Tuesday, May 28, 2024
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बड़ा सवाल: इमारत सील, फिर कैसे हुआ निर्माण

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  • साकेत स्थित एक भाजपा नेता आवासीय क्षेत्र में हॉस्पिटल का कर रहा निर्माण

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जिन इमारतों को मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने सील किया, उनमें निर्माण कैसे होने दिया? ये बड़ा सवाल हैं। कहीं ऐसा तो नहीं सील सिर्फ खानापूर्ति करने के लिए लगा दी जाती हैं, जिससे सिर्फ एक आंकड़ा कितनी इमारत सील हुई, ये बढ़ जाता हैं। साकेत स्थित एक भाजपा नेता आवासीय क्षेत्र में हॉस्पिटल का निर्माण कर रहा हैं।

इस पर सील लगने के बाद ऊपर की मंजिल कैसे पूरी कर दी गई। आखिर इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं? जिन अवैध कॉलोनियों में ध्वस्तीकरण प्राधिकरण दर्शा रहा हैं, वहां भी खानापूर्ति की जा रही हैं। इसका खुलासा तब हो जाएगा, जब प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय मौके पर घूमकर कुछ अवैध कॉलोनियों का दौरा करें। इंजीनियर क्या खेल कर रहे हैं, ये सच भी सामने आ जाएगा।

हालांकि प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने स्वतंत्रता दिवस पर इंजीनियरों को खूब नसीहत दी, लेकिन इंजीनियर कहां बाज आने वाले हैं। फिलहाल लग तो यहीं रहा हैं। सरधना बाइपास से लेकर नंगला ताशी के मुख्य गेट व सैनिक विहार के मुख्य गेट के सामने अवैध निर्माण तीन माह के भीतर दो मंजिल कर दिये गए। तीसरी मंजिल पर भी यहां काम चल रहा हैं। इस पर सील भी मेडा के इंजीनियरों ने नहीं लगाई हैं।

ध्वस्तीकरण करना तो दूर की बात हैं। सिर्फ इंजीनियर आंकड़े दर्शाकर प्राधिकरण उपाध्यक्ष को गुमराह कर रहे हैं। प्राधिकरण से मिले आंकड़ों के अनुसार अब तक तीस अवैध कॉलोनियों को गिराया जा चुका हैं, लेकिन इसमें भी प्राधिकरण इंजीनियर खेल कर रहे हैं। इसकी जांच प्राधिकरण उपाध्यक्ष मौके पर पहुंचकर तमाम कॉलोनियों को देखे तो सच सामने आ जाएगा।

दरअसल, बिल्डर से सेटिंग का खेल चल रहा हैं। मुख्य गेट गिरा दिया जाता हैं, सड़क कुछ स्थानों पर उखड़कर खानापूर्ति कर दी जाती हैं। इसकी वीडियो बनाकर प्राधिकरण उपाध्यक्ष के ग्रुप में अपलोड कर दी जाती हैं। यही खेल प्राधिकरण में इंजीनियर कर रहे हैं। अन्य टीम भेजकर भी जांच कराई जा सकती हैं।

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