Friday, July 30, 2021
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अलीपुर पहुंचे डीएम, निगरानी समिति को सौंपी जिम्मेदारी

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  • अलीपुर में 10 दिन में 18 की मौत की खबर छपने के बाद सख्त हुए डीएम

जनवाणी संवाददाता |

सरधना: अलीपुर गांव में 10 दिन में 18 लोगों की मौत होने और एक दिन में 18 लोग कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद सोमवार को डीएम के. बालाजी पूरे अमले के साथ गांव पहुंच गए। उन्होंने निगरानी समिति के साथ मीटिंग करते हुए ग्रामीणों को जागरूक करने पर जोर दिया।

जागरूकता की जिम्मेदारी सौंपते हुए गांव की देखभाल करने को कहा। साथ ही बीमार ग्रामीणों का अच्छे से इलाज करने के लिए सख्त हिदायत दी। एसडीएम व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि यदि किसी की भी लापरवाही सामने आई तो बख्शा नहीं जाएगा। हर एक व्यक्ति को कोरोना महामारी से बचाना हमारी जिम्मेदारी है।

ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना ने हालत खराब कर रखी है। ग्रामीण इलाकों में अचानक मौत का आंकड़ा बढ़ गया है। जांच के अभाव में मौत के सही कारणों का पता नहीं चल पा रहा है। सरधना के अलीपुर गांव में करीब 10 दिन में 18 लोगों की मौत का मामला सामने आया।

स्वास्थ्य विभाग ने अलीपुर टीम भेजकर जांच कराई तो एक ही दिन में 18 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले। अलीपुर की हालत अखबारों की सुर्खियां बनी तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सोमवार को डीएम के. बालाजी पूरे अमले के साथ अलीपुर पहुंच गए। उन्होंने गांव का दौरा करते हुए ग्रामीणों से बात की।

साथ ही निगरानी समिति के साथ मीटिंग की। कहा कि वह ग्रामीणों को जागरूक करें। यदि किसी में कोरोना के लक्षण दिखाई पड़ते हैं तो उनका उपचार कराएं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी सख्त हिदायत दी कि जिम्मेदारी के साथ काम करें। अधिकारियों से डीएम ने दो टूक कहा कि लोगों को कोरोना से बचाना हमारी जिम्मेदारी है। यदि किसी की भी लापरवाही सामने आई तो बख्शा नहीं जाएगा। डीएम ने सरधना सीएचसी व नगर पालिका का भी निरीक्षण कियास। इस मौके पर एसडीएम अमित कुमार भारतीय व बीडीओ सुनीत कुमार भाटी भी मौजूद रहे।

अस्पताल का किया निरीक्षण

डीएम के. बालाजी ने सरधना सीएचसी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में बने 10 बेड के कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण किया। व्यवस्थाओं को देखा। साथ ही सीएचसी प्रभारी व बीडीओ से कहा कि ग्रामीण इलाकों में लोगों को जागरुक करने का काम करें।

कोविड केयर सेंटर का किया शुभारंभ

सरधना सीएचसी में निरीक्षण करने के बाद डीएम के. बालाजी ने अस्पताल में बने 10 बेड के कोविड केयर सेंटर को इस्तेमाल में लाने के लिए हरी झंडी दे दी। कहा कि कोविड के मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना शुरू कर दें। क्षेत्र में भी लोगों तक सूचना पहुंचा दें कि घबराने की जरूरत नहीं है। यदि कोई कोरोना पॉजिटिव आता है और उसका उसका आॅक्सीजन लेवल कम हो रहा है तो अस्पताल में आकर भर्ती हो सकता है। उसका पूरा इलाज किया जाएगा।

मोदीपुरम: देहात में बेकाबू हो गया कोरोना महामारी का प्रकोप

कोरोना वैश्विक महामारी का प्रकोप देहात क्षेत्र में लगातार बढ़ता ही जा रहा है एक के बाद एक गांव में मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले दौराला क्षेत्र अब मोदीपुरम क्षेत्र और लावड़ क्षेत्र के गांव में कोरोना की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। जिसके चलते देहात क्षेत्र में 100 से अधिक मौतें, अब तक दौराला ब्लॉक में हो चुकी हैं। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयंकर हो जाएगी। चिकित्सा विभाग के चिकित्सक दावा कर रहे हैं कि देहात क्षेत्र में कोरोना की जांच लगातार बढ़ रही है।

इसकी रोकथाम के लिए भी देहात क्षेत्र में शिविर लगाए जा रहे हैं। जिसके चलते देहात क्षेत्र में इस बीमारी की रोकथाम के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। लावड़ क्षेत्र के जलालपुर, मीठापुर, बिसौला, भगवानपुर समेत आधा दर्जन गांव में कोरोना का प्रकोप फैल रहा है। यहां 20 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। दौराला क्षेत्र के मटौर, वलीदपुर, सकौती, दुल्हैड़ा, समेत आधा दर्जन से अधिक गांव में 30 से अधिक मौत हो चुकी है।

मोदीपुरम क्षेत्र में भी 50 से अधिक लोगों की कोरोना के प्रकोप से मौत हो चुकी है। कोरोना का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। शासन-प्रशासन द्वारा इस प्रकोप को रोकने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। अगर हालात यही रहे तो आने वाले दिनों में कोरोना का प्रकोप बेकाबू हो जाएगा।

कंकरखेड़ा: सिंधावली गांव में 15 दिन में नौ मौत, चार मरीजों का गांव में ही चल रहा उपचार

सिंधावली गांव में कोरोना के चलते 15 दिन में नौ लोगों की मृत्यु हो गई। चार लोगों का गांव में ही इलाज चल रहा है। गांव की हालत पंचायत चुनाव के बाद गंभीर हो गई है। हर तरफ भय व्याप्त है। बुखार होने पर आदमी भयभीत होते जा रहे हैं। इतनी मृत्यु से ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। सब ओर प्रार्थना की जा रही है कि हालात ठीक हो जाए।

कोरोना वैश्विक महामारी के चलते सिंधावली गांव में 15 दिन के अंदर नौ ग्रामीणों की मौत हो गई। सभी की मौत बुखार और फेफड़ों में इंफेक्शन होने के कारण होना बताई गई है। इन हादसे के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हर तरफ लोग भयभीत नजर आ रहे हैं। अब भी सैकड़ों की संख्या में बुखार से पीड़ित हैं और चार की हालत गंभीर है। जिनको गांव में ही आॅक्सीजन लगाई गई है।

ग्रामीण राहत का कहना है कि इन 15 दिन में जावेद (40), मुन्नी (32), परवीन (35) रोशनी (42) शिकोकर सहित नौ ग्रामीणों की मौत हो गई। जिनकी आयु 30 से 42 साल के बीच ही थी। इन घरों में हाहाकार मचा है। इनके अलावा मोहम्मद नाजिम व हाजी केसर सहित करीब आधा दर्जन ग्रामीण घरों में क्वारंटाइन है। जिनका इलाज चल रहा है और आॅक्सीजन लगी है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम को आकर जांच करनी चाहिए, लेकिन टीम अभी तक गांव में नहीं पहुंची। उनका कहना है कि पंचायत चुनाव के बाद गांव के हालात एकदम बदल गए हैं। बीमारी लोगों में फैलती गई और मौत होती गई। अब ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। हर तरफ भयभीत लोग नजर आते हैं। बुखार से सैकड़ों लोग पीड़ित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में आए और जांच के बाद दवाई बीमार लोगों को दी जानी चाहिए।

फलावदा: नंगला काटर में फिर हुई एक संक्रमित की मौत

क्षेत्र के गांव नंगला काटर में चल रहे मौत के सिलसिले की शृंखला में उस समय एक कड़ी और जुड़ गई जब कोरोना से पीड़ित ग्रामीणों ने दम तोड़ दिया। पॉजिटिव रिपोर्ट आने के कुछ दिन बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा उसकी निगेटिव रिपोर्ट दी गई थी। ग्रामीण की मौत के बाद गांव वालों ने उसका दाह संस्कार कर दिया।गांव नंगला काटर निवासी 52 वर्षीय रोहताश पुत्र पुन्नू पिछले दिनों कोरोना संक्रमित हो गया था।

जांच में उसके संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। इलाज के दौरान वह स्वस्थ हो गया तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई जांच में उसकी रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आ गई थी। कुछ दिन बाद उसकी फिर से हालत खराब हो गई। उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। वह मधुमेह रोग से भी पीड़ित था। गत दिवस उसने दम तोड़ दिया। रोहताश की मौत के बाद ग्रामीणों ने उसके शव का गांव में ही दाह संस्कार कर दिया। बता दें कि इस गांव में पिछले दिनों से लगातार हो रही मौतें दहशत का सबब बनी हुई है। कुछ दिन में ही यह 11वीं मौत बताई जा रही है। गांव में मौत के इस सिलसिले से ग्रामीण भयभीत चल रहे हैं।

मोदीपुरम: हुक्मरानों जरा इधर भी देख लो! कोविड-19 महामारी में भी गरीबों से हो रहा खिलवाड़

कोविड-19 महामारी के प्रकोप ने जहां देश भर को झकझोर दिया। वहीं, त्रिस्तरीय पंचाय चुनाव के बाद देहात क्षेत्र में कोरोना वैश्विक महामारी क ा प्रकोप तेजी से फैलने से अब गरीब भी इस बीमारी की जद में आ गए है। तेजी से फैली इस बीमारी के बाद अब प्राइवेट अस्पताल संचालक इस महामारी में मदद करने के बजाय मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने में लगे हुए हैं।

बिल हजारों में नहीं बल्कि लाखों रुपये में बनाने में लगे हुए हैं, लेकिन इन अस्पताल संचालकों पर किसी की निगाह नहीं दिखाई दे रही है। हुक्मरान भी इसे देखकर नजर अंदाज कर रहे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ का कोविड-19 को लेकर जायजा लिया। मुख्यमंत्री के समक्ष प्राइवेट अस्पताल संचालकों की मनमानी का मामला उठा और मोटी रकम का बिल बनाकर उसे वसूलने की शिकायत की थी।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रशासन को हिदायत दी गई कि ऐसे अस्पताल संचालकों पर शिकंजा कसा जाए, लेकिन इन अस्पतालों की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है। यह अस्पताल संचालक अब भी मनमानी पर उतारु हो रहे हैं और गरीबों की जेब में डाका डाल रहे हैं। ऐसे में इन अस्पताल संचालकों पर कब प्रशासन द्वारा शिकंजा कसेगा। यह सवाल परेशानी में डाल रहा है।

मोदीपुरम में यह अस्पताल कर रहे मनमानी: एसडीएस ग्लोबल अस्पताल, सर्वहित अस्पताल, गंगाराम अस्पताल, कंकरखेड़ा में कैलाशी अस्पताल, दौराला में आर्य व्रत अस्पताल, मलिक नर्सिंग होम में मनमानी की जा रही है। यहां मरीजों को भर्ती करके उनका दोगुना बिल बनाकर मनमानी की जा रही है।

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