- महिला आयोग की उपाध्यक्ष को केंद्र प्रभारी नदारद मिली
- स्टाफ ने बताया कभी नहीं आती, घर से चला रहीं केन्द्र
- डीएम से कहा मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई हो, स्टाफ ने खोली पोल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: महिलाओं को न्याय दिलाने के लिये मेडिकल कालेज में खोला गया आशा ज्योति केन्द्र खुद निराशा की जिंदगी जी रहा है। इसे निराशा में बदलने का काम केन्द्र की प्रबंधक आरती त्यागी कर रही है। 15 दिन से प्रबंधक ने केन्द्र में झांकना तक जरूरी नहीं समझा। इस बात का खुलासा तब हुआ जब महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। उपाध्यक्ष ने जिलाधिकारी से कहा कि केन्द्र की प्रबंधक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
घरेलू हिंसा, अपराध, दुष्कर्म पीड़िताओं की मदद को बने आशा ज्योति केंद्र में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। केन्द्र में तैनात एक महिला होमगार्ड न्याय के लिये महीनों से भटक रही है, लेकिन उसकी सुनने को कोई तैयार नहीं है। इस महिला के सब्र का बांध उस वक्त टूट गया जब राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने आशा ज्योति केन्द्र का औचक निरीक्षण किया।

उपाध्यक्ष जब केन्द्र में घुसी तो केन्द्र की प्रबंधक आरती त्यागी नदारद मिली। आयोग उपाध्यक्ष ने ड्यूटी दे रही महिला होमगार्ड बबली से जानकारी ली होमगार्ड उपाध्यक्ष के सामने डरती हुई रोने लगी। होमगार्ड ने अपनी नौकरी का हवाला दिया कि उसकी नौकरी चली जाएगी। होमगार्ड ने कहा 15 दिन से मैंने सेंटर मैनेजर को सेंटर में नहीं देखा। जैसे ही उपाध्यक्ष ने होमगार्ड का बयान लिखना शुरू किया।
होमगार्ड उपाध्यक्ष के सामने रोने लगी। तब स्टाफ और उपाध्यक्ष ने समझाया। आयोग उपाध्यक्ष ने सेंटर मैनेजर आरती त्यागी की अनुपस्थिति का कारण पूछा, तो स्टाफ ने बताया कि वो 15 दिन से दफ्तर नहीं आई हैं। घर से बैठकर ही निर्देश देती हैं। एक महिला स्टाफ ने कहा कि हमें आधे दिन का अवकाश भी सेंटर मैनेजर नहीं देती हैं और स्वयं घर से ही काम करती हैं।
वहीं, आयोग उपाध्यक्ष को आशा ज्योति केंद्र में सफाई, बिजली, पानी और इलाज सहित तमाम व्यवस्थाओं में खामियां मिलीं। महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने सेंटर के कर्मचारियों को डांट लगाई साथ ही सेंटर पर मौजूद सभी कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने डीएम दीपक मीणा को भी फोन करके इस पूरे मामले की जानकारी दी और उनसे सेंटर मैनेजर आरती त्यागी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग भी की।

