- स्टेशन की लंबाई लगभग 75 मीटर और चौड़ाई होगी लगभग 34 मीटर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के लिए रिठानी स्टेशन के कॉनकोर्स लेवल का निर्माण कार्य आरंभ कर दिया गया है। कॉनकोर्स लेवल के पहले स्लैब की कास्टिंग सोमवार को पूरी कर ली गई। रिठानी स्टेशन का निर्माण दिल्ली से मेरठ रोड पर किया जा रहा है। इस स्टेशन की लंबाई लगभग 75 मीटर है और चौड़ाई लगभग 34 मीटर है।
इस स्टेशन के तीन लेवल बनाए जा रहे हैं। ग्राउंड लेवल, कॉनकोर्स लेवल और प्लेटफॉर्म लेवल। कॉनकोर्स लेवल ग्राउंड लेवल से लगभग सात मीटर ऊंचा है, जबकि प्लेटफॉर्म लेवल की ऊंचाई लगभग 16 मीटर होगी। कॉनकोर्स लेवल की सम्पूर्ण कास्टिंग होने के बाद यहां प्लेटफॉर्म लेवल का निर्माण कार्य शुरू होगा।
यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन के ग्राउंड लेवल पर रोड के दोनों ओर स्टेशन में आने और जाने के लिए प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएंगे। कॉनकोर्स लेवल पर यात्रियों की सुरक्षा जांच कि ओस्क और टिकट काउंटर के अलावा प्लेटफार्म लेवल पर जाने के लिए एएफसी (आॅटोमैटिक फेयर कलेक्शन) गेट होंगे।
यात्री केंद्रित सुविधाएं जैसे आधुनिक सूचना डिस्प्ले बोर्ड, स्टेशन के आसपास के प्रमुख स्थान दर्शाने वाले सिस्टम मैप, सीसीटीवी कैमरे, अग्निशामक प्रणाली और वॉशरूम आदि जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इसी लेवेल से यात्री सीढ़ियों, लिफ्ट या एस्कलेटर की मदद से प्लेटफार्म लेवल पर पहुंचकर अपने गंतव्य स्थान के लिए ट्रेन ले सकेंगे।
चार ट्रैक बनेंगे, दो पर दौड़ेगी लोकल मेट्रो
इस स्टेशन मे प्लेटफॉर्म लेवल पर चार ट्रैक बनाए जाएंगे, जिसमें बीच के दो ट्रैक आरआरटीएस ट्रेनों के लिए बनेंगे। इस आरआरटीएस ट्रैक के दोनों ओर लोकल मेट्रो ट्रेन के आने और जाने के लिए एक-एक ट्रैक बनाया जाएगा। यात्रियों के लिए प्लेटफार्म स्टेशन के प्लेटफार्म लेवल पर दोनों किनारों पर बनेंगे, जहां पर यात्रियों को मेरठ मेट्रो की सुविधा मिलेगी।
एनसीआरटीसी आरआरटीएस कॉरिडोर के इनफ्रास्ट्रक्चर पर ही मेरठ में मेरठ मेट्रो की लोकल ट्रांसिट सेवा भी प्रदान करने जा रहा है, जो अपने तरह की अनूठी पहल है। रिठानी स्टेशन का निर्माण इसी कार्ययोजना का अंग है, जिससे स्थानीय निवासियों को मेरठ मेट्रो की लोकल सेवा के साथ-साथ सम्पूर्ण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आरआरटीएस कॉरिडोर द्वारा कहीं भी आने जाने की सुविधा मिलेगी।
दिल्ली-मेरठ रोड स्थित रिठानी स्टेशन के कॉनकोर्स लेवल का निर्माण कार्य व्यस्त सड़क पर निर्बाध यातायात सुनिश्चित करते हुए किया जा रहा है। यह पूरा निर्माण कार्य सिविल एवं सुरक्षा विशेषज्ञों की देख रेख में पूर्ण सावधानी से किया जा रहा है। सभी निर्माण कार्य बैरिकेडिंग जोन के अंदर ही किए जाते हैं। साथ ही सभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा और सरंक्षा का बहुत ही ध्यान रखा जाता है और छोटी से छोटी बातों का ध्यान रखा जाता है।
मेरठ में 13 स्टेशन
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर में कुल 25 स्टेशन हैं, जिसमें से 13 स्टेशन मेरठ में स्थित है, जिनके द्वारा मेरठ में लोकल मेट्रो की ट्रांसिट सेवा स्थानीय निवासियों को मिल सकेगी। मेरठ साउथ स्टेशन से लोकल मेट्रो की सेवा प्रारम्भ होगी और परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी के एलिवेटेड भाग से आगे मेरठ सेंट्रल, भैंसाली और बेगमपुल में भूमिगत हो जाएगी। आगे यह पुन: एलिवेटेड होकर एमईएस कॉलोनी, डौरली, मेरठ नॉर्थ व मोदीपुरम होते हुए मोदीपुरम डिपो तक जाएगी। जहां मोदीपुरम डिपो में ट्रेनों के रखरखाव का प्रबंध किया जाना है।

