Wednesday, September 22, 2021
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कोरोना काबू में आ रहा या सिर्फ आंकड़े ?

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रामबोल तोमर |

मेरठ: अगर सरकारी आंकड़े सही है तो मेरठ के लिए अच्छे संकेत हैं…। सोमवार को 29 दिन बाद कुल 690 लोग कोरोना पॉजेटिव के नए केस मिले। इससे पहले 18 अपै्रल को 716 मरीज पॉजेटिव आये थे। इस तरह से संक्रमण दर कम आयी। इस तरह से संक्रमण रोगियों की संख्या कम हुई है। 19 अपै्रल को 7905 टेस्ट हुए 741 पॉजेटिव मिले, जबकि चार लोगों की मौत सरकारी आंकड़ों में दर्शायी गयी। 20 अपै्रल को 891 पॉजेटिव मरीज मिले, जबकि 21 अप्रैल को यह संख्या बढ़कर 1240 पर पहुंच गई।

22 अपै्रल को 1198 केस मिले, 23 को 6634 टेस्ट हुए, जबकि संक्रमित मिले 1634, 24 अपै्रल को 9141 टेस्ट हुए तथा 1288 संक्रमित मिले। 25 अपै्रल को 7886 टेस्ट हुए तथा संक्रमित मिले 1559। 26 अपै्रल को 1501 पॉजिटिव मिले। इस तरह से 10 हजार से ज्यादा टेस्ट जब तक हुए तब तक कोरोना संक्रमितों की संख्या एक हजार प्लास ही निकलती रही, लेकिन अचानक टेस्ट जांच कम कर दी गई, जिसके चलते ही यह आंकड़ों का खेल हुआ।

वर्तमान में जांच की हालत यह है कि पांच हजार और सात हजार तक ही की जा रही है। इससे ऊपर जांच फिलहाल नहीं की जा रही है, जिसके चलते कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा अचानक कम हो गया है। यह जांच का आंकड़ा पिछले पांच दिन से कम कर दिया गया है। यह कोरोना काबू में आ रहा है या सिर्फ आंकड़े? यह बड़ा सवाल है। जब पहले टेस्ट 10 हजार प्लस हो रहे थे तो फिर सीएम योगी आदित्यनाथ के आगमन से ठीक पहले टेस्ट की संख्या छह हजार व पांच हजार कर दी गई।

जिसके चलते संक्रमितों की संख्या का ग्राफ खुद ही नीचे पहुंच गया। आंकड़ों से अब कोरोना को हराया जा रहा है। वास्तविकता यह है कि कोरोना की जो जांच पहले हो रही थी, उससे ज्यादा जांच होनी चाहिए थी। क्योंकि गांव में कोरोना व्यापक स्तर पर फैल गया है, जहां पर हर रोज दस हजार टेस्ट होने चाहिए, लेकिन यहां तो सिर्फ छह हजार टेस्ट पर शहर और गांव दोनों को ही समेट दिया गया है।

अब जांच की बजाय ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना किट बांटी जा रही है। जिस किसी को भी बुखार, खांसी और अन्य कोरोना के लक्षण मिल रहे हैं, मरीज की जांच कराने से पहले कोरोना किट थमा दी जाती है। इसलिए यह आंकड़ा कोरोना संक्रमण में आता ही नहीं है, जिसकी जांच होगी, तभी कोरोना संक्रमण में आंकड़ा आएगा। इस तरह से स्वास्थ्य विभाग ने किट बांटों, टेस्ट कम करो।

यह अभियान चला दिया है। किसी मरीज की हालत बिगड़ने के बाद ही कोरोना की जांच कराई जा रही है। 16 मई को 5699 टेस्ट कराये गए, जिसमें 797 लोग कोरोना संक्रमित मिले। अब इसे संयोग कहे या फिर आंकड़ों का खेल सरकारी सिस्टम ने शुरू कर दिया है। ऐसा करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी गुमराह किया जा रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक सीएचसी को 300 जांच किट दे रहे हैं।

जिसमें एक सौ किट सीएचसी पर रखी जाती है, जबकि 50-50 किट दो अलग-अलग टीम को लेकर भेजा जाता है। इस तरह से सीएचसी पर 200 किट ही जांच की जाती है। कम जांच होगी तो संक्रमित भी कम ही निकलेंगे। इसी फंडे पर अब ज्यादा काम किया जा रहा है। इससे आंकड़े की बाजीगिरी तो हो सकती है, लेकिन हालात और भी ज्यादा खराब होने की संभावनाएं बन जाएगी।

संक्रमितों के आंकड़े हो गए 60,000 पार

कोरोना का प्रकोप भले ही कागजों पर कम दिखाया जा रहा हो, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। सोमवार को जारी रिपोर्ट में 5100 टेस्टिंग में 447 लोग संक्रमित निकले और 13 लोगों की मौत हुई है।

सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि कोरोना का ग्राफ लगातार कम होता जा रहा है। एक समय 2445 संक्रमित एक दिन में निकले थे, जो घटकर 447 तक पहुंच गई है। हालांकि टेस्टिंग भी कम हुई है। अभी तक जनपद में 60,000 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं।

दूसरी लहर में अब तक 45 दिनों में 40,000 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। कोरोना से अब तक कुल 628 लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरी लहर में 230 से अधिक लोग मर चुके हैं। वहीं सोमवार की रिपोर्ट में कहा गया कि 1483 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं। जबकि 6180 लोग घर में रहकर इलाज करा रहे हैं। मेरठ में इस वक्त 16466 लोग फिलहाल कोरोना से बीमार चल रहे हैं।

मवाना मिल के एमडी की कोरोना ने ली जान

मवाना चीनी मिल के एमडी सिद्धार्थ श्रीराम का सोमवार सुबह कोरोना के चलते निधन हो गया। उनका गुड़गांव के के मेदांता अस्पताल में इलाज कराया जा राहा था। लगभग 77 वर्षीय सिद्धार्थ श्रीराम लगभग एक माह से कोरोना संक्रमण के चलते बीमार चल रहे थे और गुड़गांव मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। सोमवार सुबह उनका निधन हो गया। उनके निधन की सूचना से शुगर मिल में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी गिनती जाने माने उद्योगपतियों में होती थी। उनके निधन से चीनी मिल से जुड़ हजारों किसानों में भी शोक की लहर दौड़ गई है। श्रीराम ग्रुप की मवाना व नंगलामल चीनी मिल मिल क्षेत्र के हजारों लोगों को रोजगार से जोड़े हुए हैं।

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