जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में स्लीपर बस के अंदर एक नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के साथ दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सरकारों पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक कई किलोमीटर की यात्रा के दौरान बस किसी भी चेकपॉइंट पर क्यों नहीं रोकी गई।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि इस घटना ने दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया कि बस ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली की रिंग रोड और सीमा क्षेत्र से होकर गुजरी, लेकिन कथित तौर पर कहीं भी उसकी जांच नहीं हुई।
स्लीपर बसों के पर्दों पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने स्लीपर बसों में सीटों के चारों ओर लगे पर्दों को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पर्दों की वजह से बस के अंदर क्या हो रहा था, यह बाहर से दिखाई नहीं देता। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि 2012 के निर्भया कांड के बाद स्लीपर बसों की निगरानी और जांच से जुड़े नियम बनाए जाने के बावजूद उनका प्रभावी तरीके से पालन क्यों नहीं हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बस के पर्दे सिर्फ घटना को छिपाने का माध्यम नहीं थे, बल्कि यह प्रशासन की कथित विफलताओं पर पर्दा डालने का प्रतीक भी हैं। राहुल गांधी ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए।
दिल्ली और यूपी पुलिस की जवाबदेही पर सवाल
राहुल गांधी ने पूछा कि इस मामले में दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की जवाबदेही तय की जाएगी या नहीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों के लिए सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जाने चाहिए।
उन्होंने केंद्र और दोनों राज्यों की सरकारों से मामले में जवाबदेही तय करने के साथ-साथ स्लीपर बसों की जांच और निगरानी से जुड़े नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की।
NHRC ने भी लिया मामले का संज्ञान
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी मामले का संज्ञान लिया है और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। वहीं, पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना को लेकर राहुल गांधी ने महिलाओं की सुरक्षा, सार्वजनिक परिवहन की निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए सरकारों से कार्रवाई की मांग की है।
16 वर्षीय किशोरी ने क्या आरोप लगाया?
पुलिस के मुताबिक, 16 वर्षीय किशोरी उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से नोएडा स्थित अपने रिश्तेदार के घर जा रही थी। 4 अगस्त की रात भारी बारिश और अंधेरे के बीच वह ग्रेटर नोएडा के परी चौक के पास एक स्लीपर बस में सवार हुई।
किशोरी ने आरोप लगाया कि यात्रा के दौरान बस के अंदर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस के अनुसार, कथित घटना परी चौक से नोएडा के सेक्टर-63 के बीच हुई। आरोप है कि बाद में किशोरी को दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके के पास छोड़ दिया गया।
पुलिस ने बस चालक और कंडक्टर को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, किशोरी कश्मीरी गेट ISBT थाने पहुंची, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद से बस को ट्रेस किया। इसके बाद बस चालक और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बस को भी जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक, किशोरी को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया था। समिति के निर्देश के बाद उसे उसके पिता को सौंप दिया गया। मामले की जांच अभी जारी है।

