जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आज यानी 1 सितंबर 2026 से नए महीने की शुरुआत हो गई है। हर महीने की पहली तारीख को कई ऐसे नियम और कीमतों से जुड़े बदलाव लागू होते हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। ऐसे में अगर आप जानना चाहते हैं कि 1 सितंबर से कौन-कौन से बड़े बदलाव हुए हैं और इनका आप पर क्या असर पड़ेगा, तो आइए जानते हैं।
पहला बदलाव: मुंबई में भैंस का दूध हुआ महंगा
मुंबई में 1 सितंबर से डेयरी फार्म से सप्लाई होने वाले भैंस के ताजा दूध की थोक कीमत बढ़ गई है। अब इसकी कीमत 93 रुपये से बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
मुंबई मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने थोक कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। नई कीमत 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। हालांकि, यह बढ़ोतरी थोक कीमत में हुई है। इसलिए जरूरी नहीं है कि ग्राहकों के लिए दूध की खुदरा कीमत भी सीधे 9 रुपये प्रति लीटर बढ़ जाए। खुदरा कीमत स्थानीय सप्लायर और दुकानदार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
दूसरा बदलाव: इंटरनेशनल यात्रा में बोर्डिंग पास पर स्टांप की जरूरत नहीं
1 सितंबर 2026 से भारत से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए इमिग्रेशन प्रक्रिया आसान हो गई है। अब यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर अपने बोर्डिंग पास पर स्टांप लगवाने की जरूरत नहीं होगी। यात्री मोबाइल पर इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास दिखा सकते हैं। इसके अलावा प्रिंटेड बोर्डिंग पास का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। इस बदलाव से एयरपोर्ट पर यात्रियों की डिपार्चर प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान और तेज होने की उम्मीद है।
तीसरा बदलाव: LPG ई-केवाईसी को लेकर अहम अपडेट
एलपीजी गैस सिलिंडर उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 थी। ऐसे में 1 सितंबर से जिन उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें गैस बुकिंग, सब्सिडी या घरेलू दर पर सिलिंडर मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, सिर्फ ई-केवाईसी नहीं कराने से गैस कनेक्शन तुरंत खत्म नहीं होगा।
चौथा बदलाव: कमर्शियल LPG सिलिंडर के दाम बढ़े
1 सितंबर से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलिंडर की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली से लेकर पटना तक इसके दाम में 9.50 रुपये प्रति सिलिंडर की वृद्धि की गई है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू LPG सिलिंडर की कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
पांचवां बदलाव: ITR की डेडलाइन को लेकर जरूरी जानकारी
अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करते हैं, तो इसकी डेडलाइन को लेकर यह जरूरी अपडेट जान लें।
जिन टैक्सपेयर्स की आय बिजनेस या प्रोफेशन से है और जिनके खातों का ऑडिट कराना जरूरी नहीं है, उनके लिए Assessment Year 2026-27 का ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 थी। यह डेडलाइन मुख्य रूप से पात्र टैक्सपेयर्स के ITR-3 और ITR-4 से जुड़ी थी।
अगर कोई पात्र टैक्सपेयर तय तारीख तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाया है, तो लागू नियमों के तहत बिलेटेड ITR दाखिल किया जा सकता है। हालांकि, इस पर लेट फाइलिंग से जुड़े नियम और शुल्क लागू हो सकते हैं।

