Sunday, April 21, 2024
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हर कोई जीत और हार की बाजीगरी में उलझा

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  • कुटिया में दैनिक जनवाणी के साथ साझा की अपनी उम्मीदें

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हो गया। प्रत्याशी जहां घर में बैठकर अपने परिवार के साथ आराम फरमाते हुए चुनावी गुणा भाग में लगे हुए हैं। वहीं, पूरा शहर राजनीतिक दलों के जीतने और हारने की चर्चा में लग गया है। दैनिक जनवाणी ने शहर के प्रसिद्ध चकल्लस केन्द्र कुटिया पर लोगों से बात की और जानने की कोशिश की आखिर सात सीटों का भविष्य क्या है। हर कोई अपनी पार्टी को जीतने वाला बता रहा है।

कुटिया में गरमागरम चाय की चुस्कियां ले रहे लोगों से जब बात की गई तो उनमें से कुछ लोगों का कहना था कि परिवर्तन की लहर चल रही है और पहला चरण परिवर्तन की ओर इशारा कर रहा है। संजय बंसल और सचिन तोमर ने कहा कि अखिलेश और जयंत चौधरी की जोड़ी ने राजनीतिक समीकरण बिगाड़ दिये हैं और उसका मेरठ की सात सीटों पर पड़ेगा। कुटिया में मौजूद में चौधरी ओमवीर समेत कुछ लोग बोल पड़े साठ सत्तर सीटें भले कम हो, लेकिन सरकार भाजपा ही बनाएगी। तभी एक बुजुर्ग ब्रजभूषण ने कहा कि जो भी जीते वो विकास की बात करें, क्योंकि विधायक बनने के बाद लोग आंखें फेर लेते हैं।

मतदान बाद चुनावी शतरंजी वोटों की गुणा-भाग में रहे व्यस्त

पहले चरण के मतदान के बाद शुक्रवार को पूरा दिन चुनाव के शतरंजी खिलाड़ी जाति आधार पर वोटों के गुणा-भाग में व्यस्त रहे। शहर सीट की बात करें तो कोई कह रहा है कि हिंदुओं का मतदान प्रतिशत मुसलमानों से अधिक हुआ तो कोई इसे नकार रहा है। बरहाल यह संकेत जरूर दिखाई दे रहे हैं कि इस सीट पर भाजपा व सपा-रालोद गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है।

शहर सीट पर चुनाव के शतरंजी खिलाड़ी बताते हैं कि इस सीट पर लगभग दो लाख का पोल हुआ। जिसमें हिंदुओं का पोल प्रतिशत मुसलमानों से ज्यादा है, लेकिन कांग्रेस के प्रत्याशी ने मुसलमानों से ज्यादा हिंदुओं की वोट का समर्थन प्राप्त किया। उधर, जिले की सातों सीट पर नजर डाले तो गठबंधन के खाते में कैंट व दक्षिण को छोड़ अन्य पांच सीट जाने की उम्मीद शतरंजी खिलाड़ी लगा रहे हैं। जिले की पांच सीट गठबंधन को मिलने की उम्मीद से ऐसा लगता है कि जनता परिवर्तन का मूड बनाए हुए हैं।

बरहाल पहले चरण का मतदान हो चुका है और सभी प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया है। 10 मार्च को मतगणना के दौरान ईवीएम का पिटारा खुलने पर ही पता चलेगा कि साइकिल जिले की कितनी सीटों पर काबिज होती है और भाजपा को कितनी सीटें प्राप्त होंगी।ों रहे व्यस्त

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