जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर मंगलवार को पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आंदोलन उग्र हो गया। गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में लगी पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ दी। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। हालात काबू में नहीं आने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान एक छात्र के सिर में चोट लगने की बात सामने आई है, जबकि एक छात्रा के बेहोश होने की भी सूचना है।
बैरिकेडिंग तोड़कर डाकबंगला चौराहे तक पहुंचे छात्र
गांधी मैदान से मार्च शुरू करने के बाद प्रदर्शनकारी छात्र राजभवन की ओर बढ़ने लगे। जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से रोकने की कोशिश की, लेकिन छात्रों ने बैरिकेड तोड़ दिया और आगे बढ़ गए। इसके बाद वे डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए, जहां छात्रों और CRPF जवानों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन चलाया। बारिश और पानी की तेज बौछार के बावजूद छात्र मौके पर डटे रहे। इस दौरान एक छात्र के सिर में चोट लगने की बात सामने आई। कुछ प्रदर्शनकारियों को पूरी तरह भीगने के बाद भी सड़क पर शैंपू लगाकर नहाते हुए देखा गया।
DSP ने कहा- प्रतिबंधित क्षेत्र में नहीं जाने दिया जाएगा
DSP कामाख्या नारायण सिंह ने कहा कि पुलिस प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने देगी। उन्होंने बताया कि छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की बातचीत सकारात्मक रही है और उम्मीद है कि छात्र अपनी मांगों पर सहमति बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं तो पुलिस उन्हें वहीं रोक देगी। उनके मुताबिक, छात्रों ने अधिकारियों के सामने कई मुद्दे रखे हैं और बातचीत का परिणाम सकारात्मक रहा है।
TRE-4 में सिंगल स्टेज परीक्षा की मांग
प्रदर्शन स्थल पर कांग्रेस नेता सुशील कुमार ने कहा कि छात्रों की मांग केवल 70वीं BPSC परीक्षा तक सीमित नहीं है। छात्र TRE-4.0, BPSC, बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) और सब-इंस्पेक्टर भर्ती से जुड़े मुद्दों का भी समाधान चाहते हैं।
उन्होंने TRE-4.0 की परीक्षा सिंगल स्टेज में कराने और नेगेटिव मार्किंग खत्म करने की मांग की। सुशील कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से इन मुद्दों पर अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्र पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और यदि सरकार ने समय रहते उनसे बातचीत की होती तो मौजूदा स्थिति पैदा नहीं होती।
70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने पर अड़े छात्र
बिहार में छात्र 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े मामलों का हवाला दे रहे हैं। इसके साथ ही TRE-4 की प्रस्तावित परीक्षा प्रक्रिया को लेकर भी छात्रों में नाराजगी है।
छात्र TRE-4 की परीक्षा दो चरणों में कराने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं। वे परीक्षा का आधिकारिक विज्ञापन जारी करने और पूरी परीक्षा प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री को लिखा पत्र
इस बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने BPSC विवाद को लेकर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेने और उनके साथ सकारात्मक बातचीत कर तत्काल समाधान निकालने की अपील की।
तेजस्वी यादव ने TRE-4 की परीक्षा एक ही चरण में कराने की मांग के साथ BPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों के साथ कथित भेदभाव खत्म करने की मांग भी उठाई।
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग
तेजस्वी यादव ने BPSC, BSSC, सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने पिछली परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने तथा भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने लंबित भर्ती परीक्षाओं के मामलों को जल्द सुलझाने और भर्ती माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की।
लंबित परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करने की मांग
तेजस्वी यादव ने सरकार से सभी लंबित परीक्षाओं की समयबद्ध तारीखों वाला परीक्षा कैलेंडर जल्द जारी करने की मांग की। इनमें BSSC इंटरमीडिएट, CGL, ASO, BSO, लाइब्रेरियन और अकाउंटेंट भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं।
फिलहाल छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए पटना में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से रोकने में जुटी है, जबकि छात्र अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत की मांग कर रहे हैं।

