाई गई संपत्ति जब्त की जाएगी। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जहरखुरानी गिरोह ने लेखपाल से लूटी नगदी और मोबाइल
रोडवेज की बसों में जहरखुरानी गिरोह सक्रिय है। रोडवेज बस में गिरोह के सदस्यों ने एक लेखपाल को निशाना बना लिया। नकदी, मोबाइल और जरूरी कागजात साफ कर दिए।सवारियों ने पुलिस को सूचना दी तो उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को होश आने के बाद पीड़ित ने सदर बाजार थाने पहुंचकर तहरीर दी है। रुड़की रोड स्थित एकता नगर के रहने वाले कुलवंत सिंह लेखपाल हैं। उनकी तैनाती शामली में है।
सोमवार शाम वह काम खत्म कर रोडवेज बस से घर आ रहे थे। इस दौरान कुछ यात्री पहले से ही बैठे हुए थे। बस के चलते ही आसपास बैठे लोगों ने बातचीत शुरू कर दी। आरोप है कि उनको बातों में उलझा कर चाय पीने को दे दी, जिसे पीते ही वह बेसुध हो गए। भैंसाली डिपो पर अन्य यात्रियों ने पुलिस को सूचना दी तो उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मंगलवार को हालत में सुधार होने पर वह परिजनों के साथ थाना सदर बाजार पहुंचे और तहरीर दी। बताया कि जहरखुरानी गिरोह के सदस्यों ने करीब चार हजार रुपये, मोबाइल फोन और जरूरी विभागीय कागजात गायब कर दिए। थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही गिरोह के सदस्यों को पकड़ लिया जाएगा।

