- कोहरा पड़ने के कारण जनजीवन पर दिख रहा असर, दोपहर तक छाया रहा कोहरा
- सड़कों पर वाहन रेंगते आए नजर, बाजारों में भी लोगों की भीड़ भी रही कम
जनवाणी संवाददाता |
बागपत: लगातार कोहरा बढ़ने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोहरा का असर साफ जनजीवन पर दिखाई दे रहा है। यहां शनिवार को दोपहर तक कोहरा छाने से वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दिल्ली-यमुनोत्री हाइवे, बागपत-मेरठ मार्ग, चमरावल आदि मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। यहां कोहरा होने के कारण ही सड़कों व बाजारों में भीड़भाड़ कम रही। इससे लोगों को ठंड का अहसास भी काफी हुआ, जिससे बचने के लिए लोगों को आग का सहारा लेना पड़ा।
यहां कई दिन से दिन में धूप निकलती है तो रात में कोहरा पड़ना शुरू हो जाता है। पिछले कई दिनों से कोहरा पड़ रहा है, जिससे शुक्रवार की रात को घना कोहरा हो गया। शनिवार की सुबह जैसे ही लोग सोकर उठे तो चारों ओर घना कोहरा छाया हुआ था।
इस कोहरे का असर जन जीवन पर दिखाई दिया, जिससे सड़कों व बाजारों में भीड़भाड़ कम हो गयी। सड़कों पर वाहन भी रेंगते हुए नजर आये, जबकि स्टेशन से चलने के लिए ट्रेनों को काफी समय लेना पड़ा। इससे तापमान भी काफी नीचे पहुंच गया है और लोगों की कंपकंपी बंध गयी। ठंड से बचने के लिए लोगों ने आग का सहारा भी लिया और लोगों को अपने प्रतिष्ठान या दुकानों पर आग का सहारा लेकर ठंड दूर करनी पड़ी।
इस तरह अचानक मौसम में उतार-चढ़ाव से बीमारियां भी बहुत अधिक हो रही है। इस कोहरे का कहर अभी जारी रहने की संभावना है और इसके साथ ही ठंड भी बढ़ती जाएगी। यहां तापमान अभी नीचे पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। पूरा दिन धूप नहीं निकलने के कारण लोगों को ठंड का अहसास हो गया और वह गर्म कपड़े पहनकर घरों से बाहर निकले। दिल्ली-यमुनोत्री हाइवे, बागपत-मेरठ मार्ग, चमरावल मार्ग सहित आदि मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए और उन्हें लाइट जलाकर वाहनों को आगे चलाना पड़ा। इसके कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सड़क किनारे वाहन हुए खड़े
शनिवार की सुबह घना कोहरा होने के कारण वाहन चालकों को सड़क किनारे ही वाहनों को खड़ा करना पड़ा, क्योंकि लाइट जलाकर भी आगे का कुछ नहीं दिखाई दे रहा था। इसके कारण उन्हें वाहन खड़ा करके कोहरा छटने का इंतजार करना पड़ा। जब कोहरा छट गया तब जाकर वह आगे बढ़े। कोहरा पड़ने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

