Monday, January 24, 2022
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छावनी क्षेत्र के टोल फ्री, वाहन चालकों को मिली राहत

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  • छावनी क्षेत्र में चल रहे थे नौ प्वॉइंट, सब हुए बंद

जनवाणी संवाददाता  |

मेरठ: आखिरकार सोमवार दोपहर से छावनी क्षेत्र में व्हीकल एंट्री फीस पर पूरी तरह से रोक लग गई है। अभी दो दिन पूर्व ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पर रोक लगाये जाने की घोषणा की थी, लेकिन दो दिन तक अवकाश होने के कारण यह आदेश अधिकारियों को नहीं मिले थे। सोमवार को आदेश मिलने के बाद से सभी नौ प्वाइंटों पर फीस वसूली पर रोक लग गई।

इसके रोक लगने से कैंट बोर्ड को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। जिससे पहले से आर्थिक तंगी से जूझ रहे कैंट बोर्ड के लिये ठीक नहीं होगा। उधर, बोर्ड ने दूसरे ठेके भी तैयारी की थी जिसकी बिड जल्द ही खुलने वाली थी।

बता दें कि कैंट क्षेत्र में ग्रास फार्म रोड, बाउंड्री रोड, जैन नगर, सरधना रोड, मवाना रोड, आरए बाजार, रोहटा रोड, आॅयल डिपो, किला रोड से व्यवसायिक वाहनों से टोल वसूला जा रहा था। यहां 10 रुपये से लेकर 250 रुपये तक वसूले जाते थे।

इससे पहले दो प्वॉइंट बंद हो चुके थे। कैंट बोर्ड की ओर से प्रतिदिन 3.26 लाख रुपये में यह ठेका छोड़ा गया था। जोकि फरवरी 2022 में खत्म हो रहा था, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के निर्देश के बाद से यह वसूली बंद कर दी गई है। रक्षा मंत्रालय से जारी आदेशों में व्हीकल एंट्री फीस पर रोक लगा दी गई है और इससे होने वाले नुकसान की पूर्ति के लिये रक्षा मंत्रालय की ओर से ही जिम्मेदारी ली गई है।

यह घोषण शनिवार को हुई थी, लेकिन दो दिन अवकाश होने के कारण आदेश नहीं मिल सके। सोमवार को यह आदेश कैंट बोर्ड पहुंचे, जिसके बाद सोमवार दोपह दो बजे से ही टोल वसूली पर रोक लगा दी गई। टोल ठेकेदार भी टोल प्वॉइंट से सामान समेटते नजर आये।

कैंट बोर्ड को झेलना पड़ेगा लाखों का नुकसान

पिछले कुछ सालों से कैंट बोर्ड के रवेन्यू का सबसे बड़ा श्रोत यह टोल ही थे। इनसे कैंट बोर्ड को प्रतिदिन तीन लाख से अधिक की इनकम थी, लेकिन व्हीकल एंट्री फीस के बंद होने से अब कैंट बोर्ड को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा।

कैंट बोर्ड के पास रेवन्यू का बड़ा माध्यम और कोई नहीं रह गया है अब कैंट बोर्ड को टैक्सेस व अन्य करों से ही बोर्ड की आय को बढ़ाना होगा। बोर्ड को यह नुकसान पहुंचने से कैंट बोर्ड कर्मचारियों की सेलरी पर भी संकट खड़ा हो सकता है। अब तक टोल के होने के बावजूद बोर्ड बड़ी मुश्किलों से विकास कार्यों और कैंट बोर्ड के कर्मचारियों की सेलरी निकाल पा रहा था।

कैंट बोर्ड ने फरवरी में ठेका समाप्त होने के बाद दूसरे ठेके के लिये भी नीलामी प्रक्रिया शुरू की थी। जिसमें उससे इससे भी अच्छी कीमतों पर ठेका मिलने वाला था वह नुकसान भी उठाना पड़ेगा।
ट्रेड लाइसेंस शुल्क भी नहीं हो पाया शुरू
आर्थिक तंगी से जूझ रहे कैंट बोर्ड को ट्रेड लाइसेंस शुल्क के शुरू होने से कुछ राहत मिलती। यह भी रक्षा मंत्रालय कीओर से जारी किया गया था, लेकिन अभी तक ट्रेड लाइसेंस शुल्क भी नहीं शुरू हो पाया है। जिससे स्थिति और भी विकट होने वाली है। कैंट प्रवक्ता जयपाल सिंह तोमर ने बताया कि व्हीकल एंट्री फीस का ठेका बंद कर दिया गया है। यह कब तक के लिये बंद किया गया है। कुछ कहा नहीं जा सकता है। फिलहाल इसकी वसूली पर रोक लगा दी गई है।

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