Saturday, June 15, 2024
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerutबम धमाकों के बीच बॉर्डर किया पार

बम धमाकों के बीच बॉर्डर किया पार

- Advertisement -
  • यूक्रेनवासियों ने की मदद, एयर फोर्स के विमान से घर आये
  • मलियाना के प्रियांशु ने सुनाई आपबीती, युद्ध क्षेत्र से निकलना अब मुश्किल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्र और छात्राओं के लिये युद्ध के माहौल से देश वापसी कोई आसान काम नहीं रहा है। एक तरफ बमबारी और मिसाइलों से हमला चल रहा हो ऐसे में बस या पैदल बार्डर पर जाने की सोचना कोई हंसी खेल की बात नहीं है। मलियाना में रहने वाले प्रियांशु प्रभाकर यूक्रेन के मैकलिव शहर में स्थित मेडिकल कालेज में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष की पढ़ाई कर रहे है। रुस के हमले के बाद वो दो मार्च को पहले माल्डोवा गए फिर वहां से रोमानिया बार्डर पहुंचे। बाद में एयर फोर्स के विमान से शनिवार की अलसुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे।

मलियाना के जसवंत नगर में स्थित स्कूल संचालक और कवि विनोद प्रभाकर का बेटा प्रियांशु परिवार से मिलकर बेहद खुश है। दैनिक जनवाणी के साथ बातचीत में प्रियांशु ने कहा कि मैकलिव शहर में भी ब्लास्ट हो रहे थे और मिसाइल से हमला हो रहा था। घर वालों से रोज बात हो रही थी और युद्ध के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे थे।

18 MEERUT UKRAIN STUDENT

प्रियांशु ने बताया कि मैकलिव में 240 छात्र अपने देश के पढ़ रहे हैं। दो मार्च को जब शहर में हमले शुरु हो गए तब घर के लिये निकले। इस कठिन मौके पर यूक्रेनवासियों ने काफी मदद की और बार्डर तक जाने के लिये व्यवस्था की। बताया कि सभी छात्रों ने मिलकर बसों की व्यवस्था की और पहले माल्डोवा देश पहुंचे इसके बाद वहां से रोमानिया आए। वहां भारतीय दूतावास के लोगों ने बेहतरीन व्यवस्था की हुई थी।

छात्रों के खाने पीने और रुकने के लिये कंबल आदि दिये गए थे। प्रियांशु ने बताया कि मैकलिव में एटीएम और बैंकों में काफी लंबी लाइनें लग रही है और पैसा निकालना मुश्किल साबित हो रहा है। शनिवार सुबह घर पहुचंते ही परिवार में खुशी का माहौल बन गया। सभी भाई बहन और मां ने सीने से लगाया। प्रियांशु ने बताया कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते तब तक वहां जाना फिलहाल सही नहीं है।

यूक्रेन से लौटी छात्रा का किया स्वागत

मोदीपुरम: दुल्हैड़ा चुंगी स्थित पूर्व जिला पंचायत सदस्य के कार्यालय पर शनिवार को बफावत गांव निवासी किसान नरेश कुमार की पुत्री प्रिया धनकड़ 2019 में यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई थी। तृतीय वर्ष की छात्रा प्रिया धनकड़ ने रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन की तबाही देखी।

02 7

केंद्र सरकार की पहल पर आपरेशन गंगा के तहत शनिवार को छात्रा प्रिया सकुशल भारत लौटी। शनिवार को दुल्हैड़ा चुंगी स्थित पूर्व जिला पंचायत सदस्य ललित चौहान के कार्यालय पर छात्रा के पहुंचने पर परिजनों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने छात्रा का स्वागत किया। छात्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। स्वागत के दौरान पिता नरेश कुमार, मां सुनीता देवी, पिछड़ा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष मनिंदर विहान भराला, जितेंद्र धनकड़, अंबुज विहान, मुकुल, दीपांशु धनकड़, राजा, मनोज, नीटू, हरेंद्र, नितिन बालियान, सागर, आशु आदि मौजूद रहे।

यूक्रेन से लौट कर आए छात्रों से घर पहुंचे चेयरमैन

फलावदा: कस्बे के मोहल्ला बंजारान निवासी हाजी जरीफ का पुत्र शान मोहम्मद तथा बैंक के पास रहने वाले डा. सुरेश विश्वास का पुत्र शंकर विश्वास एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गए हुए थे। अचानक यूक्रेन में हुई वॉर के चलते दोनों छात्र वहां फंस गए थे। तमाम जद्दोजहद के बाद गत दिवस दोनों छात्रों की घर वापसी हुई है।

03 4

शनिवार को नगर पंचायत के चेयरमैन अब्दुस समद तथा कांग्रेस के नेता सैयद रिहानउद्दीन ने दोनों छात्रों के घर पहुंच कर उनसे मुलाकात की। रिहान उद्दीन ने कहा कि सरकार को छात्रों की वापसी होने पर श्रेय लेने का ड्रामा नहीं करना चाहिए। इस मौके पर रिटायर्ड डीएसपी तसनीम अहमद भी मौजूद थे। बहरहाल यूक्रेन से वापस लौटे छात्रों के परिवारों में खुशी की लहर है।

यूक्रेन से लौटे छात्र आशुतोष के घर लगा तांता

मोदीनगर: यूक्रेन में चल रहे युद्ध के कारण वहां फंसे भारतीय छात्रों में मोदीनगर निवासी आशुतोष तिवारी अपने घर पहुंच गए। जिसके बाद परिवार में खुशी की लहर है। आशुतोष से मिलने के लिए उनके घर लोगों का तांता लगा हुआ है। आशुतोष ने बताया कि कुछ जगहों पर उन्हें थोड़ा कठिनाइयों का सामना जरूर करना पड़ा, लेकिन भारत सरकार की नीतियों के कारण वो सकुशल अपने परिवार में पहुंच गए हैं। आशुतोष ने यह भी बताया कि यूक्रेन से भारत आने के लिए उन से प्लेन का कोई भी टिकट का चार्ज नहीं लिया गया है वो यहां बिल्कुल फ्री अपने घर पहुंचे हैं।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
4
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Recent Comments