Thursday, April 2, 2026
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आप बुरी लतों के शिकार तो नहीं

भाषणा बांसल

अधिकांश लोग चाय, कॉफी का सेवन करते हैं व च्युइंगम चबाते देखे जा सकते हैं। किसी को फास्टफूड खाने की ज्यादा आदत होती है तो कोई चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक इत्यादि का सेवन करना पसंद करता है। यदि यह आपकी पसंद हैं और इन चीजों को आप शौक के तौर पर लेते हैं, तब तो ठीक है परंतु अगर यही चीजें आपकी कमजोरी बन चुकी हैं तो यह आपके लिए नुक्सानदेह साबित हो सकता है।

कुछ लोग चाय, कॉफी अत्यधिक मात्रा में पीते हैं। जब तक वे आठ-दस कप चाय या कॉफी का सेवन न कर लें, उन्हें पूरे दिन बेचैनी-सी महसूस होती रहती है। डॉक्टरों के मुताबिक यदि आप चाय या कॉफी का सेवन सीमित मात्रा में करते हैं तो यह आपको हानि नहीं पहुंचा सकती परंतु आठ-दस कप चाय कॉफी पीना आपके लिए हानिकारक है क्योंकि इनमें कैफीन नामक तत्व सम्मिलित होता है, जो नशीला होता है। आठ-दस कॉफी या चाय का सेवन यह दशार्ता है कि आप इस के आदी हो चुके हैं। यह लत आपके स्वास्थ्य को धीरे-धीरे नुक्सान पहुंचाती है।

काफी, चाय, चॉकलेट व चीज की भांति च्युइंगम चबाने की लत, फास्ट फूड का जरूरत से ज्यादा सेवन, यहां तक कि खाना खाने के बाद सौंफ का आदी होना भी हानिकारक है। इसके अलावा चिप्स, मूंगफली, कोल्डड्रिंक इत्यादि की लत भी ठीक नहीं। मनोचिकित्सकों के मुताबिक अक्सर लोग जब इन खाद्य पदार्थों के आदी हो जाते हैं तो इनके बिना रह नहीं पाते और यह उनकी लत बन जाती है। इन पदार्थों का सेवन वे भूख की वजह से नहीं बल्कि लालच की वजह से करते हैं। इन्हें देखते ही उनका जी ललचाने लगता है और वे स्वयं को रोक नहीं पाते, चाहे कोई भी मौका हो और वे जिस भी जगह पर हों। जिस तरह किसी नशेड़ी व्यक्ति को नशाले पदार्थ न मिलें तो वह बेचैन हो उठता है, उसका शरीर काम करना बंद कर देता है, उसी तरह इन खाद्य पदार्थों के व्यस्नी भी महसूस करते हैं।

अक्सर लोग इन चीजों की लत को नकारात्मक रूप से नहीं लेते क्योंकि समाज की नजर में ये चीजें उतनी बुरी नहीं जितनी कि शराब, धूम्रपान, पान मसाला इत्यादि हैं। कुछ लोगों को तो यह पता ही नहीं चलता कि वे इन खाद्य पदार्थों की गिरफ्त में बुरी तरह फंस चुके हैं। वे जीवन भर इन चीजों का सेवन करना नहीं छोड़ पाते और कई बीमारियों के शिकार बने रहते हैं।

कुछ व्यक्ति इन खाद्य पदार्थों का सेवन तनाव कम करने के लिए भी करते हैं। जब वे तनावग्रस्त होते हैं या उन पर काम का अत्यधिक बोझ होता है तो वे सोचते हैं कि क्यों न कॉफी या चाय पी ली जाए या फिर च्युइगंम चबायी जाए। मनोचिकित्सकों का मानना है कि जज्बाती लोग जल्द इनके शिकार बनते हैं। उनके अनुसार इनकी लत छुड़ाने हेतु काउंसलिंग कारगर साबित हो सकती है।

मनोचिकित्सकों का कहना है कि जब किसी व्यक्ति को यह अहसास हो जाता है कि वह किसी चीज की लत का शिकार है और उसे इससे छुटकारा पाना चाहिए तो यह सुधार की ओर उसका पहला कदम होता है क्योंकि यदि उसे अहसास ही नहीं होता तो उसके लिए यह सब छोड़ पाना काफी कठिन होता है।
क्या करें

’ याद रखें, ये चीजें आपके स्वास्थ्य को नुक्सान पहुंचा रही हैं और आगे चलकर आपकी जान को खतरा भी हो सकता है।

’ एकदम से इन्हें न छोड़ें क्योंकि ऐसा करने से आप इनसे कभी नहीं बच पाएंगे। पहले इनका सेवन कम कीजिए। जैसे आप दिन में दस कप कॉफी या चाय पीते हैं तो पहले दिन नौ कप चाय या कॉफी का सेवन करें, फिर धीरे-धीरे आधा-आधा कप कम करें।

’ फास्ट फूड की लत आपका वजन बढ़ाकर आपको कई बीमारियों का शिकार बना सकती है क्योंकि इसमें कैलोरी अत्यधिक मात्रा में होती है अत: इससे बचने का प्रयास करें।

’ सामाजिक गतिविधियों में भाग लें। इससे आपका ध्यान बंट जाएगा।

’ जब आपको बेचैनी महसूस हो, इन पदार्थों का सेवन करने की बजाय खुली हवा में जाएं, ठंडा पानी पिएं या फिर कुछ ऐसा करें, जिसमें आपको मजा आता हो।

’ संभव हो तो कुछ दिनों के लिए किसी ऐसे व्यक्ति के पास जाएं, जिसकी आप इज्जत करते हों और जिसके सामने आपको झिझक महसूस करते हों। इससे आपको लत छोड़ने में सहायता मिलेगी।

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