Sunday, January 23, 2022
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नगरायुक्त न दफ्तर आते हैं और न ही उठाते कॉल

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  • आचार संहिता लगते ही कैंप से संचालित होने लगा निगम, पार्षद बोले,शहर भगवान भरोसे

जनवाणी संवाददाता  |

मेरठ: नगर निगम चुनाव आचार संहिता लगते ही कैंप आॅफिस से संचालित होने लगा है। सोमवार को नगर परिसर में बने अधिकारियों के तमाम दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा। नगरायुक्त, अपर नगरायुक्त, सहायक नगरायुक्त, मुख्य अभियंता, मुख्य वित्त एंव लेखाधिकारी से लेकर सभी छोटे-बड़े अफसर अपने कार्यालयों से नदारद थे।

अधिकारियों की दफ्सरों से अनुपस्थिति पर पार्षदों ने निगम प्रशासन पर जनता की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। पार्षदों का कहना है कि वह अपने क्षेत्रों की समस्या तक का समाधान नहीं करा पा रहे हैं। अफसरों का यह हाल है कि वह दफ्तर आते नहीं हैं और कॉल उठाते नहीं हैं।

ऐसें में जनता की पीड़ा को वह किस के पास लेकर जाएं। कुछ पार्षदों ने नाम नहीं छापने की बात कहते हुए कहा है कि नगरायुक्त के कैंप कार्यालय पर क्षेत्र की समस्या लेकर पहुंचे हैं, तो वहां से यह फरमान मिलता है कि वह निगम कार्यालय पर ही आकर मिले।

हाल यह है कि कैंप आॅफिस में जनप्रतिनिधियों को घुसने तक की इजाजत नहीं है। पार्षदों का आरोप है कि लगातार तीन दिन बरसात होने से शहर की हालत बद से बदतर हो गई है। शहर में डेरियों का संचालन होने के चलते नालियों और सड़कों पर गोबर बह रहा है।

सड़के पानी से लबालब हैं और नगरायुक्त के पास पार्षदों के क्षेत्र की समस्या का समाधान करना तो दूर उनको सुनने तक का समय नहीं है। कूड़ा नहीं उठने के कारण बदबू से होने का जीना मुहाल हो रहा है, मगर अफसरों को इस शहर की जनता के स्वास्थ्य की कोई फिक्र नहीं है।

यह स्थिति तब है, जब लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं और सबसे अधिक संक्रमित शहरी क्षेत्र में पाए जा रहे हैं। उधर, इस संबंध में नगरायुक्त से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनकी कॉल रिसीव नहीं हुई। जो निगम अफसरों पर लगाए गए पार्षदों के आरोपी को सही साबित करती है।

ऊर्जा भवन में अधिकारी रहे नदारद

यूपी में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद सोमवार को पहले बार सरकारी दफ्तर खुले थे। मगर कुछ विभागों में कार्यदिवस होने के बावजूद अधिकारी कार्यालयों में अपनी सीट से नदारद रहे।

कुछ ऐसा ही हाल ऊर्जा भवन का रहा। यहां अधिकांश अफसर सीट पर उपस्थित नहीं थे। भवन में छुट्टी होने जैसा नजारा था। इस संबंध में विभाग के प्रेस प्रवक्ता से जानकारी ली गई तो उन्होंने इस पर कोई जवाब नहीं दिया।

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