Saturday, May 21, 2022
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लेक्सिकोग्राफी डिक्शनरी लिखने की कला

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लेक्सिकोग्राफी शब्द ग्रीक भाषा के ‘लेक्सिकोस’ से लिया गया है। मूल रूप से ‘लेक्सिकोस’ शब्द लेक्सिस का विशेषण है जिसका अर्थ ‘शब्द’ होता है। ग्राफी का अर्थ लिखना या रचना करना होता है। इस प्रकार लेक्सिकोग्राफी का अर्थ शब्दों को लिखना होता है। किंतु यथार्थ में लेक्सिकोग्राफी शब्दों को डिक्शनरी के रूप में लिखने की कला को कहा जाता है। इसीलिए एक लेक्सिकोग्राफर वह प्रोफेशनल होता है जो डिक्शनरी और एनसाइक्लोपीडिया के कंपाइलेशन और एडिटिंग का कार्य करता है।

लेक्सिकोग्राफी क्या होता है?

मूल रूप से शब्दों को लिखने की कला को लेक्सिकोग्राफी कहा जाता है। यह डिक्शनरी लिखने की कला है। किसी डिक्शनरी में शब्द, उसके ओरिजिन, अर्थ, उच्चारण, समानार्थी, विलोम और अन्य विशेषताओं को व्यवस्थित करने का विज्ञान ही लेक्सिकोग्राफी कहलाता है। यह उस भाषा के साहित्य का पोषक होता है। यही कारण है कि किसी भाषा के विकास में लेक्सिकोग्राफी अहम भूमिका निभाता है। प्रारंभ में लेक्सिकोग्राफी को ‘एप्लाइड लिंग्विस्टिक्स’ की उपशाखा माना जाता था, किंतु समय के साथ वर्तमान में यह एक इंडिपेंडेंट डिसिप्लिन के रूप में विकसित हो चुका है।
लेक्सिकोग्राफी की दो शाखाएं होती हैं-

1. प्रैक्टिकल लेक्सिकोग्राफी : इसके अंतर्गत डिक्शनरी के लिखने, संग्रह करने और उसे एडिट करने की प्रक्रियाओं को शामिल किया जाता है।

2. थ्योरिटिकल लेक्सिकोग्राफी : लेक्सिकोग्राफी की यह शाखा भाषा और इसके वकेब्युलरी (शब्द भंडार) के अध्ययन पर केंद्रित होता है। यह डिक्शनरी में प्रयुक्त शब्दों के अर्थ और संरचनात्मक संबंधों के सिद्धांतों को विकसित करता है।

एक लेक्सिकोग्राफर का जॉब प्रोफाइल क्या होता है

एक लेक्सिकोग्राफर किसी डिक्शनरी निर्माण के साथ-साथ शब्दों की उपयुक्त परिभाषाओं और उनकी मुख्य विशेषताओं को संकलित करने के साथ-साथ निम्न प्रकार की जिम्मेदारियों के निर्वाह में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है-

डिक्शनरी का आकार निश्चित करना जो प्राय: संग्रहित शब्दों की संख्या और उनके टारगेट यूजर पर निर्भर करता है।

डिक्शनरी की सर्वोत्तम और आकर्षक डिजाईन तैयार करना ताकि यूजर्स डिक्शनरी के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म्स के एंट्रीज को आसानी से एक्सेस कर पाए।

डिक्शनरी में प्रयुक्त होने वाले सिम्बल्स और एक्रोनिम्स (संक्षिप्त शब्द) को डिक्शनरी स्टाइल में लिखना।

पाठकों के स्तर की पहचान करना, जिसके यूज के लिए डिक्शनरी तैयार की जा रही है। उदाहरण के लिए एलीमेंट्री लेवल की डिक्शनरी का स्टैण्डर्ड, एक्स्प्लनैशन, डेफनिशन, डरिविटिव, कवरेज और कनवास एडवांस्ड लेवल की डिक्शनरी से काफी कम स्तर के होते हैं।

विभिन्न कॉन्टेक्स्ट में एक ही शब्द के विभिन्न अर्थों को अच्छी तरह से समझना और उसे वाक्यों में प्रयोग करना।

टेक्स्ट्स को अच्छी तरह से एडिट करना और उनका प्रूफरीडिंग करना।

डिक्शनरी के विभिन्न कंपोनेंट्स को सुंदर तरीके से अरेंज करना।

अनिवार्य स्किल

लेक्सिकोग्राफी का डोमेन कठिन मिहनत, धैर्य और चुनौतियों से भरा होता है। कठिन जिम्मेदारियों से भरे इस क्षेत्र में सफल होने के लिए एक उम्मीदवार में निम्न अनिवार्य स्किल्स का होना अनिवार्य है-

विभिन्न भाषाओं के शब्दों को जानने के प्रति स्वाभाविक रूचि का होना जरूरी है। इसके लिए विभिन्न विषयों की पुस्तकों को पढ़ने की आदत का होना जरूरी है।

टाइम मैनेजमेंट, क्रिटिकल थिंकिंग के साथ आॅर्गेइजेशनल स्किल भी इस पेशे के लिए जरूरी माने जाते हैं।

नये शब्दों को सीखने के प्रति एक जूनून का भाव होना चाहिए। भाषा और विचारों के सीखने के प्रति उत्कट जिज्ञासा होनी चाहिए।

इंग्लिश पर पूर्ण मास्टरी होना भी आवश्यक है। विशेषकर उसे ग्रैमर ग्रामर का बहुत अच्छा ज्ञान होना चाहिए।

जिस भाषा में लेक्सिकोग्राफर कार्य कर रहा है, उसका उसे अगाध ज्ञान होना चाहिए।

कंप्यूटर के ज्ञान के साथ एक लेक्सिकोग्राफर को नई तकनीकों का भी ज्ञान आवश्यक होता है ताकि आॅनलाइन डिक्शनरी और ई-बुक्स के क्षेत्र में कार्य करने में कोई असुविधा न हो।

शुरुआत कहां से करें

लेक्सिकोग्राफर के रूप में करियर बनाने के लिए न्यूनतम एजुकेशनल क्वालिफिकेशन इंग्लिश या अन्य संबंधित लैंग्वेज में ग्रेजुएशन की डिग्री होता है। इसके लिए मास्टर की डिग्री होना जरूरी होता है। पीएचडी की डिग्री से रास्ता और भी आसान हो जाता है। लेक्सिकोग्राफी या लिंग्विस्टिक्स में एडवांस्ड डिग्री या डिप्लोमा और पीएचडी की डिग्री के साथ इस प्रोफेशन में बड़ी तेजी से आगे बढ़ा जा सकता है।

प्रमुख संस्थानं

भारत में ऐसे कई यूनिवर्सिटी हैं जो इंग्लिश, हिंदी, संस्कृत और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में लेक्सिकोग्राफी कोर्स आॅफर करती हैं। इसके लिए मिनिमम क्वालिफिकेशन ग्रेजुएशन है, जिससे लेक्सिकोग्राफी में मास्टर डिग्री प्राप्त किया जा सकता है। कुछ इंस्टीट्यूट्स मास्टर्स डिग्री कोर्स में एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट कंडक्ट करती हैं। पोस्टग्रेजुएट डिग्री के बाद इस फील्ड में डॉक्टरेट डिग्री के लिए भी अप्लाई किया जा सकता है। कोर्स की समाप्ति पर उम्मीदवार किसी पब्लिशिंग हाउस में जॉब करके एक्सपीरियंस भी हासिल कर सकता है।
लेक्सिकोग्राफी और इससे संबंधित फील्ड्स में कोर्सेज करने के लिए प्रमुख संस्थान निम्नांकित हैं-

डिपार्टमेंट आॅफ संस्कृत एंड लेक्सिकोग्राफी, डेक्कन कॉलेज, पुणे

डिपार्टमेंट आॅफ लिंग्विस्टिक्स एंड पंजाबी लेक्सिकोग्राफी, पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला

स्कूल आॅफ तमिल एंड द्रविड़ियन लैंग्वेजेज, यूनिवर्सिटी आॅफ मद्रास

भरथियार यूनिवर्सिटी, कोइयंबटोर

सेंट्रल यूनिवर्सिटी आॅफ केरल

जॉब कहां मिल सकती है

लेक्सिकोग्राफर मुख्य रूप से पब्लिशिंग हाउस में कार्य करते हैं, जहां वे डिक्शनरी का प्रकाशन करते हैं। डिक्शनरी का प्रकाशन प्रिंट या आॅनलाइन या फिर दोनों फॉर्मेटस में होता है। लिंग्विस्टिक्स और लेक्सिकोग्राफी में पोस्टग्रेजुएशन या पीएचडी करने के बाद कोई कैंडिडेट अपने करियर की शुरुआत असिस्टेंट एडिटर या असिस्टेंट एडिटर के जूनियर के रूप में कर सकता है। जूनियर के रूप में कार्य करने के लंबे एक्सपीरियंस के बाद एडिटर या लेक्सिकोग्राफर के पद पर पहुंचा जा सकता है।

यह फील्ड उच्च तकनीक और स्पेशलाइज्ड स्किल का होता है, इसीलिए कुछ पब्लिशिंग हाउसेज कैंडिडेट्स को आॅन-दी-जॉब ट्रेनिंग भी आॅफर करती हैं। इस ट्रेनिंग में लेक्सिकोग्राफी में प्रयुक्त होनेवाले स्पेशलाइज्ड सॉफ्टवेयर पैकेजेज और डेटाबेस के बारे में ट्रेनिंग दी जाती है जो आॅनलाइन डिक्शनरी और ई-बुक्स बनाने में मदद करती है।

एक लेक्सिकोग्राफर निम्न क्षेत्रों में भी जॉब प्राप्त कर सकते हैं

फ्रीलान्स लेक्सिकोग्राफर के रूप में एक कैंडिडेट विभिन्न पब्लिशिंग हाउसेज के लिए पार्ट-टाइम जॉब कर सकते हैं।

लेक्सिकोग्राफर खुद की पब्लिशिंग हाउस शुरू कर सकते हैं, जिसके माध्यम से इस प्रोफेशन में सफलता के शिखर पर पहुंचने की राहें आसान हो जाती है।

वे ट्रेनिंग रिसोर्स पर्सन के रूप में दूसरों को लेक्सिकोग्राफी में ट्रेनिंग दे सकते हैं। इसके बतौर इस प्रकार के ऐकडेमिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की जा सकती है।

लेक्सिकोग्राफर डिक्शनरी के अतिरिक्त अन्य रिफरेन्स बुक्स पर काम करके अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं।

अन्य प्रकार के डिक्शनरी, उदहारण के लिए बाइलिंगुअल या ट्रांसलेशन, टेक्निकल, एजुकेशनल, हिस्टोरिकल, बायोग्राफिकल, ज्योग्राफिकल, लिटरेरी, साइंटिफिक टर्म्स, साइकलॉजिकल, स्पिरिच्वल, मल्टीलिंगुअल आदि के निर्माण पर भी कार्य कर सकते हैं।

कितनी आय हो सकती है

हकीकत यही है कि लेक्सिकोग्राफी एक हाई सैलरी का प्रोफेशन नहीं माना जाता है, क्योंकि टेक्नोलॉजी के फास्ट ग्रोथ के कारण लेक्सिकोग्राफी का बिजनेस, खासकर प्रिंट लेक्सिकोग्राफी अपनी चमक खो रहा है। अधिकांश लेक्सिकोग्राफर इस फील्ड में शौक और पैशन के कारण जुड़े हुए हैं। किंतु एक बात तय है कि इस डोमेन में सैलरी कैंडिडेट के व्यक्तिगत साहस, महत्वाकांक्षा, एक्सपीरियंस और पब्लिशिंग हाउस की ब्रांड पर भी निर्भर करती है। किसी पब्लिशिंग हाउस में लेक्सिकोग्राफर के रूप में मासिक सैलरी 20,000 रुपए से 30,000 रुपए के मध्य होता है। वैसे एक फ्रीलान्स लेक्सिकोग्राफर और खुद की कंपनी के मालिक के रूप में लेक्सिकोग्राफर और भी अधिक आय अर्जित कर सकता है।

श्रीप्रकाश शर्मा


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