- रिहायशी इलाके में कारखाना खोलने के लिए डरा धमका कर मकान खरीदने का आरोप
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोतवाली पुलिस ने शहर के आठ नामी सराफा कारोबारियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि उक्त लोग डरा धमकाकर एक शख्स से उसका पुश्तैनी मकान जबरन खरीदना चाहते हैं। ऐसा रिहायशी इलाके में कारखाना लगाने के लिए किया जा रहा है। मुकदमा जल निगम से रिटायर्ड ब्रजेश सिंह पुत्र स्व. राधा कृष्ण की तहरीर पर लिखा गया है। ब्रजेश सिंह ने आरोप लगाया कि दबंग व भूमाफिया प्रवृत्ति के कुछ लोगों ने उसके पुश्तैनी घर के आसपास की तमाम संपत्तियां खरीद ली हैं। ये लोग अब उनका मकान भी खरीदना चाहते हैं।
इससे इंकार करने पर डराया धमाकया जा रहा है। इतना ही नहीं आरोपियों के इशारे पर उनके घर के बाहर लगे सीसीटीवी भी तोड़ दिए गए हैं। पीड़ित का कहना है कि ये लोग उनके परिवार को आतंकित कर रहे हैं। तहरीर के आधार पर पुलिस ने राजीव जैन, आनंद जैन हवाले वाले सर्राफ, मनोज वर्मा, पुरू वर्मा इंदू वर्मा एमडी ज्वैलर्स, अंकित गुप्ता, अशोक गुप्ता व अक्षय ऊर्फ अक्षित शर्मा शामिल हैं। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
हत्या की दो घटनाओं में सर्विलांस और एसओजी हुई फेल
मेरठ: भावनपुर क्षेत्र कुलीमानपुर गांव के जंगल में मोनू सब्जी विक्रेता हत्याकांड में पुलिस दो माह बाद भी खाली हाथ है। वहीं ऐसी ही एक घटना रेलवे रोड थाना क्षेत्र में की गई। एक युवक की हत्या कर शव को एक स्कूल परिसर में फेंक दिया गया। हत्या की दोनों घटना मे थाना पुलिस के साथ साथ जिले की सर्विलांस और एसओजी का खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल साबित हुआ है। भावनपुर क्षेत्र गांव कुलीमानपुर के जंगल में दिसम्बर माह में मोनू सैनी की अज्ञात बदमाशों ने गोली मार हत्या कर दी गई थी।
हत्या करने वालों ने बड़ी बेरहमी से मोनू के सिर और सीने में चार गोलियां मार उसे मौत के घाट उतारा था। उसके बाद उसके शव को जंगल में सड़क किनारे पर डाल दिया था। राहगीरों ने थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी थी। तत्कालीन थाना प्रभारी सहित ट्रेनी सीओ ने भी घटनास्थल का मौका मुआयना कर घटना के खुलासे के दावे किये थे। लेकिन बावजूद इसके पुलिस को कोई कामयाबी नहीं मिल पाई थी। मोनू की हत्या में एसओजी से लेकर सर्विलांस सेल ने भी आसपास के तमाम सीसीटीवी से लेक र मुखबिरी तंत्र की भी मदद ली थी।
लेकिन घटना को अंजाम देने वाले हत्यारोपियों का पता नहीं लग पाया था। ऐसे ही रेलवे रोड थाना क्षेत्र केसर गंज में दस दिन पूर्व एक युवक की हत्या कर उसके शव को सरकारी स्कूल में डाल दिया गया था। मकबरा निवासी मृतक आस मौहम्मद के सिर में गहरे गंभीर घाव पाये गये थे। पुलिस ने घटना की जांचपड़ताल में तीन लोगों को भी उठाकर पूछताछ की थी। लेकिन पुलिस ने उन्हें सबूतों के अभाव के चलते क्लीनचिट दे दी थी।
सर्विलांस सेल से लेकर एसओजी की टीम हत्या की दोनों घटनाओं के खुलासे में जी जान से जुटी रही। लेकिन नतीजा ढाक के पात निकला। वर्तमान में भी पुलिस हत्या के खुलासे के लिए अथक प्रयास में जुटी है। उधर सब्जी विक्रेता हत्याकांड में थाना भावनपुर प्रभारी का कहना है कि जल्दी ही एक सप्ताह के अंदर घटना का खुलासा कर दिया जायेगा।

