- इस वर्ष महिला कांवड़ियों की संख्या में हुआ इजाफा, जल चढ़ाने के लिए दिखी उत्सुक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोई काम नहीं है मुश्किल, जब किया इरादा पक्का। महादेव से तमाम मनोकामनाएं लेकर महिलाओं ने 150 किमी से अधिक का सफर तय करके काली पलटन मंदिर में इस आस्था के साथ प्रवेश किया कि महादेव उनके परिवार के कष्टों को दूर करेंगे।

बता दें कि गत वर्षो की अपेक्षा इस वर्ष काली पलटन मंदिर में महिला कांवड़ियों की संख्या काफी देखी जा रही है। मंदिर के प्रवचन सभागार में महिलाए ही महिलाएं दिख रही है। कोई इसमें पहली बार कांवड़ लेकर आई है तो कोई अपनी बेटी के साथ कई मन्नतों को लेकर हर की पौड़ी से गंगा जल लेकर तमाम कष्टों के बावजूद भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था के दम पर मंदिर पहुंची है। इन महिलाओं का कहना है कि उनके पास जबरदस्त इच्छा शक्ति थी जिससे उमस भरी भीषण गर्मी और कड़ी तेज बारिश के बाद भी उन्होंने अपने पांवों को डगमगाने नहीं दिया।

कुछ उम्रदराज महिलाओं के हौसले देखते बनते थे जो अपने जीवन में कई बार कांवड़ ला चुकी है। कुछ कम उम्र की बच्चियां थी जो अपनी मां के साथ मन में सपनों के राजकुमार और धन धान्य होने की कामना लेकर जल लेकर आई थी। जनवाणी टीम ने जब महिला कांवड़ियों से बातचीत की तो उन्होंने अपनी बात कुछ प्रकार सांझा की।

हरिद्वार से कांवड़ लेकर औघड़नाथ मंदिर पहुंची ललिता ने बताया कि भोले बाबा सब की मुराद पूरी करते हैं, उसी की वजह से मैं भी उनके दर पर मन्नत लेकर गई थी। मेरे पति बीमार रहते है मैने बाबा से अरदास की है की उनका स्वास्थ्य जल्द से जल्द सही हो जाए। परतापुर निवासी सलोनी ने बताया कि कई साल से कांवड़ ला रही हूं। मन्नत जो बाबा से मांगी थी वो पूरी हो गई इस लिए इस वर्ष भोलेनाथ के दर पर उनका शुक्रिया अदा करने आई हूं। भोले बाबा इस तरह की सभी पर आर्शीवाद बनाए रखे।
प्रेमवती ने बताया कि 12 साल से कांवड़ ला रही हूं। ताकि परिवार में सुख शांति बनी रहे। शिव शंकर सबकी इच्छा पूरी करते है। सुमन ने बताया कि छह साल से कांवड़ ला रही हूं। परिवार सुखी रहे यही भोले से कामना है। उन्होंने बताया कि गर्मी का असर भी हम पर नहीं हुआ क्योंकि भोले बाबा इतनी शक्ति प्रदान कर देते है कि शारीरिक कष्ट का अनुभव तक नहीं होता है।
साधना ने बताया कि अपनी बेटी के लिए कांवड़ लेकर आई हूं ताकि उसको अच्छा वर मिल सके। बेटी भी मेरे साथ हरिद्वार से जल लेकर आई है।
कांवड़ यात्रा में चल रहे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक तिरंगा
कोरोना महामारी के बीच दो वर्ष तक बंद रहने के बाद शुरू हुई कांवड़ यात्रा में शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। धार्मिक कांवड़ यात्रा के साथ-साथ शिवभक्त राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक तिरंगा लेकर चल रहे हैं। सोमवार को कांवड़ यात्रा अपने लगभग अंतिम दौर में पहुंच गई है।
देर रात तक अधिकांश कांवड़िये जल लेकर गंतव्य तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। इस बीच कांवड़ियों में राष्ट्रभक्ति का जज्बा देखते ही बन रहा है। छोटी हो या बड़ी हर दूसरी कांवड़ पर राष्ट्रीय ध्वज नजर आ रहा है। कई कांवड़ तो तिरंगे रंग में ही तैयार की गई हैं। वहीं कई कांवड़ पर तिरंगे रंग की लाइटें लगाई जा रही हैं। कुल मिलाकर शिवभक्ति के साथ देशभक्ति भी कांवड़ यात्रा में दिख रही है।

थाना लालकुर्ती क्षेत्र के रहने वाले जतिन ने बताया कि वे 22 वर्ष से कांवड़ ला रहे हैं और इसमें उन्हें संतुष्टि मिलती है। उनका कहना है कि सरकार की व्यवस्था बहुत अच्छी है। खरखौदा निवासी मुन्नी ने बताया कि वह 10 वर्षों से लगातार कांवड़ लेकर आ रही है। भगवान शिव के प्रति आस्था के कारण उसके उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर कांवड़ सेवा शिविरों में समुचित व्यवस्था देखने को मिली हैं। सलावा के रहने वाले मनीष कुमार ने बताया कि वह हरिद्वार से आ रहे हैं। वे लगभग हर वर्ष कांवड़ लेकर आते हैं।
कांवड़ यात्रा: भोलों में लगी शिवालयों तक पहुंचने की होड़
सरधना: सोमवार को भोलों में शिवालयों तक पहुंचने की होड़ लगी रही। कांवड़िया तेज गति के साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़े जा रहे थे। सेवादारों के रोकने पर भी भोले शिविरों में नहीं रुक रहे थे। आज शिविरात्रि पर शिवालयों में भगवान आशुतोष का जलाभिषेक होना है। इनमें कुछ भोले मंदिरों में पहुंचने लगे हैं। गंगनहर पटरी पर डाक कांवड़ियों की संख्या भी काफी रही। वहीं पुलिस-प्रशासन ने भी कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न कराने के लिए ऐडी-चोटी के जोर लगा दिए हैं।

सोमवार से जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया है। आज के चलते शिविरात्रि पर शिवालयों में भगवान भोले शंकर का जलाभिषेक होना है। समय कम होने के चलते सोमवार को भोलों में शिवालयों तक पहुंचने के लिए होड़ लगी रही। गंगनहर और रजवाहा पटरी पर भोले तेजी से बढ़े जा रहे थे।
रजवाहे की पटरी पर कांवड़ियों के जत्थे तेज चाल के साथ पुरामहादेव जा रहे थे। सेवादार सेवा करने के लिए उन्हें रोक रहे थे, लेकिन कांवड़ियों शिविरों में रुके। नगर के शिवालयों में अधिकांश भोले पहुंच चुके हैं। गंगनहर पटरी पर डाक कांवड़ियों की काफी भीड़ रही। वहीं कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन की सांसे थमी हुई हैं।
बोल बम और सीएम के फूलों की बरसात के साथ जोश से आगे बढ़े भोले
रोहटा: यमुनोत्री, गंगोत्री व हरिद्वार से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों का कांवड़ मार्ग गंगनहर पटरी पर पूरा सैलाब उमड़ पड़ा है। केसरिया रंग में रंगी और बोल बम के उद्घोष से गंगनहर पटरी पर माहौल शिवमय बनते ही दिखता है। गंगनहर पटरी पर हेलीकॉप्टर से सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई पुष्प वर्षा को लेकर शिवभक्तों के चेहरे खिल उठे और जयकारा वीर बजरंगी व हर-हर महादेव के जोर-जोर से नारे लगाते हुए जोश के साथ आगे बढ़े। डाक कांवड़ लेकर लौटने वालों की संख्या में काफी भी इजाफा रहा। कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस का सख्त पहरा रहा।
केसरिया रंग में रंगी रजवाहा पटरी
सरूरपुर: राइट सलावा माइनर यानी रजवाहा पटरी पर डाहर, सरूरपुर, करनावल, नारंगपुर, लाहौरगढ़ व भदौड़ा आदि स्थानों पर शिवभक्तों के लिए शिविरों में स्थानीय लोगों ने सेवा की। रजवाहा पटरी भी पूरी तरह से केसरिया रंग में रंगी हुई नजर आई। रजवाहे में नहाकर थकान और गर्मी मिटाने वाले भोलों को डीजे पर जमकर थिरकते हुए देखा गया। आज शिवभक्त पुरामहादेव व अन्य ऐतिहासिक मंदिरों पर जलाभिषेक करेंगे। हर्रा कस्बा में चेयरपर्सन पति गुलजार चौधरी ने शिवभक्तों फूल वर्ष कर स्वागत किया।

