Monday, March 1, 2021
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इमरजेंसी सेवा प्रारंभ न होने से घालय तोड़ रहे दम

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  • कोविड-19 के बाद झिंझाना सीएचसी पर ओपीडी प्रारंभ

जनवाणी संवाददाता |

झिंझाना: कोरोना महामारी के बाद झिंझाना सीएचसी पर ओपीडी और गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के लिए जहां सेवा शुरु कर दी गई है, वहीं अभी आपातकालीन सेवा शुरु नहीं होने से दुर्घटना में घायल लोगों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। जिससे क्षेत्र के लोगों ने अस्पताल पर आपात सेवा शुरु करने की मांग की है।

वैश्विक महामारी कोरोना को फैले करीब एक वर्ष हो चुका है। देश में जब कोरोना की दस्तक हुई तो सरकार द्वारा सुरक्षा के चलते लॉकडाउन लगा दिया था। जिसके बाद झिंझाना सीएचसी को जनपद का कोविड-19 अस्पताल में परिवर्तित कर दिया गया था।

जिससे कारण क्षेत्र के मरीजों के लिए ऊन अस्पताल पर ईलाज के लिए भेजा जाने लगा लेकिन कोरोना महामारी से स्थिति सामन्य होने पर सीएचसी पर नार्मल ओपीडी सेवा शुरु कर दी गई है।

जिससे क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली और उपचार के लिए बुखार, खांसी की दवाई सीएचसी पर मिलने लगी। लेकिन क्षेत्र के लोगों की मांग पर लगभग दो सप्ताह पूर्व गर्भवती महिलाओं की डिलवरी सेवा भी अस्पताल में शुरु हो गई है। जिससे हर रोज अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है और दो से तीन गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी भी हो रही है।

दूसरी ओर, अब तक अस्पताल में आपातकालीन सेवा शुरू नहीं होने से मेरठ-करनाल हाईवे पर होने वाले हादसों में घायल लोगों को जल्दी उपचार नहीं मिल पाता है।

क्योंकि हादसे में घायल को लेकर एबुंलेस पहले ऊन अस्पताल जाती है उसके बाद उसको जिला अस्पताल के लिए रेफर किया जाता है जिससे लगभग एक से दो घंटे लग जाते हैं। क्योंकि झिंझाना क्षेत्र मे मेरठ-करनाल हाईवे पर आये दिन एक से दो एक्सीडेंट होते रहते हैं जिसके कारण घायल को करंट मे उपचार नहीं मिल पाता है।

अगर परिजन घायल मरीज को सीधे शामली ले जाने के लिए बोलते हैं तो एबुंलेंस चालक मरीज को सीधे शामली ले जाने से मना कर देते हैं जिसे पहले ऊन अस्पताल ले जाया जाता है। उसके बाद ही उसको वहां से जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। जिसके कारण सही उपचार देरी से मिलने पर कई लोगों की जाने चली गई है।

इसी परेशानी के चलते झिंझाना सीएचसी पर आपातकालीन सेवा शुरु करने की मांग की गयी है। ऊन प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. सलीम ने बताया कि जनपद में डाक्टरों की कमी है। जिसके लिए उच्चधिकारियों को अवगत कराया गया है। सीएचसी पर डाक्टरों की नियुक्ति होने पर आपातसेवा भी शुरु कर दी जाएगी।

एसडीएम ऊन मणि अरोरा से जब अस्पताल में आपातसेवा शुरु करने के बारे में जानकारी की तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में सीएमओ से बात हुई है। उन्होंने जल्द ही सेवा शुरु कराने का आश्वशन दिया है।

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