Wednesday, April 1, 2026
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अधिग्रहण भूमि का मुआवजा आवासीय रेट के लिए प्रदर्शन

  • अंबाला-शामली ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे में की जा रही अधिग्रहण
  • आवासीय कालोनी के लोगों को दे रहे कृषि भूमि का मुआवजा

जनवाणी संवाददाता  |

शामली: भारतमाला परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित अंबाला-शामली ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए थानाभवन स्थित पट्टी नौगावां की वैष्णवी विहार आवासीय कालोनी में मौजूद आवासीय पट्टों तथा मकानों को अधिग्रहण किया जा रहा है। इन पट्टों और अवासों के मालिकों ने आवासीय दरों के आधार पर मुआवजे की मांग करते हुए कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।

मंगलवार को कस्बा थानाभवन के पट्टी नौगांवा में स्थित वैष्णवी विहार आवासीय कालोनी के लोग बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित मांग पत्र अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संतोष कुमार सिंह को सौंपा। पत्र में बताया गया कि वैष्णवी विहार कालोनी के खसरा नंबर 1045, 1048, 1049, 1046 व 1387 में प्लाटों के आवासीय दर से बैनामा सब रजिस्ट्रार शामली के यहां हुए थे।

इसके लिए सब रजिस्ट्रार ने जिलाधिकारी घोषित आवासीय सर्किल रेट के स्टांप पेपर लगवाए थे। कालोनी में करीब 15-20 मकान आबादी, आवासीय, प्रतिष्ठान और टेलिसेंटर्स पहले से ही बने हुए हैं। मकानों में उनके मालिक रह रहे हैं। उक्त कालोनी दिल्ली- सहारनपुर हाईवे के किनारे स्थित है।

साथ ही, वर्ष 2013 में विकसित होने के कारण सभी खसरा नंबरों के प्लाटों का भाव 30 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर हो रहा है जबकि भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम अधिकारी ने 3 ए के प्रकाशन में उक्त खसरा की भूमि को कृषि भूमि में दर्शाया है। साथ ही, सभी प्लाट 3000 से लेकर 5500 रुपये प्रति वर्ग मीटर के सर्किल रेट से खरीदे गए हैं।

3 एडी के प्रकाशन के समय प्लाट और आवास मालिकों ने सक्षम अधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी लेकिन आपत्तियों का निस्तारण के बाद 3 डी के प्रकाशन में भी उक्त भूमि कृषि भूमि में ही दर्ज कराकर प्रकाशन किया गया है, जो सही नहीं है, इसलिए 3डी का प्रकाशन या फिर संशोधित करते हुए आपत्तिकर्ताओं की भूमिका अवार्ड प्लाट धारकों के बैनामों के आधार पर वर्तमान सर्किल रेट तय कर उसके चार से 6 गुने के आधार पर अवार्ड घोषित कर अधिग्रहित भूमि का मुआवजा दिया जाए।

पीड़ितों ने बताया कि कालोनी के आसपास अर्पण पब्लिक स्कूल, अर्पण बैंकट हॉल, बजाज स्कूटर मोटरसाइकिल एजेंसी, पेट्रोल पंप, होटल, कैलाश धाम कालोनी, दुकानें, शुगर मिल, भट्ठे, थ्रेसर आदि स्थित है, इसलिए यहां जमीन का बाजार भाव 40 हजार से 50 हजार रुपये प्रति वर्ग होता जा रहा है।

कई प्लाटों के अहातों में फलदार जामुन आदि के 15 से 18 साल के पुराने पेड़ हैं इसलिए उनका भी मुआवजा दिलाया जाए। खसरा नंबर 1048 उप जिलाधिकारी शामली के आदेश पर आबादी घोषित हो चुकी थी। साथ ही, 143 व दाखिल खारिज भी हो रहे हैं। साथ ही, भूमि अर्जन के कारण प्लाट धारकों को विस्थापित होना पड़ेगा इसलिए प्लाट धारकों को 31 भूमि अर्जन अधिनियम व द्वितीय और तृतीय अनुसूची के सभी लाभ दिए जाएं।

धारा 31 भूमि अर्जन अधिनियम के अंतर्गत विस्थापित परिवारों को 50 लाख रुपये अतिरिक्त या अन्य जगह सड़क किनारे स्थापित किया जाए।

मांग पत्र सौंपने वालों में दीप्ति तायल, सुधीर कुमार, रितु रानी, परवेज, निशा, अल्पना, विनोद कुमार, आस मोहम्मद, विवेक कुमार, संध्या, दीपिका तायल, लीला, नरेश कुमार, विद्यावती, सुशीला, रजनी, संतोष, सविता, उषा, सतीश, सोमवीर सिंह, अनिल कुमार, सुनील कुमार, सुग्रीव सिंह, विक्रांत शर्मा, योगेंद्र कुमार आदि शामिल रहे

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