Tuesday, April 14, 2026
- Advertisement -

नैंसी की हुनरमंदी से ‘कांस’ में बागपत का जलवा

  • गुड़ियों के कपड़े सीते-सीते बन गर्इं नामचीन ड्रेस डिजाइनर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: छोटे छोटे हाथों की हुनरमंदी कब किसे सातवें आसमान की बुलंदियों तक पहुंचा दे कहा नहीं जा सकता। खेल खिलौने वाली गुड़ियों के कपड़े सीते सीते एक लड़की अपने इसी हुनर के बल पर अचानक अन्तर्राष्ट्रीय फलक पर छा गई। हम बात कर रहे हैं बागपत के बरनावा की पिंक गर्ल नैंसी त्यागी की जिसने अपने पिंक गाउन से दर्शकों को ऐसा रिझाया कि फ्रांस के कांस में आयोजित 77वें फिल्म फैस्टिवल में बागपत की हुनरमंदी का जलवा बिखेर दिया। अपने 20 किलो के गाउन के बीच सिमट सी गर्इं बागपत की नैंसी जब रेड कारपेट पर जलवा अफरोज हुर्इं तो दर्शकों ने दांतों तले अंगुली दबा ली।

जिस परिवार का मुखिया (गजेन्द्र त्यागी) एक गांव में छोटी-सी मैकेनिक की दुकान चलाता हो और उसकी बेटी अगर अंतर्राष्ट्रीय फलक पर यह कामयाबी हासिल कर ले तो बाप के सपनों को पंख लगना वाजिब है। गांव के लोग भी खुद को बेशक गौरान्वित महसूस करेंगे। दरअसल, बागपत की मिट्टी की भीनी भीनी महक लेकर जब नैंसी त्यागी कांस पहुंची तो उन्होंने शायद सपने में भी नहीं सोंचा होगा कि उनकी इस हुनरमंदी को दुनिया सलाम करेगी। नैंसी के गाउन को देख मानों दर्शक मदहोश से हो गए हों। शौक-शौक में जब नैंसी त्यागी अपनी ड्रेस डिजाइनिंग के वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोग करती होंगी तो उन्हें यह सानोगुमान भी न रहा होगा कि एक दिन दुनिया उनकी इस हुनरमंदी को सलाम करेगी।

सोशल मीडिया पर 15 लाख से ज्यादा फॉलोवर एचीवर नैंसी की कांस ने जैसे ही हुनरमंदी देखी तो दर्शक उनकी इस नायाब हुनरमंदी पर लट्टू हो गए। लॉकडाउन के दौरान जब नैंसी अपनी मां की सिलाई मशीन पर अपनी हुनरमंदी के हाथ चलाती तो उन्हें इस बात का कतई एहसास तक न रहा होगा कि उनके लिए एक नया स्टेज तैयार हो रहा है। इसी बीच फैशन डिजाइनरों के डिजाइन किए गए कपड़ों से आइडिए लेकर नैंसी खुद अपने डिजाइन किए गए कपड़ो को मानों संजीवनी दे रही हों। सोशल मीडिया का सहारा लेकर रील के माध्यम से उन्हें दुनिया भर में प्रसिद्धि मिलने लगी। इस बूते उनके लाखों फॉलोअर्स हो गए।

नैंसी की हुनरमंदी को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान क्या मिली कि कांस से इंवीटेशन आ गया। फिर क्या था, बस दिल बाग बाग। नैंसी की हुनरमंदी जितनी खूबसूरत है, वो खुद भी कांस में खूबसूरती की मिसाल बन बैठीं। नैंसी का जो गाउन अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर छाया हुआ है वो 1000 मीटर कपड़े से बना है और उसका वजन 20 किलोग्राम है। ये थ्री पीस गाउन है। इस गाउन को तैयार करने में लगभग एक माह का समय भी लगा लेकिन इस समय की भरपाई ऐसी हुई कि नैंसी आम से खास बन बैठीं।

रेड कारपेट पर नैंसी जब इस पिंक गाउन में जलवा अफरोज हुर्इं तो हर निगाह उन पर आकर टिक गई। नैंसी का यह गाउन भारत से फ्रांस तक पहुंचने में भी बड़ी मशक्कत की गई। इसके लिए बाकायदा तीन बड़े स्पेशली कंटेनर बैग तैयार कराए गए। बचपन में गुड़ियों के कपड़े सीती सीती नैंसी कब इतनी बड़ी हो गर्इं इससे उसके परिवार वाले भी हैरत में हैं। डिजाइनर बन चुकीं नैंसी सोशल मीडिया पर इस समय ट्रेंड कर रही हैं।

कांस में अपना शहर टॉप तीन में, मेरठ में उत्सव

15 20

फ्रांस में अपने शहर की बेटी ने कमाल कर दिखाया। उसने मेरठ का नाम राशन कर डाला। मेरठ की मानसी माहेश्वरी की एनिमेटेड फिल्म बनीहुड ने 77 में कांस फिल्म फेस्टिवल में तीसरा स्थान क्या हासिल किया मेरठ में उत्सव मनाया गया। दर्शकों को बनीहुड ऐसी भाई की कांस फिल्म फेस्टिवल में उसको तीसरा पुरस्कार प्राप्त हो गया। मानसी माहेश्वरी की इस सफलता ने मेरठ को अंतरराष्ट्रीय फलक पर एक और नई पहचान दे दी। दरअसल, मानसी की यह फिल्म बनीहुड एक हॉरर कॉमेडी मूवी है, जिसमें जीवन की सच्चाई को दशार्या गया है।

मानसी की इस फिल्म को जैसे ही तीसरे पुरस्कार की घोषणा हुई मेरठ में जश्न मना। डीपीएस के छात्र-छात्राओं ने भी जश्न मनाया। मानसी डीपीसी में 12वीं की टॉपर रही हैं। बचपन में कार्टून देखने की शौकीन मानसी का यह शौक उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देगा शायद उन्होंने भी ना सोचा होगा। शील कुंज कॉलोनी की रहने वाली मानसी माहेश्वरी के पिता नितिन माहेश्वरी बिजनेसमैन हैं जबकि मां मीना माहेश्वरी इंटीरियर डिजाइनर हैं। मानसी की इस उपलब्धि पर शीलकुंज में भी जीत और उत्सव का माहौल है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती, PM मोदी समेत अन्य नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर...

वरुथिनी एकादशी का व्रत सौभाग्य, सुख और समृद्धि प्रदान करता है

पंडित-पूरन चंन्द जोशी वरुथनी एकादशी सोमवार 13 अप्रैल, वैशाख कृष्ण...
spot_imgspot_img