जन्म से लेकर
जीवन की अंतिम यात्रा तक
रिश्तों की दुनिया से जुड़ा है आदमी
परिवार से शुरू होती है
रिश्तों की एबीसीडी
यहीं पर मिलता है रिश्तों को
फलने-फूलने...
बुशरा तबस्सुम का सद्य प्रकाशित काव्य-संग्रह ‘कहीं कुछ रिक्त’ हिंदी काव्य-जगत में अनुपम कविताओं के अस्तित्व का उद्घोष है। इस काव्य-संग्रह में उनकी एक...