- पार्क के रखरखाव को निगम के पास नहीं है टीम
- टीम है भी तो निगम अफसरों की बिगार में लगी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर के तमाम पार्क दुर्दशा से जूझ रहे हैं। मेरठ विकास प्राधिकरण की योजनाओं के पार्क अच्छे थे, लेकिन जब से प्राधिकरण योजनाओं के पार्क नगर निगम के हवाले हुए हैं, तब से उनकी भी दुर्दशा बढ़ गयी हैं। पार्क का रखरखाव करने के लिए नगर निगम के पास टीम ही नहीं हैं। टीम है भी तो निगम अफसरों की बिगार में लगी हुई हैं। आखिर शहर के पार्कों की दुर्दशा कैसे सुधरेगी? ये बड़ा सवाल हैं। प्राधिकरण की तरफ से करोड़ों रुपये योजनाओं को हैंडओवर करते समय दिये गए, लेकिन उस पैसे से भी पार्कों की दुर्दशा को नहीं सुधारा जा रहा हैं।

शहर के प्रमुख पार्कों में शामिल ऐतिहासिक सूरजकुंड पार्क नगर निगम की लापरवाही के चलते बदहाली का दंश झेलने को मजबूर है। पार्क की स्थिति की बात करें तो रोजाना सुबह से लेकर शाम तक रौनक रहने वाले इस पार्क में जगह-जगह गंदगी के अंबार लगे हैैं। एक-एक सप्ताह तक पार्क परिसर में झाडू तक नहीं लगाई जाती। गंदगी से डस्टबिन ओवरफ्लो हो चुके हैैं। जहां-जहां पीने के पानी की व्यवस्था है, वहां भी गंदगी और पॉलीथिन के ढेर लगे हैैं। पार्क की इसी बदहाली को कुलदीप शर्मा ने एक ट्वीट के जरिय उजागर करने की कोशिश की है।
सूरजकुंड पार्क में दो समय सफाई की व्यवस्था के बाद भी जगह-जगह फैली गंदगी से पार्क में वॉक के लिए आने वाले लोग परेशान होने लगे हैं। पार्क में लगे डस्टबिन भी रोजाना साफ नहीं होते हैं, जिस कारण से डस्टबिन हर समय कूड़े से भरे रहते हैं। इससे अलग नगर निगम की लापरवाही का आलम ये है कि रखरखाव के अभाव में पार्क के पेड़-पौधे मुरझा रहे हैं। पेड़ पौधों में नियमित पानी नहीं दिया जा रहा हैं। गर्मी में पौधे सुखने लगे हैं। पार्क में प्रवेश करते ही दोनों तरफ बने फव्वारे का स्ट्रक्चर टूट चुका है।

फव्वारे के अंदर बने मछली के स्ट्रक्चर भी टूटे पड़े हैैं। दरअसल, 1.5 करोड़ रुपये सूरजकुंड पार्क के सौंदर्यीकरण पर जून 2018 में शुरू हुआ था। तीन साल हो गए हैं। इसके सौंदर्यीकरण के लिए 1.5 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया था। 2015 में पार्क में साफ-सफाई के नाम पर घोटाला पकड़ा गया था। सूरजकुंड पार्क का निरीक्षण कराएंगे। अगर स्थिति ठीक नहीं मिलती है, तो निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार से मेंटीनेस कराया जाएगा। ठेकेदार से मेंटीनेंस का पांच वर्ष तक का अनुबंध है।

