- पुलिस का खुला संरक्षण तो कालोनी महिलाओं ने उठाया निपटने का बीड़ा, कई परिवार पलायन को मजबूर
- अब अकेले सार्थक सिटी में इलाके में घरों में 50 से ज्यादा ओयो
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जानी थाना के बागपत रोड सार्थक सिटी स्थित एक ओयो होटल के रूम में युवक-युवतियां मौजूद थीं और बाहर पुलिस व महिलाएं। जमकर हंगामा चल रहा था। यह अलग बात है कि पुलिस बजाए कार्रवाई के तमाशा देखती रही।
मकान को करीब 40 से 50 घरेलू महिलाओं ने घेरा हुआ था। इनका ताल्लुक किसी राजनीतिक संगठन या संस्था से नहीं था, इन्हें बस चिंता थी अपनी बेटियों की जिन पर सार्थक सिटी के अवैध ओयो होटलों की वजह से रेड लाइट एरिया में तब्दील होने के बाद बुरा असर पड़ने की चिंता सता रही थी।
जिस मकान को इन महिलाओं ने घेरा हुआ था, उस पर किसी ओयो का बोर्ड नहीं लगा था, लेकिन पूरे दिन यहां युवक-युवतियां का आना जाना लगा रहता था। इसकी वजह से तमाम कालोनी के परिवार परेशान हैं। आज भी तीन युवक व तीन युवतियों यहां पहुंचीं थीं। उनके पहुंचने के बाद महिलाओं ने घर को घेर लिया और वहां हंगामा शुरू हो गया। महिलाएं घर का गेट खुलावा चाहती थीं, लेकिन भीतर इस ओयो का संचालक गेट खोलने को तैयार नहीं था। जो युवक-युवतियां भीतर थे, हंगामा देखकर वो बुरी तरह से घबराए हुए थे। इस बीच हंगामे की सूचना पर वहां जानी पुलिस पहुंच गयी। पुलिस के आने के बाद ओयो मालिक ने गेट खोल दिया।
गेट खुलते ही महिलाएं भीतर दाखिल हो गयीं। महिलाएं सीधे युवक युवतियों पर टूट पड़ीं। युवक-युवतियां माफी मांगते नजर आए। एक युवती को बेहोश हो गई। एक अन्य युवती ने बताया कि उसका दोस्त झांसा देकर लेकर आया है। उसे नहीं पता था कि कहां लेकर जा रहा है। उसने बताया था कि रिश्तेदार के यहां चलना है। 10 मिनट का काम है। तीसरी युवती ने भी कुछ ऐसी ही मजबूरी बतायी। इस दौरान वहां पहुंचे पुलिस वाले बजाए कार्रवाई के तमाशबीन बने रहे। संचालक गाली-गलौज करता रहा।
उसने मारने के लिए झाडू उठा ली, लेकिन पुलिस वाले हिले तक नहीं। पुलिस वालों का रवैया और युवक-युवतियां द्वारा जब घर परिवार की इज्जत का वास्ता दिया गया तो महिलाओं ने भी उनका रास्ता नहीं रोका और जाने दिया। पुलिस का रवैया देखकर महिलाएं भी यहां से चली गईं। इस संबंध में एसपी देहात कमलेश बहादुर ने बताया कि मामले की जानकारी दी गयी है। जांच कराएंगे।

एसएसपी ने कराए थे 59 अवैध ओयो होटल सील
बीते साल एसएसपी के निर्देश पर जनपद भर में चलाए गए अभियान में 59 अवैध ओयो होटल सील कराए गए थे। अब जानी थाना की बागपत रोड स्थित कालोनी में ही करीब 50 घरों में बन गए अवैध होटल हैं। इसके इतर जानी की पुलिस चौकी सुभारति के हाइवे व आसपास, इससे सटा टीपीनगर इलाका व कंकरखेड़ा तथा पल्लवपुरम का बड़ा इलाका अवैध ओयो होटलों से गुलजार है, लेकिन सबसे बुरा जानी थाना क्षेत्र का है।
बीते साल अक्तूबर माह में एसएसपी के निर्देश पर शहर से देहात तक ओयो होटलों पर कई थानों की पुलिस फोर्स ने ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में 59 होटलों को पुलिस टीम ने सील कर दिया। दरअसल, तब एसएसपी ने शनिवार को सभी सर्किल के सीओ को ओयो की चेकिंग के निर्देश दिए थे। उसके बाद ही बड़ी कार्रवाई हुई थी और 59 ओयो सील किए गए थे। ये सभी तमाम कायदे कानून ताक पर रखकर चलाए जा रहे थे। इनमें 35 होटल शहरी क्षेत्र और 24 होटल देहात क्षेत्र के थे जिन होटलों को सील किया गया था उनका सराय ऐक्ट में पंजीकरण नहीं मिला। सील होने वाले ज्यादातर ओयो होटल आवासीय भवनों में चलते मिले जैसा कि आज सार्थक सिटी की महिलाओं ने आरोप भी लगाया है।
परतापुर से लेकर मोदीपुरम तक 100 से ज्यादा
दिल्ली-देहरादून हाइवे की यदि बात की जाए तो हाइवे के परतापुर थाना क्षेत्र की स्थिति तो इतनी खराब नहीं, लेकिन जैसे ही जानी थाना की सीमा शुरू होती है तो अवैध ओयो की मंडी सरीखे हालात नजर आते हैं। इससे सटे टीपीनगर थाना क्षेत्र में भी ओयो नजर आ जाएंगे, लेकिन जानी थाना क्षेत्र के बाद सबसे ज्यादा ओयो होटल हाइवे के कंकरखेड़ा वाले इलाके में नजर आएंगे। हाइवे का श्रद्धापुरी इलाका अवैध ओयो में तब्दील होता जा रहा है। पल्लवपुरम थाना क्षेत्र का रुड़की रोड इलाका भी अब ओयो के रंग में रंगता जा रहा है। सब कुछ पुलिस संरक्षण में चल रहा है।
- चलाया जाएगा अभियान
ओयो होटलों को लेकर काफी शिकायतें मिल रही हैं। इनकी क्रास चेकिंग करायी जाएगी। थाना पुलिस के बजाए दूसरे थानों की पुलिस से जांच करायी जाएगी। -आयुष विक्रम सिंह, एसपी सिटी, मेरठ।

