Monday, March 23, 2026
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सावधान! अनजान वाट्सऐप कॉल से

  • फेसबुक की मदद से साइबर अपराधी कर रहे ठगी का गोरखधंधा

विनोद फोगाट |

मेरठ: साइबर ठग इस वक्त बेखौफ होकर ठगी का धंधा कर रहे है। ऐसे साइबर अपराधियों को पकड़ने में पुलिस भी नाकाम साबित हो रही है। हालांकि लगातार हो रही ठगी के चलते पुलिस अधिकारी लोगों को अनजान वाट्सऐप कॉल, फेसबुक व ट्विटर एकाउंट से सावधान रहने की सलाह देते हैं, लेकिन इसके बावजूद युवा वर्ग इन साइबर ठगों के झांसे में आ ही जाते हैं। ऐसे ही दो ताजा मामले सामने आए है। जिनमें चाचा-भतीजा साइबर ठगों के झांसे में आकर अपने हजारों रुपये गवां चुके है।

साइबर ठग अस्पताल में भर्ती बच्चे की फोटो दिखाकर मांगते है मदद                                    

साइबर ठग लोगों को अपने कहीं फंसने व बच्चे के अस्पताल में भर्ती होने की बात कहकर भी मदद मांगते है। यही नहीं साइबर ठग अस्पताल में भर्ती किसी बच्चे की फोटो भी मैसेंजर के माध्यम से भेज देते है। ताकि सामने वाला व्यक्ति उनके झांसे में आ सकें। हालांकि वह फोटो फर्जी होता है।

लगातार बढ़ रहे ऐसे मामलों को लेकर पुलिस अधिकारी भी बार-बार आमजन से अपील करते है कि ऐसे मैसेज व कॉल आने से पहले वह अपने परिचित से डायरेक्ट फोन करके पहले पूरे मामले की जानकारी ले। इसके बाद ही उसकी मदद करें। ताकि वह साइबर ठगों के झांसे में आने से बच सकें।

केस-1


कंकरखेड़ा के रहने वाले बीरकुमार कन्नौजिया ने बताया कि वह एलआईसी में जॉब करते है। शुक्रवार रात को फेसबुक मैंसेजर के माध्यम से विशाखा पट्टनम के रहने वाले उनके मैनेजर की कॉल आई। जिन्होंने उनसे 15 हजार रुपये देने की बात कही। जिस पर उन्होंने मैनेजर की कॉल होने की बात मानकर पेटीएम के माध्यम से 15 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

लेकिन, कुछ देर बाद दोबारा से कॉल आई तो उन्होंने दो हजार रुपये और डालने की बात कही। जिस पर उन्हें शक हुआ तो उन्होंने फोन बंद कर मैनेजर को कॉल किया तो उन्होंने कुछ देर बाद कॉल करने की बात कही। जिसके बाद उनकी कॉल आई तो उनसे पैसे मांगने की बात पूछी तो उन्होंने पैसे मांगने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने उक्त नंबर पर कॉल की तो वह नंबर बंद आया। टुरूकॉलर पर नंबर डालकर देखा तो वह किसी इंद्रावती के नाम से आ रहा है।

केस-2


लालकुर्ती के रहने वाले अभिषेक ने बताया कि शुक्रवार रात में उसके चाचा का एकाउंट हैक कर उसे रिक्वेस्ट भेजी। जिसे उसने एक्ससेप्ट कर लिया। इसके बाद उससे पांच हजार रुपये मांगे गए, लेकिन उसने पांच हजार रुपये नहीं होने की बात कही और उसने केवल 250 रुपये होने की बात कही।

जिस पर उसने 250 रुपये ही डालने की बात कही। इसके बाद उसने 250 रुपये उकसे एकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद दोबारा से उसके पास कॉल आई और उससे 300 रुपये और भेजने की बात कही। जिस पर उसे थोड़ा शक हुआ तो उसने अपने चाचा को फोन मिला दिया। जिस पर उसके चाचा ने रुपये मांगने वाली बात करने से साफ इनकार कर दिया।

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