- थाना पुलिस से तलब की क्षेत्र के स्विमिंग पूलों की रिपोर्ट
- थाना कोतवाली, लिसाड़ी गेट, लोहिया नगर और देहलीगेट से मांगी सूची
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: स्विमिंग पूलों में आए दिन आ रही हादसों की खबरों के बाद अब इन पर शिकंजे की तैयारी कर ली गयी है। शहर में कायदे कानून ताक पर रखकर चलाए जा रहे स्विमिंग पूलों पर बड़ी कार्रवाई होने जा रही है। इसकी शुरुआत कर दी गई है। तमाम थानों से उनके इलाकों में चल रहे स्विमिंग पूलों पर रिपोर्ट तलब कर ली गयी है। रिपोर्ट में कुछ बिंदू तय किए गए हैं, जिनके आधार पर यह रिपोर्ट मांगी गयी है।
दरअसल, पिछले दिनों लोहिया नगर थाना के जुर्रानपुर फाटक के समीप स्विमिंग पूल में एक शख्स की हत्या कर दी गयी थी। परतापुर स्थित वाटर पार्क में कुछ दिन पहले महिलाओं से कथित छेड़खानी तथा कंकरखेड़ा क्षेत्र में स्विमिंग पुल के पूल में डूबने से किशोर की मौत की घटना के बाद प्रशासन ने अब तमाम ऐसे स्विमिंग पूलों पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है, जो अवैध चल रहे हैं। थाना कोतवाली, लिसाड़ीगेट, लोहिया नगर व देहलीगेट को इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट के यहां से एक पत्र भेजा गया जिसमें तमाम बिंदुओं पर जानकारी मांगी गयी है।
बगैर लाइफ गार्ड और गोताखोरों के चलाये जा रहे स्विमिंग पूल
मेरठ: थाना क्षेत्र के अम्हेड़ा में चल रहे स्विमिंग पूल में गंगानगर पुलिस को किसी बड़े हादसे का इंतजार है। क्योंकि इस स्विमिंग पूल में न तो लाइफ गार्ड हैं और न ही तैरना सिखाने वाले कुशल गोताखोर। इसके अलावा आग जैसे हादसे से बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। सबसे बड़ी बात यहां महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए अलग से केबिन का इंतजाम नहीं किया गया है। महिला-पुरुष सभी एक ही स्थान पर कपड़े बदलते हैं। लोगों ने जानकारी दी कि स्विमिंग पूल संचालक कुछ दिन पहले ही जेल से छूटकर आया है।
दरअसल, गंगानगर इलाके में एक खडेÞ ट्रक में आग लगाकर भागने के दौरान पीछा किए जाने पर फैंटम पर कार चढ़ाने के आरोप में उसको गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस की लिखा-पढ़ी में उक्त शख्स के खिलाफ करीब आधा दर्जन मुकदमे हैं। इंस्पेक्टर गंगानगर ने बताया कि स्विमिंग पूल संचालक के खिलाफ गुंडा एक्ट की फाइल तैयार कर एसएसपी को भेजी गयी है। इसके अलावा उसकी हिस्ट्री भी खोली जा सकती है। वहीं, दूसरी ओर गंगानगर पुलिस ने जानकारी दी कि स्विमिंग पूल को लेकर जो बाते सामने आ रही है। उनकी भी जांच करायी जाएगी। उसके बाद कार्रवाई के लिए यहां से प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। यदि महिला-पुरुषों के कपडेÞ बदलने का स्थान अलग-अलग नहीं तो लिखा-पढ़ी की जाएगी।

